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ओवरलोड ट्रकों से वसूलते थे हर महीने 21 करोड़
Updated Wed, 05 Jul 2017 01:59 AM IST
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वाराणसी। डाफी टोल प्लाजा से ओवरलोड ट्रकों के रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज से सामने आए तथ्यों ने भ्रष्टाचार के आरोप में जेल भेजे गए चंदौली के एआरटीओ आरएस यादव को और मुश्किल में डाल दिया है। आरएस और उसके गुर्गे ओवरलोड ट्रकों से रोजाना 70 लाख और महीने में औसतन 21 करोड़ रुपये वसूलते थे। मंगलवार को डाफी टोल प्लाजा पहुंची विजिलेंस की टीम ने वहां के सीसीटीवी फुटेज और पुराने रिकॉर्ड खंगाले तो यह तथ्य सामने आया। टोल प्लाजा के पास उपलब्ध ओवरलोड ट्रकों के रिकॉर्ड की पड़ताल के साथ ही विजिलेंस ने दो टोल कर्मचारियों के बयान भी लिए। उसके बाद विवेचक सीओ चकिया प्रदीप सिंह चंदेल के साथ एसपी विजिलेंस शिवशंकर सिंह ने उप परिवहन आयुक्त डीके त्रिपाठी से मुलाकात की। करीब दो घंटे तक चली बैठक में विजिलेंस ने आरएस के सर्विस रिकॉर्ड के साथ ही कई विभागीय जानकारियां मांगी।
अवैध वसूली के आरोपों की तस्दीक के लिए विजिलेंस टीम यह जानना चाहती थी कि वास्तव में प्रतिदिन कितने ओवरलोड ट्रक चंदौली से वाराणसी की ओर आते थे और उन्हें चंदौली से बिना कार्रवाई कैसे आगे बढ़ने दिया गया। प्लाजा के सीसीटीवी फुटेज और पुराने रिकॉर्ड की छानबीन में विजिलेंस ने पाया कि औसतन एक हजार से 1100 ओवरलोड ट्रक रोजाना गुजरते थे। सूत्राें के मुताबिक चंदौली की सीमा में प्रत्येक ओवरलोड ट्रक से सात हजार रुपये वसूले जाते थे। इस लिहाज से आरएस और उसके गुर्गे केवल ओवरलोड वाहनों से महीने में 21 करोड़ की वसूली करते थे। विजिलेंस को जानकारी मिली कि इस रैकेट में आरएस के साथ कई अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी शामिल थे। वसूली में सबका हिस्सा बंधा था। इसमें कई थानों के पुलिसकर्मी भी शामिल थे। एसपी विजिलेंस ने बताया कि टोल प्लाजा से जानकारी जुटाए जाने के बाद उप परिवहन आयुक्त और परिवहन आयुक्त से भी कुछ विभागीय जानकारियां मांगी गई हैं। आरएस का सर्विस रिकार्ड भी खंगाला जा रहा है।
केडी सिंह बने आरटीओ प्रवर्तन
हरहुआ। शासन ने केडी सिंह को आरटीओ प्रवर्तन बनाया है। उन्होंने मंगलवार को परिवहन कार्यालय में कार्यभार ग्रहण कर लिया। केडी सिंह करीब सात साल पहले वाराणसी में ही एआरटीओ प्रशासन रह चुके हैं। बता दें कि आरएस मामले में ही शासन ने पूर्व आरटीओ प्रवर्तन राधेश्याम को मुख्यालय से संबद्ध कर दिया था। नवागत आरटीओ प्रवर्तन केडी सिंह ने कहा कि ओवरलोडिंग पूरी तरह रोकी जाएगी। जनता से जुड़े कार्य त्वरित गति से निबटाए जाएंगे।
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अवैध वसूली के आरोपों की तस्दीक के लिए विजिलेंस टीम यह जानना चाहती थी कि वास्तव में प्रतिदिन कितने ओवरलोड ट्रक चंदौली से वाराणसी की ओर आते थे और उन्हें चंदौली से बिना कार्रवाई कैसे आगे बढ़ने दिया गया। प्लाजा के सीसीटीवी फुटेज और पुराने रिकॉर्ड की छानबीन में विजिलेंस ने पाया कि औसतन एक हजार से 1100 ओवरलोड ट्रक रोजाना गुजरते थे। सूत्राें के मुताबिक चंदौली की सीमा में प्रत्येक ओवरलोड ट्रक से सात हजार रुपये वसूले जाते थे। इस लिहाज से आरएस और उसके गुर्गे केवल ओवरलोड वाहनों से महीने में 21 करोड़ की वसूली करते थे। विजिलेंस को जानकारी मिली कि इस रैकेट में आरएस के साथ कई अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी शामिल थे। वसूली में सबका हिस्सा बंधा था। इसमें कई थानों के पुलिसकर्मी भी शामिल थे। एसपी विजिलेंस ने बताया कि टोल प्लाजा से जानकारी जुटाए जाने के बाद उप परिवहन आयुक्त और परिवहन आयुक्त से भी कुछ विभागीय जानकारियां मांगी गई हैं। आरएस का सर्विस रिकार्ड भी खंगाला जा रहा है।
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केडी सिंह बने आरटीओ प्रवर्तन
हरहुआ। शासन ने केडी सिंह को आरटीओ प्रवर्तन बनाया है। उन्होंने मंगलवार को परिवहन कार्यालय में कार्यभार ग्रहण कर लिया। केडी सिंह करीब सात साल पहले वाराणसी में ही एआरटीओ प्रशासन रह चुके हैं। बता दें कि आरएस मामले में ही शासन ने पूर्व आरटीओ प्रवर्तन राधेश्याम को मुख्यालय से संबद्ध कर दिया था। नवागत आरटीओ प्रवर्तन केडी सिंह ने कहा कि ओवरलोडिंग पूरी तरह रोकी जाएगी। जनता से जुड़े कार्य त्वरित गति से निबटाए जाएंगे।
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