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किसानों की बात करने वाली कांग्रेस गांवों में ही पिछड़ी
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वाराणसी। किसानों की समस्याओं के लिए आंदोलन करने वाली कांग्रेस को ग्रामीण इलाकों से अधिक नुकसान उठाना पड़ा है। पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र में कांग्रेस प्रत्याशी अजय राय को सबसे अधिक शहरी इलाकों में वोट मिले। इन इलाकों में कांग्रेस को गठबंधन से अधिक वोट मिले लेकिन ग्रामीण इलाकों में घुसते ही वोटों का ग्राफ नीचे गिरने लगा। किसान कर्ज माफी और न्याय योजना भी किसानों व ग्रामीण वोटरों को पार्टी से नहीं जोड़ सकी।
विधानसभावार मतों की बात करें तो अजय राय को सबसे अधिक शहर दक्षिणी से 45299 मत मिले। इसके बाद कैंट में 41500 और उत्तरी में 39173 वोट मिले। ग्रामीण क्षेत्रों पर नजर डालें तो रोहनिया से 17657 और सेवापुरी से केवल 8685 मत हासिल हुए। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि शहर दक्षिणी मुस्लिम बाहुल्य इलाका है और यहां के मतदाता परंपरागत रूप से कांग्रेस को मत करते रहे हैं। दूसरी ओर प्रियंका आईं भी तो उनका रोड शो शहरी इलाके में हुआ, जिससे ग्रामीण मतदाता दूर रहे। इसका भी प्रभाव अजय राय के मतों पर पड़ा।
कांग्रेस प्रत्याशी अजय राय अब तक तीन बार लोकसभा का चुनाव लड़ चुके हैं। तीनों ही बार वह तीसरे नंबर पर रहे। सबसे पहले 2009 में वह सपा के टिकट पर मैदान में उतरे। उस चुनाव में भाजपा प्रत्याशी डॉ. मुरली मनोहर जोशी व बसपा के मुख्तार अंसारी के बाद अजय राय तीसरे नंबर पर रहे। उस समय अजय राय को 7.93 प्रतिशत मत हासिल हुए थे। उसके बाद 2014 में भाजपा प्रत्याशी नरेंद्र मोदी, आम आदमी प्रत्याशी अरविंद केजरीवाल के बाद बतौर कांग्रेस प्रत्याशी अजय राय को 4.28 प्रतिशत मत के साथ तीसरे नंबर से संतोष करना पड़ा था। अबकी नरेंद्र मोदी, गठबंधन प्रत्याशी शालिनी यादव के बाद तीसरे नंबर पर अजय राय को 14.38 प्रतिशत मत हासिल हुए। यानी इस बार वह भले ही तीसरे नंबर पर रहे पर मत प्रतिशत में दोगुने से ज्यादा की वृद्धि हुई।
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विधानसभावार मतों की बात करें तो अजय राय को सबसे अधिक शहर दक्षिणी से 45299 मत मिले। इसके बाद कैंट में 41500 और उत्तरी में 39173 वोट मिले। ग्रामीण क्षेत्रों पर नजर डालें तो रोहनिया से 17657 और सेवापुरी से केवल 8685 मत हासिल हुए। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि शहर दक्षिणी मुस्लिम बाहुल्य इलाका है और यहां के मतदाता परंपरागत रूप से कांग्रेस को मत करते रहे हैं। दूसरी ओर प्रियंका आईं भी तो उनका रोड शो शहरी इलाके में हुआ, जिससे ग्रामीण मतदाता दूर रहे। इसका भी प्रभाव अजय राय के मतों पर पड़ा।
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कांग्रेस प्रत्याशी अजय राय अब तक तीन बार लोकसभा का चुनाव लड़ चुके हैं। तीनों ही बार वह तीसरे नंबर पर रहे। सबसे पहले 2009 में वह सपा के टिकट पर मैदान में उतरे। उस चुनाव में भाजपा प्रत्याशी डॉ. मुरली मनोहर जोशी व बसपा के मुख्तार अंसारी के बाद अजय राय तीसरे नंबर पर रहे। उस समय अजय राय को 7.93 प्रतिशत मत हासिल हुए थे। उसके बाद 2014 में भाजपा प्रत्याशी नरेंद्र मोदी, आम आदमी प्रत्याशी अरविंद केजरीवाल के बाद बतौर कांग्रेस प्रत्याशी अजय राय को 4.28 प्रतिशत मत के साथ तीसरे नंबर से संतोष करना पड़ा था। अबकी नरेंद्र मोदी, गठबंधन प्रत्याशी शालिनी यादव के बाद तीसरे नंबर पर अजय राय को 14.38 प्रतिशत मत हासिल हुए। यानी इस बार वह भले ही तीसरे नंबर पर रहे पर मत प्रतिशत में दोगुने से ज्यादा की वृद्धि हुई।
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