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मूल्यांकन में बरती लापरवाही, तो होंगे डिबार
Updated Fri, 14 Jul 2017 02:19 AM IST
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वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ अब परीक्षकों की लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई करने की तैयारी कर रहा है। मौजूदा वक्त में परीक्षकों द्वारा मूल्यांकन में लापरवाही बरतने के कई मामले सामने आए हैं। कई छात्र शिकायत लेकर भी विश्वविद्यालय प्रशासन के पास पहुंचे हैं। आरटीआई के जरिये उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में परीक्षकों की साफ लापरवाही देखने को मिल रही है। इसे देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने ऐसे परीक्षकों को डिबार करने का फैसला लिया है। इसका प्रस्ताव अगली परीक्षा समिति में भी रखा जाएगा।
काशी विद्यापीठ के कई छात्रों ने सेमेस्टर परीक्षाओं के मूल्यांकन में परीक्षकों की लापरवाही की शिकायत की है। परीक्षा में जब उन्हें कम अंक मिले तो उन्होंने आरटीआई के तहत अपनी उत्तर पुस्तिकाएं देखीं। उत्तर पुस्तिका में सवालों के जवाब लिखे होने के बावजूद कहीं अंक नहीं दिया गया तो कहीं अंक दिया है तो पूर्णांक में सभी अंकों को जोड़ा नहीं गया है। ऐसा ही एक मामला घनश्याम पीजी कालेज के एक छात्र का है। उसे परीक्षा में शून्य अंक मिला था। आरटीआई के तहत जब उसने अपनी उत्तर पुस्तिका देखी तो पाया कि उसकी कापी तो जांची गई हैं लेकिन मूल्यांकन नहीं किया गया।
कुलसचिव ओम प्रकाश का कहना है कि ऐसे परीक्षक जो मूल्यांकन में लापरवाही बरत रहे हैं, उन्हें डिबार कर दिया जाएगा और ऐसे परीक्षकों की सूची को विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर भी अपलोड कर दिया जाएगा।
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काशी विद्यापीठ के कई छात्रों ने सेमेस्टर परीक्षाओं के मूल्यांकन में परीक्षकों की लापरवाही की शिकायत की है। परीक्षा में जब उन्हें कम अंक मिले तो उन्होंने आरटीआई के तहत अपनी उत्तर पुस्तिकाएं देखीं। उत्तर पुस्तिका में सवालों के जवाब लिखे होने के बावजूद कहीं अंक नहीं दिया गया तो कहीं अंक दिया है तो पूर्णांक में सभी अंकों को जोड़ा नहीं गया है। ऐसा ही एक मामला घनश्याम पीजी कालेज के एक छात्र का है। उसे परीक्षा में शून्य अंक मिला था। आरटीआई के तहत जब उसने अपनी उत्तर पुस्तिका देखी तो पाया कि उसकी कापी तो जांची गई हैं लेकिन मूल्यांकन नहीं किया गया।
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कुलसचिव ओम प्रकाश का कहना है कि ऐसे परीक्षक जो मूल्यांकन में लापरवाही बरत रहे हैं, उन्हें डिबार कर दिया जाएगा और ऐसे परीक्षकों की सूची को विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर भी अपलोड कर दिया जाएगा।
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