{"_id":"596294df4f1c1b14598b467b","slug":"181499632863-varanasi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सावन में बाबा की बूटी के नाम पर मची लूट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सावन में बाबा की बूटी के नाम पर मची लूट
Updated Mon, 10 Jul 2017 02:11 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाराणसी। भोले की नगरी में सावन लगते ही जहां बाबा की बूटी की खपत बढ़ गई है, वहीं इसके शौकीन भक्तों की जेब इस कदर ढीली की जा रही है कि आप सोच भी नहीं सकते। मनमाना मुनाफाखोरी की जा रही है। आबकारी विभाग से 20 रुपये प्रति किलो भांग खरीदकर दूकानदार आठ सौ से 12 सौ रुपये किलो तक बेच रहे हैं। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक मनमाने दर पर बाबा की बूटी बिकने की शिकायतें भी मिलीं हैं।
दरअसल सावन के आते ही जिले में भांग की मांग बढ़ जाती है। इसका फायदा उठाते हुए दूकानदारों ने दाम भी बढ़ा दिए हैं। गोदौलिया, लक्सा, दशाश्वमेध, भेलूपुर आदि क्षेत्रों में रविवार की देर रात तक भांग की दूकानों पर भीड़ लगी रही। आबकारी विभाग के अधिकारियों के मुताबिक एक साल में करीब 410 क्विंटल भांग बिकती है। महीने में यह आंकड़ा 30 क्विंटल के आसपास होता है। सावन में 30 क्विंटल की बिक्री बढ़कर 60 क्विंटल हो जाती है। इस बार सावन के महीने में 70 क्विंटल बिक्री होने की उम्मीद है।
आबकारी विभाग 20 रुपये प्रति किलो के हिसाब से ठेकेदारों को भांग देता है लेकिन ठेकेदार उसे किस रेट पर बेचते हैं, इसकी निगरानी विभाग नहीं करता। निगरानी न होने से दूकानदार मनमाने दाम पर भांग बेचते हैं। जिला आबकारी अधिकरी करुणेंद्र सिंह ने बताया कि सावन में बिक्री दोगुनी हो जाती है। लक्सा क्षेत्र के एक दुकानदार ने बताया कि बाबा की सूखी बूटी आठ सौ रुपये किलो है, जबकि पीसी हुई गोली 12 रुपये की मिलती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
दरअसल सावन के आते ही जिले में भांग की मांग बढ़ जाती है। इसका फायदा उठाते हुए दूकानदारों ने दाम भी बढ़ा दिए हैं। गोदौलिया, लक्सा, दशाश्वमेध, भेलूपुर आदि क्षेत्रों में रविवार की देर रात तक भांग की दूकानों पर भीड़ लगी रही। आबकारी विभाग के अधिकारियों के मुताबिक एक साल में करीब 410 क्विंटल भांग बिकती है। महीने में यह आंकड़ा 30 क्विंटल के आसपास होता है। सावन में 30 क्विंटल की बिक्री बढ़कर 60 क्विंटल हो जाती है। इस बार सावन के महीने में 70 क्विंटल बिक्री होने की उम्मीद है।
विज्ञापन
आबकारी विभाग 20 रुपये प्रति किलो के हिसाब से ठेकेदारों को भांग देता है लेकिन ठेकेदार उसे किस रेट पर बेचते हैं, इसकी निगरानी विभाग नहीं करता। निगरानी न होने से दूकानदार मनमाने दाम पर भांग बेचते हैं। जिला आबकारी अधिकरी करुणेंद्र सिंह ने बताया कि सावन में बिक्री दोगुनी हो जाती है। लक्सा क्षेत्र के एक दुकानदार ने बताया कि बाबा की सूखी बूटी आठ सौ रुपये किलो है, जबकि पीसी हुई गोली 12 रुपये की मिलती है।
विज्ञापन