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पीएमओ ने खींचा विकसित काशी का खाका
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वाराणसी। दूसरी बार काशी से सांसद चुने गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पहले दौरे के बाद से प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) काशी के विकास को लेकर सक्रिय हो गया है। पीएमओ ने स्थानीय प्रशासन से आगामी पांच साल में होने वाले कामों का ब्यौरा मांगा है। काशी को पूरी तरह विकसित करने वाली परियोजनाओं की सूची तैयार की जा रही है। इसमें यातायात व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट, सड़क मार्ग के विकल्प के रूप में जल मार्ग विकसित करने, साफ सफाई, पर्यटन को बढ़ावा देने वाली परियोजनाएं और गंगा प्रदूषण नियंत्रण के साथ ही शहर से गुजर रही अन्य नदियों की स्वच्छता के लिए परियोजनाएं बनाई जा रही हैं।
जून के पहले सप्ताह में अगले पांच सालों में काशी के विकास के लिए बैठक होगी। पर्यटकों की बढ़ती संख्या और महानगर का आकार ले चुके शहर के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट सबसे जरूरी बताया जा रहा है। स्थानीय प्रशासन अपनी ओर से कोई सुझाव दिए बिना पीएमओ से ही शहर के लिए बेहतर पब्लिक ट्रांसपोर्ट सुविधा विकसित करने का प्रस्ताव देगा। नदियों के जरिए शहर के यातायात को सुगम बनाने के विकल्प पर विचार का भी सुझाव दिया है। नमामि गंगे के तहत सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनने और गंगा घाटों का विकास होने के बाद वरुणा व असि नदी को स्वच्छ करने के लिए परियोजना शुरू करने का प्रस्ताव भी शामिल होगा।
शहर से निकलने वाले कूड़े को हर स्तर पर रिसाइकिल करने और उसके पुन: उपयोग के लिए प्रशासन काम करना चाहता है, ताकि कचरे के रूप में वहीं बाहर जाए, जिसका कोई उपयोग नहीं है। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए संगठित क्षेत्र और दिल्ली की एयरोसिटी की तर्ज पर काशी में पर्यटकों को सुविधा देने के क्षेत्र के विकास का प्रस्ताव है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वाराणसी सांसद के रूप में पहले कार्यकाल में बिजली के तार अंडरग्राउंड करने, गंगा में गिरने वाले नालों को रोकने, घाटों व शहर का सौंदर्यीकरण, गैस पाइप लाइन, रिंग रोड सहित कई काम हुए।
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जून के पहले सप्ताह में अगले पांच सालों में काशी के विकास के लिए बैठक होगी। पर्यटकों की बढ़ती संख्या और महानगर का आकार ले चुके शहर के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट सबसे जरूरी बताया जा रहा है। स्थानीय प्रशासन अपनी ओर से कोई सुझाव दिए बिना पीएमओ से ही शहर के लिए बेहतर पब्लिक ट्रांसपोर्ट सुविधा विकसित करने का प्रस्ताव देगा। नदियों के जरिए शहर के यातायात को सुगम बनाने के विकल्प पर विचार का भी सुझाव दिया है। नमामि गंगे के तहत सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनने और गंगा घाटों का विकास होने के बाद वरुणा व असि नदी को स्वच्छ करने के लिए परियोजना शुरू करने का प्रस्ताव भी शामिल होगा।
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शहर से निकलने वाले कूड़े को हर स्तर पर रिसाइकिल करने और उसके पुन: उपयोग के लिए प्रशासन काम करना चाहता है, ताकि कचरे के रूप में वहीं बाहर जाए, जिसका कोई उपयोग नहीं है। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए संगठित क्षेत्र और दिल्ली की एयरोसिटी की तर्ज पर काशी में पर्यटकों को सुविधा देने के क्षेत्र के विकास का प्रस्ताव है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वाराणसी सांसद के रूप में पहले कार्यकाल में बिजली के तार अंडरग्राउंड करने, गंगा में गिरने वाले नालों को रोकने, घाटों व शहर का सौंदर्यीकरण, गैस पाइप लाइन, रिंग रोड सहित कई काम हुए।
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