{"_id":"5c8eb584bdec222ffc3590fe","slug":"31552856452-varanasi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आज जो भी हूं वह अप्पा जी का आशीर्वाद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आज जो भी हूं वह अप्पा जी का आशीर्वाद
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाराणसी। ठुमरी साम्राज्ञी गिरिजा देवी की शिष्या मालिनी अवस्थी ने बताया कि अप्पा जी और बनारस एक दूसरे के पूरक हैं। ऐसा कोई कलाकार नहीं है, जिसका अप्पा जी से भावनात्मक जुड़ाव न हो। गजेंद्र सिंह का भी उनसे भावनात्मक जुड़ाव रहा है। सारेगामा कार्यक्रम की शूटिंग जब बनारस में हुई थी, तो अप्पा जी ने उसमें गाया था, उस्ताद बिस्मिल्लाह खां ने शहनाई और पंडित किशन महाराज ने तबला बजाया था। यह बात करीब 1998-99 की है। उस समय भी मैने अप्पा जी को गाते सुना था, उनका सानिध्य पाकर मै धन्य हो गई। मालिनी ने बताया कि संगीत के क्षेत्र में आज जो कुछ भी हूं, वह अप्पा जी का आशीर्वाद है। वह हमेशा हमारे दिलों में जिंदा रहेंगी।
ठुमरी साम्राज्ञी पद्मविभूषण गिरिजा देवी की याद में 24 मार्च को अस्सी घाट पर होने वाले आयोजन द लीजेंड़स लाइव मेगा आयोजन में लोक गायिका मालिनी अवस्थी फाग गीतों के साथ-साथ ठुमरी, चैती से हाजिरी लगाएंगी। इसके माध्यम से वह अप्पा जी को श्रद्धांजलि देंगी। मालिनी के मुताबिक अप्पा जी को इस कार्यक्रम के माध्यम से श्रद्धांजलि देना उनके लिए बड़ा सौभाग्य है। होली के बाद बनारस में यह प्रोग्राम हो रहा है तो और भी खास हो गया है। जहां तक गजेंद्र की बात है तो वह कलाकारों का मान सम्मान हमेशा करते रहे। वह पहला ऐसा प्रोग्राम था जिसमें दूरदर्शन के अलावा किसी निजी चैनल में शास्त्रीय संगीत के कलाकारों को बुलाया गया था। इस तरह के रियलिटी शो में जाने से पहले शास्त्रीय संगीत के कलाकार परहेज करते थे। मालिनी ने बताया कि गुरु के सम्मान में होने वाले आयोजन में भाग लेना सौभाग्य है। फागुन के बाद चैत का महीना आ जाएगा। इसलिए 24 मार्च के कार्यक्रम में फाग, चैती, ठुमरी, दादरा सब रहेगा।
विज्ञापन
ठुमरी साम्राज्ञी पद्मविभूषण गिरिजा देवी की याद में 24 मार्च को अस्सी घाट पर होने वाले आयोजन द लीजेंड़स लाइव मेगा आयोजन में लोक गायिका मालिनी अवस्थी फाग गीतों के साथ-साथ ठुमरी, चैती से हाजिरी लगाएंगी। इसके माध्यम से वह अप्पा जी को श्रद्धांजलि देंगी। मालिनी के मुताबिक अप्पा जी को इस कार्यक्रम के माध्यम से श्रद्धांजलि देना उनके लिए बड़ा सौभाग्य है। होली के बाद बनारस में यह प्रोग्राम हो रहा है तो और भी खास हो गया है। जहां तक गजेंद्र की बात है तो वह कलाकारों का मान सम्मान हमेशा करते रहे। वह पहला ऐसा प्रोग्राम था जिसमें दूरदर्शन के अलावा किसी निजी चैनल में शास्त्रीय संगीत के कलाकारों को बुलाया गया था। इस तरह के रियलिटी शो में जाने से पहले शास्त्रीय संगीत के कलाकार परहेज करते थे। मालिनी ने बताया कि गुरु के सम्मान में होने वाले आयोजन में भाग लेना सौभाग्य है। फागुन के बाद चैत का महीना आ जाएगा। इसलिए 24 मार्च के कार्यक्रम में फाग, चैती, ठुमरी, दादरा सब रहेगा।
विज्ञापन