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जीएसटी रिफंड को ऑनलाइन करने जोर

Sat, 15 Dec 2018 01:55 AM IST
Updated Sat, 15 Dec 2018 01:55 AM IST
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जीएसटी रिफंड को ऑनलाइन करने जोर
वाराणसी। इंडियन इंडस्ट्री एसोसिएशन (आईआईए) मंडल इकाई की गुरुवार की देर रात मलदहिया स्थित संगठन के कार्यालय में हुई बैठक में प्रवासी भारतीय सम्मेलन में अपनी सशक्त मौजूदगी, आयात-निर्यात से जुड़ी समस्याएं, रिफंड प्रक्रिया से जुड़ी परेशानियों समेत अनेक मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श किया गया। उद्यमियों ने जीएसटी रिफंड प्रक्रिया के सरलीकरण की मांग की तो वहीं जीएसटी रिफंड को ऑनलाइन करने पर बल दिया।
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उद्यमियों ने कहा कि जीएसटी रिफंड में हार्ड कॉपी की अनिवार्यता से काफी दिक्कतें आ रही हैं जबकि सरकार ने जीएसटी में समस्त प्रक्रियाएं ऑनलाइन कर दी है। ऐसे में हार्ड कॉपी की अनिवार्यता को भी समाप्त कर देना चाहिए। उद्यमियों ने कहा कि वर्तमान में जीएसटी रिफंड प्रयागराज (इलाहाबाद) भेजकर पीएओ (पे एंड एकाउंट ऑफिसर) से कराना पड़ता है। इलाहाबाद में कई डिवीजनों का भार होने के कारण रिफंड में काफी विलंब होता है। ऐसे में वाराणसी में जीएसटी आयुक्त कार्यालय में पीएओ की नियुक्तिहो जाए तो रिफंड प्रोसेस में तेजी आएगी।
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अध्यक्षता करते हुए डिवीजनल चेयरमैन आरके चौधरी ने कहा कि औद्योगिक विकास व इनकी समस्याओं के निस्तारण के लिए बने फोरमों को प्रभावी बनाते हुए कानून के दायरे में लाया जाए, ताकि इसके गठन के मूल उद्देश्य की प्राप्ति हो सके तथा औद्योगिक विकास को गति मिले। सरकार को इस दिशा में त्वरित निर्णय लेना चाहिए। बैठक में राजेश भाटिया, अवधेश गुप्ता, नीरज पारिख, राहुल मेहता, अरविंद नाथ तिवारी, रतन कुमार सिंह, सुभाष पिपलानी, अनुज डिडवानिया, राजकुमार शर्मा, यूआर सिंह आदि रहे।
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पहले जैसा किया जाए आयात-निर्यात का प्रावधान
सरकार ने यह नियम बना दिया है कि पहले आयात करके ही निर्यात कर सकते हैं। पहले ऐसा नहीं था। इस नियम के लागू होने से निर्यातकों को समस्या हो रही है क्योंकि कई कारणों से आयात करने में विलंब होता है जिसके कारण निर्यात भी रुक जाता है। फलस्वरूप निर्यात में कमी आ रही है। जबकि पहले के नियम में सरकार को किसी प्रकार के राजस्व का नुकसान नहीं था।

सीएम को लिखा पत्र
प्रवासी भारतीय सम्मेलन के दौरान काशी की औद्योगिक पृष्ठभूमि, विकास की संभावनाओं और सम्मेलन में आने वाले उद्योग-व्यापार से संबंधित अतिथियों के साथ एक बैठक करने पर बल दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि यदि ऐसा हुआ तो न सिर्फ विदेशों से आने वाले अतिथि यहां के औद्योगिक वातावरण को अच्छी तरह समझ सकेंगे बल्कि स्थानीय उद्यमियों को विदेशी औद्योगिक नीति की जानकारी भी हो सकेगी। इसके लिए सीएम को पत्र भेज दिया गया है।
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