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अब पांच-छह घंटे ही मिलेगा पानी
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वाराणसी। चौबीस घंटे में गंगा का जलस्तर आठ सेंटीमीटर घटकर इस साल में न्यूनतम स्तर 58.13 मीटर पर आ गया है। भदैनी वाटर स्टेशन के दो कुओं में एक से पानी आपूर्ति बंद हो गई है। दूसरे से आपूर्ति हो रही है, लेकिन पानी खिंचाव के दौरान भंवर बन रहा है। यदि पांच-छह दिन में बारिश नहीं हुई तो जलकल संस्थान को पानी की आपूर्ति दो घंटे तक की कमी करनी पड़ सकती है। अभी सुबह-शाम मिलाकर सात से आठ घंटे पेयजल आपूर्ति की जा रही है।
केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों के अनुसार, पिछले छह दिनों में गंगा का जलस्तर 16 सेंटीमीटर कम हुआ है, जबकि पिछले 24 घंटे में जलस्तर 8 सेंटीमीटर घटना है। यानी लगभग ढाई सेंटीमीटर प्रतिदिन के हिसाब से जल स्तर का घटा है। जलस्तर घटने से गंगा में विषैले पदार्थों की मात्रा इतनी ज्यादा बढ़ गई है कि पानी नहाने योग्य भी नहीं रह गया है।
भदैनी में गंगा से पानी लेने के लिए दो कुएं बने हैं। एक कुएं में एक और दूसरे में चार पंप लगे हैं। सभी पंप अलग-अलग लेवल पर हैं। गुरुवार को जलस्तर कम होने से एक पंप में कुछ फंस गया और उसने काम करना बंद कर दिया। दूसरे कुएं के चार पंपों में तीन ही चलाए जा रहे हैं। लेकिन इसमें भी भंवर पड़ रहे हैं। जलकल संस्थान के अनुसार, गंगा में कम से कम 60 मीटर (200 फीट) पानी होना चाहिए। इससे कम होता है तो पेयजल आपूर्ति करने में परेशानी होती है। शहर को 276 एमएलडी पानी की जरूरत है, लेकिन जलस्तर कम होने से 208 एमएलडी आपूर्ति हो रही है।
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सिकुड़ती गई गंगा, बढ़ती गई रेत
चार सालों में गंगा का जलस्तर लगातार कम होता गया और रेत के टीले बढ़ते गए। 2015 में गंगा का न्यूनतम जलस्तर 58.67 मीटर था, जबकि 2016 में यह 58.52 मीटर रिकॉर्ड किया गया। 2017 में ये घटकर 58.27 मीटर रह गया। 24 अप्रैल 2018 को वाराणसी में गंगा का जलस्तर आठ सालों के न्यूनतम स्तर पर पहुंचा और वाटर लेवल 58.10 मीटर रिकॉर्ड हुआ। ये रिकॉर्ड भी टूट गया और 25 मई 2018 तक सेंट्रल वाटर कमीशन ने जलस्तर बनारस में 57.84 मीटर रिकॉर्ड किया। गुरुवार को गंगा का जलस्तर 58.13 मीटर दर्ज किया गया।
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केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों के अनुसार, पिछले छह दिनों में गंगा का जलस्तर 16 सेंटीमीटर कम हुआ है, जबकि पिछले 24 घंटे में जलस्तर 8 सेंटीमीटर घटना है। यानी लगभग ढाई सेंटीमीटर प्रतिदिन के हिसाब से जल स्तर का घटा है। जलस्तर घटने से गंगा में विषैले पदार्थों की मात्रा इतनी ज्यादा बढ़ गई है कि पानी नहाने योग्य भी नहीं रह गया है।
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भदैनी में गंगा से पानी लेने के लिए दो कुएं बने हैं। एक कुएं में एक और दूसरे में चार पंप लगे हैं। सभी पंप अलग-अलग लेवल पर हैं। गुरुवार को जलस्तर कम होने से एक पंप में कुछ फंस गया और उसने काम करना बंद कर दिया। दूसरे कुएं के चार पंपों में तीन ही चलाए जा रहे हैं। लेकिन इसमें भी भंवर पड़ रहे हैं। जलकल संस्थान के अनुसार, गंगा में कम से कम 60 मीटर (200 फीट) पानी होना चाहिए। इससे कम होता है तो पेयजल आपूर्ति करने में परेशानी होती है। शहर को 276 एमएलडी पानी की जरूरत है, लेकिन जलस्तर कम होने से 208 एमएलडी आपूर्ति हो रही है।
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सिकुड़ती गई गंगा, बढ़ती गई रेत
चार सालों में गंगा का जलस्तर लगातार कम होता गया और रेत के टीले बढ़ते गए। 2015 में गंगा का न्यूनतम जलस्तर 58.67 मीटर था, जबकि 2016 में यह 58.52 मीटर रिकॉर्ड किया गया। 2017 में ये घटकर 58.27 मीटर रह गया। 24 अप्रैल 2018 को वाराणसी में गंगा का जलस्तर आठ सालों के न्यूनतम स्तर पर पहुंचा और वाटर लेवल 58.10 मीटर रिकॉर्ड हुआ। ये रिकॉर्ड भी टूट गया और 25 मई 2018 तक सेंट्रल वाटर कमीशन ने जलस्तर बनारस में 57.84 मीटर रिकॉर्ड किया। गुरुवार को गंगा का जलस्तर 58.13 मीटर दर्ज किया गया।