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बीएचयू छात्र की कला को मिली नई पहचान
Updated Thu, 02 Nov 2017 01:54 AM IST
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वाराणसी। कहते हैं कि कला किसी परिचय की मोहताज नहीं होती है, बस एक सही मंच और मार्गदर्शन की जरूरत होती है। कलाकार अपनी कला के माध्यम से समाज में पहचान बना लेता है। इसी तरह की उपलब्धि बीएचयू दृश्य कला संकाय के छात्र संस्कार वर्मा ने हासिल की है। बीएफए तृतीय वर्ष के इस छात्र की प्रदर्शनी हरियाणा में आयोजित ऑनलाइन पेंटिंग प्रतियोगिता में न केवल चयनित हुई बल्कि उसे इसके लिए पुरस्कार भी दिया जाएगा।
हरियाणा के गुंडगांव में ऊंचान फाउंडेशन की ओर से आयोजित ऑनलाइन पेंटिंग कंपटीशन में दिल्ली, चंडीगढ़, पंजाब, कर्नाटक, आंध्रप्रदेश सहित देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों, संस्थानों के कलाकारों, छात्रों ने प्रतिभाग किया था। इसमें संस्कार ने एक बूढ़ी औरत की किसी बात को लेकर चिंतित होने की तस्वीर को बाटिक कला के माध्यम से बनाकर उसे दो महीने पहले भेजा था। एक नवंबर को संस्था की ओर से परिणाम की घोषणा की गई, जिसमें इसकी पेटिंग सर्वश्रेष्ठ 18 में शामिल हुई। इसकी सूचना मिलते ही उसके खुशी का ठिकाना नहीं रहा। बताया कि किसी कारण वश प्लेटिनम कैश अवार्ड, गोल्ड और सिल्वर मेडल पाने से तो चूक गया लेकिन अखिल भारतीय स्तर की इस प्रतियोगिता में स्थान पाना बड़ी उपलब्धि है। उधर दृश्य कला संकाय के अधिष्ठाता प्रो. हीरालाल प्रजापति और शिक्षक आशीष कुमार गुप्ता ने संस्कार को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी है।
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हरियाणा के गुंडगांव में ऊंचान फाउंडेशन की ओर से आयोजित ऑनलाइन पेंटिंग कंपटीशन में दिल्ली, चंडीगढ़, पंजाब, कर्नाटक, आंध्रप्रदेश सहित देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों, संस्थानों के कलाकारों, छात्रों ने प्रतिभाग किया था। इसमें संस्कार ने एक बूढ़ी औरत की किसी बात को लेकर चिंतित होने की तस्वीर को बाटिक कला के माध्यम से बनाकर उसे दो महीने पहले भेजा था। एक नवंबर को संस्था की ओर से परिणाम की घोषणा की गई, जिसमें इसकी पेटिंग सर्वश्रेष्ठ 18 में शामिल हुई। इसकी सूचना मिलते ही उसके खुशी का ठिकाना नहीं रहा। बताया कि किसी कारण वश प्लेटिनम कैश अवार्ड, गोल्ड और सिल्वर मेडल पाने से तो चूक गया लेकिन अखिल भारतीय स्तर की इस प्रतियोगिता में स्थान पाना बड़ी उपलब्धि है। उधर दृश्य कला संकाय के अधिष्ठाता प्रो. हीरालाल प्रजापति और शिक्षक आशीष कुमार गुप्ता ने संस्कार को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी है।
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