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घर-घर पहुंचेगी टीम, खोजे जाएंगे टीबी के मरीज
Updated Sun, 02 Sep 2018 01:52 AM IST
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वाराणसी। टीबी मरीजों की पहचान करने और उनके बेहतर इलाज के लिए जिले में चार से चौदह सितंबर तक अभियान चलाया जाएगा। दस दिन तक चलने वाले सक्रिय क्षय रोग पहचान अभियान के तहत घर-घर टीम पहुंचेगी। 34 पर्यवेक्षकों के नेतृत्व में 76,615 घरों के 4,0,9030 लोगों की स्क्रीनिंग का लक्ष्य रखा गया है। जरूरत समझने पर बलगम की जांच की जाएगी और अगर टीबी की पुष्टि होती है, उसका तत्काल इलाज शुरू कराया जाएगा।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. आरके सिंह ने बताया कि सन 2025 तक देश को टीबी से मुक्त करने के संकल्प को पूरा करने की यह एक महत्वपूर्ण कड़ी है। सक्त्रिस्य क्षय रोगी खोज (एक्टिव टीबी केस फाइंडिंग) अभियान का जिले में यह तीसरा चरण है। अभियान के तहत मलिन और बुनकर बस्तियों के अलावा दूरदराज के उन क्षेत्रों को शामिल किया गया है, जहां टीबी के मरीज होने की सम्भावना अधिक है। इसके अलावा वृद्धाश्रम, जेल, अनाथालय, रैन बसेरा, ईंट भट्ठों आदि जोखिम वाले क्षेत्रों में भी टीम जाएगी। अभियान में पॉजिटिव पाए गए सभी मरीजों की सिबिनाट जाँच भी कराई जाएगी। इसके साथ ही मरीज और उनके परिवार का लगातार फालोअप भी कराया जाएगा।
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जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. आरके सिंह ने बताया कि सन 2025 तक देश को टीबी से मुक्त करने के संकल्प को पूरा करने की यह एक महत्वपूर्ण कड़ी है। सक्त्रिस्य क्षय रोगी खोज (एक्टिव टीबी केस फाइंडिंग) अभियान का जिले में यह तीसरा चरण है। अभियान के तहत मलिन और बुनकर बस्तियों के अलावा दूरदराज के उन क्षेत्रों को शामिल किया गया है, जहां टीबी के मरीज होने की सम्भावना अधिक है। इसके अलावा वृद्धाश्रम, जेल, अनाथालय, रैन बसेरा, ईंट भट्ठों आदि जोखिम वाले क्षेत्रों में भी टीम जाएगी। अभियान में पॉजिटिव पाए गए सभी मरीजों की सिबिनाट जाँच भी कराई जाएगी। इसके साथ ही मरीज और उनके परिवार का लगातार फालोअप भी कराया जाएगा।
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