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इंदिरा आवासों की जांच करेंगे बीडीओ
Updated Fri, 09 Feb 2018 02:32 AM IST
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बाबतपुर। कोइराजपुर गांव के वनवासियों को जमीन से बेदखल करने के मामले में एसडीएम पिंडरा ने एक और जांच खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) को सौंप दी है। बीडीओ जांच करेंगे कि वनवासियों के रहने के लिए 12 इंदिरा आवास बनाए गए थे या नहीं? यह भी पता किया जाएगा कि यहां पहले यहां कुआं भी था?
इस बीच वनवासियों के लिए मकान बनाए जाने, उनके रहने के लिए बनाए गए मकानों को ध्वस्त करने और बाद में उन्हें बेदखल कर उस पर चहारदीवारी बनाए जाने की जांच-पड़ताल के लिए गठित समिति ने अब तक रिपोर्ट नहीं दी है। मामले में वनवासियों की ओर से डीएम से शिकायत के बाद एसडीएम ने पुलिस और राजस्व विभाग की तीन सदस्यीय संयुक्त जांच टीम को 10 दिन में जांच करने के निर्देश दिया था। पता चला है कि अब तक जांच पूरी नहीं हो पाई है।
वनवासियों का कहना है कि जिस जमीन पर वह कई पीढ़ियों से रह रहे थे, गांव के पूर्व प्रधान ने वहां उन्हें 12 इंदिरा आवास बनवाकर दिए थे। बाद में इन मकानों से उन्हें निकाल दिया गया। मकान तोड़ दिए गए। जगह को घेर कर वहां चहारदीवार बना दी गई, क्योंकि गाजीपुर से आए एक बाबा ने उस जगह पर कब्जा कर आश्रम बना लिया। जानकारों का कहना है कि पूर्व में यहां तैनात रह चुके कुछ अधिकारियों की शह पर ग्राम प्रधानों ने मिलीभगत कर वनवासियों को बेदखल किया गया है।
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इस बीच वनवासियों के लिए मकान बनाए जाने, उनके रहने के लिए बनाए गए मकानों को ध्वस्त करने और बाद में उन्हें बेदखल कर उस पर चहारदीवारी बनाए जाने की जांच-पड़ताल के लिए गठित समिति ने अब तक रिपोर्ट नहीं दी है। मामले में वनवासियों की ओर से डीएम से शिकायत के बाद एसडीएम ने पुलिस और राजस्व विभाग की तीन सदस्यीय संयुक्त जांच टीम को 10 दिन में जांच करने के निर्देश दिया था। पता चला है कि अब तक जांच पूरी नहीं हो पाई है।
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वनवासियों का कहना है कि जिस जमीन पर वह कई पीढ़ियों से रह रहे थे, गांव के पूर्व प्रधान ने वहां उन्हें 12 इंदिरा आवास बनवाकर दिए थे। बाद में इन मकानों से उन्हें निकाल दिया गया। मकान तोड़ दिए गए। जगह को घेर कर वहां चहारदीवार बना दी गई, क्योंकि गाजीपुर से आए एक बाबा ने उस जगह पर कब्जा कर आश्रम बना लिया। जानकारों का कहना है कि पूर्व में यहां तैनात रह चुके कुछ अधिकारियों की शह पर ग्राम प्रधानों ने मिलीभगत कर वनवासियों को बेदखल किया गया है।
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