{"_id":"584c66f74f1c1bb35b447e8b","slug":"470-farmers-stranded-34-crore","type":"story","status":"publish","title_hn":"बैंक में फंस गए 470 किसानों के 34 करोड़ ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बैंक में फंस गए 470 किसानों के 34 करोड़
ब्यूरो, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Sun, 11 Dec 2016 02:05 AM IST
विज्ञापन
नाोटबंदी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नोटबंदी की वजह से 470 किसानों के 34 करोड़ रुपये बैंक में फंसे हुए हैं। परेशान किसान करीब 22 दिन से भुगतान के लिए बैंक के चक्कर काट रहे हैं लेकिन बैंक से उन्हें पैसे नहीं मिल रहे। किसानों ने अब जिला प्रशासन से गुहार लगाई है। प्रशासन ने इस संदर्भ में बैंकों को जल्द भुगतान करने का निर्देश दिया है।
एनएचएआई केंद्र सरकार के प्रोजेक्ट के तहत रिंग रोड बना रही है। कछवारोड से अलीनगर तक करीब 58 किलोमीटर तक रिंग रोड का निर्माण किया जा रहा है। इसमें सैकड़ों किसानों की जमीन अधिग्रहित की गई है। मानक के हिसाब से एनएचएआई ने उन्हें मुआवजा भी दिया है। 470 किसानों को 34 करोड़ रुपये का चेक एनएचएआई ने करीब महीने भर पूर्व ही जिला प्रशासन को भेज दिया था।
प्रशासन ने करीब 22 दिन पूर्व चेक स्टेट बैंक की कचहरी शाखा में जमा कर दिया है। बैंक को आरटीजीएस (रियल टाइम ग्राफ सेटलमेंट) के जरिए किसानों के खाते में रकम भेजनी थी लेकिन बैंक पैसे नहीं भेजा रहा है। इस संबंध में एडीएम प्रशासन मुनींद्र नाथ उपाध्याय का कहना है कि किसानों को भुगतान करने के लिए बैंक से संपर्क किया गया है। उनका जवाब है कि काम के दबाव से पैसे ट्रांसफर नहीं किए जा रहे हैं। जल्द ही किसानों के खाते में रकम पहुंचा दी जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
एनएचएआई केंद्र सरकार के प्रोजेक्ट के तहत रिंग रोड बना रही है। कछवारोड से अलीनगर तक करीब 58 किलोमीटर तक रिंग रोड का निर्माण किया जा रहा है। इसमें सैकड़ों किसानों की जमीन अधिग्रहित की गई है। मानक के हिसाब से एनएचएआई ने उन्हें मुआवजा भी दिया है। 470 किसानों को 34 करोड़ रुपये का चेक एनएचएआई ने करीब महीने भर पूर्व ही जिला प्रशासन को भेज दिया था।
विज्ञापन
प्रशासन ने करीब 22 दिन पूर्व चेक स्टेट बैंक की कचहरी शाखा में जमा कर दिया है। बैंक को आरटीजीएस (रियल टाइम ग्राफ सेटलमेंट) के जरिए किसानों के खाते में रकम भेजनी थी लेकिन बैंक पैसे नहीं भेजा रहा है। इस संबंध में एडीएम प्रशासन मुनींद्र नाथ उपाध्याय का कहना है कि किसानों को भुगतान करने के लिए बैंक से संपर्क किया गया है। उनका जवाब है कि काम के दबाव से पैसे ट्रांसफर नहीं किए जा रहे हैं। जल्द ही किसानों के खाते में रकम पहुंचा दी जाएगी।
विज्ञापन