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सूचना आयुक्त कार्यालय में 40 हजार अपीलें लंबित
Updated Thu, 15 Mar 2018 02:23 AM IST
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वाराणसी। सूबे के मुख्य सूचना आयुक्त कार्यालय में जन सूचना अधिकार से जुड़ीं 40 हजार अपीलें लंबित हैं। इनमें करीब सात हजार अपीलें वाराणसी, इलाहाबाद और आजमगढ़ मंडल से जुड़ी हैं। यह स्थिति तब है जब फरवरी 2015 के बाद से अब तक 15 हजार अपीलें निस्तारित की जा चुकी हैं। बुधवार को यहां आए मुख्य सूचना आयुक्त जावेद उस्मानी ने यह जानकारी दी। मंडलायुक्त सभागार में जन सूचना अधिकारियों और अपीलीय अधिकारियों को प्रशिक्षण देने के बाद वह पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि जन सूचना के अधिकार से एक नई क्रांति आई है लेकिन अभी इस पूरी व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत है। स्थानीय स्तर पर जन सूचना अधिकारियों और अपीलीय अधिकारियों को और सक्रिय होने की जरूरत है। स्थानीय स्तर पर सुनवाई न होने के चलते हर महीने औसतन तीन हजार अपीलें उनके कार्यालय में पहुंचती हैं।
कुछ मामलों में जन सूचना अधिकारियों की शिथिलता होती है तो कुछ जानकारियां ऐसी मांग ली जाती हैं, जिन्हें उपलब्ध करा पाना या तो प्रावधान के तहत नहीं होता या फिर बेहद पेचीदा होता है, जिसके लिए कई विभागों से जानकारियां जुटानी पड़ती हैं। इन्हीं सभी पहलुओं को देखते हुए जन सूचना अधिकारी और अपीलीय अधिकारियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। बताया कि जो सूचना अधिकारी मांगी गई सूचनाएं उपलब्ध नहीं कराते उन पर अर्थदंड का प्रावधान है। ऐसे तकरीबन साढ़े सात हजार मामले लंबित हैं। लंबित मामलों के निस्तारण में तेजी लाई जा रही है। इस मौके पर राज्य सूचना आयुक्त पारसनाथ गुप्ता भी मौजूद थे।
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उन्होंने कहा कि जन सूचना के अधिकार से एक नई क्रांति आई है लेकिन अभी इस पूरी व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत है। स्थानीय स्तर पर जन सूचना अधिकारियों और अपीलीय अधिकारियों को और सक्रिय होने की जरूरत है। स्थानीय स्तर पर सुनवाई न होने के चलते हर महीने औसतन तीन हजार अपीलें उनके कार्यालय में पहुंचती हैं।
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कुछ मामलों में जन सूचना अधिकारियों की शिथिलता होती है तो कुछ जानकारियां ऐसी मांग ली जाती हैं, जिन्हें उपलब्ध करा पाना या तो प्रावधान के तहत नहीं होता या फिर बेहद पेचीदा होता है, जिसके लिए कई विभागों से जानकारियां जुटानी पड़ती हैं। इन्हीं सभी पहलुओं को देखते हुए जन सूचना अधिकारी और अपीलीय अधिकारियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। बताया कि जो सूचना अधिकारी मांगी गई सूचनाएं उपलब्ध नहीं कराते उन पर अर्थदंड का प्रावधान है। ऐसे तकरीबन साढ़े सात हजार मामले लंबित हैं। लंबित मामलों के निस्तारण में तेजी लाई जा रही है। इस मौके पर राज्य सूचना आयुक्त पारसनाथ गुप्ता भी मौजूद थे।
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