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50 हजार इनामी चढ़ा जीआरपी के हत्थे
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वाराणसी। 50 हजार का इनामी बुधवार को जीआरपी के हत्थे चढ़ गया। जीआरपी की टीम ने उसे ज्ञानपुर रोड स्टेशन से गिरफ्तार किया। भदोही के चौरी थाना अंतर्गत सरबतखाली निवासी ज्योति प्रसाद बिंद उर्फ लाला काफी समय से फरार चल रहा था। तलाशी अभियान में लगे प्रभारी निरीक्षक अशोक कुमार दूबे को मुखबिर से सूचना मिली कि पुरस्कार घोषित अपराधी ज्ञानपुर रोड पर मौजूद है। मौके पर पहुंची टीम ने प्लेटफार्म नंबर एक पश्चिमी छोर पर स्थित शेड से उसे गिरफ्तार किया। उसके पास से 22 सौ रुपये, छह एटीएम कार्ड, तीन मोबाइल बरामद हुए।
प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि ज्योति प्रसाद बिंद मुंबई में जयश्री सुभाष शिवदासानी नाम महिला की बिल्डिंग में एक कंपनी फास्ट कोरियर एंड कारगो लिमिटेड चलाता था। यह लोगों का करोड़ों रुपये लेकर गांव भाग आया। जयश्री का भी 12 लाख रुपये भी गबन कर लिया। संबंधित थाने में इसके खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया गया था। वहां से आई पुलिस टीम इसे भदोही से गिरफ्तार कर मुंबई ले जाने के लिए कैंट रेलवे स्टेशन पहुंची थी। 30 नवंबर 2017 को यह पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया।
जीआरपी कैंट में इसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया। एसपी रेलवे ने 25 हजार जिसे बाद में पुलिस महानिरीक्षक रेलवे अनुभाग प्रयागराज ने पुरस्कार को 50 हजार कर दिया। गिरफ्तार करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक के अलावा उपनिरीक्षक बुद्धि सागर यादव, कांस्टेबल रवींद्र सिंह, सदानंद त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।
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प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि ज्योति प्रसाद बिंद मुंबई में जयश्री सुभाष शिवदासानी नाम महिला की बिल्डिंग में एक कंपनी फास्ट कोरियर एंड कारगो लिमिटेड चलाता था। यह लोगों का करोड़ों रुपये लेकर गांव भाग आया। जयश्री का भी 12 लाख रुपये भी गबन कर लिया। संबंधित थाने में इसके खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया गया था। वहां से आई पुलिस टीम इसे भदोही से गिरफ्तार कर मुंबई ले जाने के लिए कैंट रेलवे स्टेशन पहुंची थी। 30 नवंबर 2017 को यह पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया।
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जीआरपी कैंट में इसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया। एसपी रेलवे ने 25 हजार जिसे बाद में पुलिस महानिरीक्षक रेलवे अनुभाग प्रयागराज ने पुरस्कार को 50 हजार कर दिया। गिरफ्तार करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक के अलावा उपनिरीक्षक बुद्धि सागर यादव, कांस्टेबल रवींद्र सिंह, सदानंद त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।
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