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तीन हजार किसानों की कर्जमाफी लटकी
Updated Thu, 28 Jun 2018 12:48 AM IST
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ज्ञानपुर। जिले के तीन हजार किसानों की कर्जमाफी लटक गई है। बैंकों की लापरवाही के कारण आधार से एनपीए खाते लिंक नहीं हो सके, जिसके कारण इन किसानों को कर्जमाफी का लाभ मिलता नहीं दिख रहा है। एनपीए के 8127 किसानों का कर्जमाफ होना था, जिसमें तीन चरणों में करीब 3300 किसानों का तीन करोड़ कर्ज माफ किया जा चुका है जबकि तीन हजार एनपीए खातों की ऋणमाफी आधार फीडिंग न होने से लटक गई है।
प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी किसान ऋणमोचन योजना के तहत किसानों का एक लाख तक का कर्ज माफ होना था। वर्ष 2017 में लागू योजना में करीब 22 हजार किसानों में 10 हजार का ऋण माफ किया गया। उसके बाद किन्हीं कारणों से बचे किसानों और एनपीए खातों की ऋणमाफी की कवायद शुरू की गई। जिले के सहकारी बैंकों के अलावा एसबीआई, यूबीआई समेत अन्य प्राइवेट बैंकों से कुल 8127 एनपीए खाते कर्जमाफी के लिए चिह्नित किए गए थे। तहसील स्तर से सत्यापन करने के बाद एनपीए की कर्जमाफी शुरू की गई। पहले चरण में एनपीए के 753 खातों का 51 लाख, दूसरे चरण में 38 खातों का 12 लाख और तीसरे चरण में 2555 खातों का 2.42 करोड़ रुपये कर्ज माफ हुआ। इस दौरान 4800 एनपीए खातों में तीन हजार किसानों को कर्जमाफी का लाभ इसलिए नहीं मिल सका, क्योंकि बैंकों ने उन खातों को आधार से लिंक नहीं किया। कृषि विभाग का मानना है कि बैंकों की ओर से अगर बचत खाते से लिंक आधार को कर्जमाफी के खातों से जोड़ा जाता तो उनको लाभ मिल जाता। जिला कृषि अधिकारी अशोक कुमार ने कहा कि आधार से लिंक कराने के लिए बैंकों से आग्रह किया गया है। आधार से खाता लिंक होने पर ही ऋणमोचन का लाभ मिल जाएगा। उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि वह अपने एनपीए खातों को आधार से लिंक कराएं।
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प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी किसान ऋणमोचन योजना के तहत किसानों का एक लाख तक का कर्ज माफ होना था। वर्ष 2017 में लागू योजना में करीब 22 हजार किसानों में 10 हजार का ऋण माफ किया गया। उसके बाद किन्हीं कारणों से बचे किसानों और एनपीए खातों की ऋणमाफी की कवायद शुरू की गई। जिले के सहकारी बैंकों के अलावा एसबीआई, यूबीआई समेत अन्य प्राइवेट बैंकों से कुल 8127 एनपीए खाते कर्जमाफी के लिए चिह्नित किए गए थे। तहसील स्तर से सत्यापन करने के बाद एनपीए की कर्जमाफी शुरू की गई। पहले चरण में एनपीए के 753 खातों का 51 लाख, दूसरे चरण में 38 खातों का 12 लाख और तीसरे चरण में 2555 खातों का 2.42 करोड़ रुपये कर्ज माफ हुआ। इस दौरान 4800 एनपीए खातों में तीन हजार किसानों को कर्जमाफी का लाभ इसलिए नहीं मिल सका, क्योंकि बैंकों ने उन खातों को आधार से लिंक नहीं किया। कृषि विभाग का मानना है कि बैंकों की ओर से अगर बचत खाते से लिंक आधार को कर्जमाफी के खातों से जोड़ा जाता तो उनको लाभ मिल जाता। जिला कृषि अधिकारी अशोक कुमार ने कहा कि आधार से लिंक कराने के लिए बैंकों से आग्रह किया गया है। आधार से खाता लिंक होने पर ही ऋणमोचन का लाभ मिल जाएगा। उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि वह अपने एनपीए खातों को आधार से लिंक कराएं।
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