{"_id":"5c6087adbdec222c572337b3","slug":"191549830061-varanasi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बुजुर्ग के अपहर्ता की पीलीभीत में तलाश, घंटों चली कार्रवाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बुजुर्ग के अपहर्ता की पीलीभीत में तलाश, घंटों चली कार्रवाई
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पीलीभीत/वाराणसी। 75 वर्षीय बुजुर्ग को अगवा करने के आरोपी की धरपकड़ के लिए चौक पुलिस ने पीलीभीत शहर में छापामारी की। आरोपी के परिवार वालों को हिरासत में लेकर सुनगढ़ी थाने में घंटों पूछताछ की गई। हालांकि न तो आरोपी मिल सका, न ही बुजुर्ग के बारे में कोई सुराग...। इसके बाद पुलिस हिरासत में लिए गए लोगों को छोड़ लौट गई। गैर जनपद से आई पुलिस टीम की छापामारी से हड़कंप मचा रहा।
बनारस के चौक थाने में 30 जनवरी को विश्वनाथ गली निवासी राहुल पांडे ने अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई है। राहुल पांडे मुंबई में प्राइवेट नौकरी करते हैं। उनके 75 वर्षीय बुजुर्ग पिता पद्माकर पांडे परिवार समेत बनारस में रहते हैं। पीलीभीत के रहने वाले एक व्यक्ति ने मनीष नाम से अपनी फेसबुक आईडी बना रखी है। उससे पद्माकर पांडे की फेसबुक पर दोस्ती हो गई। 20 जनवरी को आरोपी बनारस आया। 25 जनवरी को आरोपी पद्माकर को लखनऊ में इलाज कराने की बात कहकर ले गया। 30 जनवरी को एक अंजान नंबर से कॉल आई, जिसमें राहुल पांडे को बताया गया कि उनके पिता हरदोई के एक अस्पताल में भर्ती हैं। लेकिन हरदोई के अस्पताल में कोई नहीं था। इसके बाद कोई संपर्क न होने पर उन्होंने रिपोर्ट दर्ज करा दी थी।
सर्विलांस के जरिए फेसबुक एकाउंट की पड़ताल की गई तो आरोपी पीलीभीत का निकला। इसको लेकर चौक थाने की पुलिस एसआई राकेश सिंह के नेतृत्व में छापामारी की। फेसबुक पर लिखा आरोपी का नाम मनीष भी गलत निकला है। उसका असली नाम बस्ती राम राइस मिल कॉलोनी निवासी सुनील शर्मा है। फोटो देखने के बाद उसकी पहचान भी हो गई है। बनारस पुलिस ने आरोपी के परिवार से पूछताछ की है। आरोपी नहीं मिल सका है और न ही बुजुर्ग की लोकेशन मिली है।
विज्ञापन
विज्ञापन
बनारस के चौक थाने में 30 जनवरी को विश्वनाथ गली निवासी राहुल पांडे ने अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई है। राहुल पांडे मुंबई में प्राइवेट नौकरी करते हैं। उनके 75 वर्षीय बुजुर्ग पिता पद्माकर पांडे परिवार समेत बनारस में रहते हैं। पीलीभीत के रहने वाले एक व्यक्ति ने मनीष नाम से अपनी फेसबुक आईडी बना रखी है। उससे पद्माकर पांडे की फेसबुक पर दोस्ती हो गई। 20 जनवरी को आरोपी बनारस आया। 25 जनवरी को आरोपी पद्माकर को लखनऊ में इलाज कराने की बात कहकर ले गया। 30 जनवरी को एक अंजान नंबर से कॉल आई, जिसमें राहुल पांडे को बताया गया कि उनके पिता हरदोई के एक अस्पताल में भर्ती हैं। लेकिन हरदोई के अस्पताल में कोई नहीं था। इसके बाद कोई संपर्क न होने पर उन्होंने रिपोर्ट दर्ज करा दी थी।
विज्ञापन
सर्विलांस के जरिए फेसबुक एकाउंट की पड़ताल की गई तो आरोपी पीलीभीत का निकला। इसको लेकर चौक थाने की पुलिस एसआई राकेश सिंह के नेतृत्व में छापामारी की। फेसबुक पर लिखा आरोपी का नाम मनीष भी गलत निकला है। उसका असली नाम बस्ती राम राइस मिल कॉलोनी निवासी सुनील शर्मा है। फोटो देखने के बाद उसकी पहचान भी हो गई है। बनारस पुलिस ने आरोपी के परिवार से पूछताछ की है। आरोपी नहीं मिल सका है और न ही बुजुर्ग की लोकेशन मिली है।
विज्ञापन