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जिसने जीना सीख लिया, मरने का अधिकार उसी को
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वाराणसी। बीएचयू महिला महाविद्यालय का वार्षिकोत्सव शनिवार को रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बीच मनाया गया। छात्र-छात्राओं ने गायन, नृत्य की प्रस्तुति से सभी का दिल जीत लिया। बतौर मुख्य अतिथि रेक्टर प्रो. वीके शुक्ला, मास्टर एथलीट नीलू मिश्रा ने महाविद्यालय की मेधावी छात्राओं को सम्मानित कर आगे बढ़ते रहने के लिए प्रेरित किया।
महाविद्यालय सभागार में आयोजित कार्यक्रम में छात्राओं ने समूह गीत जिसने मरना सीख लिया है जीने का अधिकार उसी को, जो कांटो के पथ पर आया फूलों का उपहार उसी को। गीत के माध्यम से संघर्ष करते रहने का संदेश दिया। इसके अलावा कॉलेज की प्राचार्या प्रो. चंद्रकला त्रिपाठी द्वारा महामना पर लिखे लक्ष्य गीत उठो चलो पंथ है निर्माण गीत को रौशनी, सोनाली पांडेय, अंकित, ज्योत्सना और श्रेया सिंह ने प्रस्तुत किया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में देवी गीत, प्रो. मंगला कपूर द्वारा कुचिपुड़ी नृत्य के साथ ही छात्राओं ने गुजराती लोक नृत्य की प्रस्तुति कर सभी की तालियां बटोरी।
नीलू मिश्रा ने कहा कि परिस्थिति चाहे जो भी हो उसका डटकर सामना करना चाहिए। उन्होंने छात्राओं को शत प्रतिशत मतदान की शपथ दिलाई। प्राचार्या प्रो. चंद्रकला त्रिपाठी ने सभी का स्वागत करते हुए वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. पद्मिनी रविंद्रनाथ और धन्यवाद ज्ञापन प्रो. लयलीना भट ने किया।
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प्रो. रीता सिंह के देखरेख में पूर्व छात्रा संगठन की ओर से सर्वोत्तम छात्रा अवार्ड रोशनी को जबकि श्रेयसी को सुषमा रानी मेरिट अवार्ड प्रदान किया गया। इसके अलावा विज्ञान वर्ग में स्वीकृति सिंह और कला वर्ग में रीमा यादव को महाविद्यालय में सर्वोच्च अंक अर्जित करने के लिए सम्मानित किया गया। वार्षिकोत्सव में 53 मेधावी छात्राएं सम्मानित हुईं।
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महाविद्यालय सभागार में आयोजित कार्यक्रम में छात्राओं ने समूह गीत जिसने मरना सीख लिया है जीने का अधिकार उसी को, जो कांटो के पथ पर आया फूलों का उपहार उसी को। गीत के माध्यम से संघर्ष करते रहने का संदेश दिया। इसके अलावा कॉलेज की प्राचार्या प्रो. चंद्रकला त्रिपाठी द्वारा महामना पर लिखे लक्ष्य गीत उठो चलो पंथ है निर्माण गीत को रौशनी, सोनाली पांडेय, अंकित, ज्योत्सना और श्रेया सिंह ने प्रस्तुत किया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में देवी गीत, प्रो. मंगला कपूर द्वारा कुचिपुड़ी नृत्य के साथ ही छात्राओं ने गुजराती लोक नृत्य की प्रस्तुति कर सभी की तालियां बटोरी।
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नीलू मिश्रा ने कहा कि परिस्थिति चाहे जो भी हो उसका डटकर सामना करना चाहिए। उन्होंने छात्राओं को शत प्रतिशत मतदान की शपथ दिलाई। प्राचार्या प्रो. चंद्रकला त्रिपाठी ने सभी का स्वागत करते हुए वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. पद्मिनी रविंद्रनाथ और धन्यवाद ज्ञापन प्रो. लयलीना भट ने किया।
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प्रो. रीता सिंह के देखरेख में पूर्व छात्रा संगठन की ओर से सर्वोत्तम छात्रा अवार्ड रोशनी को जबकि श्रेयसी को सुषमा रानी मेरिट अवार्ड प्रदान किया गया। इसके अलावा विज्ञान वर्ग में स्वीकृति सिंह और कला वर्ग में रीमा यादव को महाविद्यालय में सर्वोच्च अंक अर्जित करने के लिए सम्मानित किया गया। वार्षिकोत्सव में 53 मेधावी छात्राएं सम्मानित हुईं।