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अब काशी में भी बनने लगे फेब्रिकेटेड हाउस
Updated Sun, 31 Dec 2017 02:17 AM IST
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बाबतपुर। गुजरात के सूरत और अहमदाबाद और महाराष्ट्र के मुंबई की तरह अब अपनी काशी में भी फेब्रिकेटेड हाउस बनाने का काम शुरू हो गया है। दो युवा आयुष जायसवाल व प्रतीक पटेल सीमेंट, गिट्टी और बालू से बनने वाले मकानों को नए रूप में तैयार करने जा रहे हैं।
बाबतपुर हवाई अड्डे के समीप लारा फार्म हाउस में प्रयोग के तौर पर पहला फेब्रिकेटेड हाउस बनाया जा चुका है। विदेशी टेक्नोलॉजी पर आधारित इस फ्रेब्रिकेटेड हाउस की खास बात है कि ये भूकंपरोधी होंगे। मौसम और सामग्री की आपूर्ति सही रहने पर 20 दिन में एक मकान बनाया जा सकता है। 20 गुणा 35 फीट का एक मंजिला मकान बनाने में 25 लाख रुपये का खर्च आता है। जरूरत के अनुसार इन्हें कहीं भी स्थानांतारित किया जा सकेगा। दावा है कि सामान्य स्थितियों में ऐसे मकान को सौ साल तक प्रयोग में लाया जा सकता है। मूलत: गुजरात की इस कंपनी ने दक्षिण अफ्रीका में ऐसा ही रेडीमेड मकान बनाया है।
आयुष और प्रतीक ने बताया कि इन मकानों में परंपरागत बिल्डिंग मैटेरियल जैसे ईट, सीमेंट, गिट्टी और बालू की बजाय स्मार्ट बोर्ड, ग्लास वुड व अमेरिकी सिंगल्स का इस्तेमाल होगा। इस अलमारी, किचेन और ड्राइंग रूम की सुविधाओं से लैस इस रेडीमेड मकान की खिड़की, दरवाजे, छत व दीवारें सभी एक ही स्थान पर अलग से तैयार किए जाएंगे। बाद में निर्धारित स्थान पर ले जाकर जोड़ दिया जाएगा।
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बाबतपुर हवाई अड्डे के समीप लारा फार्म हाउस में प्रयोग के तौर पर पहला फेब्रिकेटेड हाउस बनाया जा चुका है। विदेशी टेक्नोलॉजी पर आधारित इस फ्रेब्रिकेटेड हाउस की खास बात है कि ये भूकंपरोधी होंगे। मौसम और सामग्री की आपूर्ति सही रहने पर 20 दिन में एक मकान बनाया जा सकता है। 20 गुणा 35 फीट का एक मंजिला मकान बनाने में 25 लाख रुपये का खर्च आता है। जरूरत के अनुसार इन्हें कहीं भी स्थानांतारित किया जा सकेगा। दावा है कि सामान्य स्थितियों में ऐसे मकान को सौ साल तक प्रयोग में लाया जा सकता है। मूलत: गुजरात की इस कंपनी ने दक्षिण अफ्रीका में ऐसा ही रेडीमेड मकान बनाया है।
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आयुष और प्रतीक ने बताया कि इन मकानों में परंपरागत बिल्डिंग मैटेरियल जैसे ईट, सीमेंट, गिट्टी और बालू की बजाय स्मार्ट बोर्ड, ग्लास वुड व अमेरिकी सिंगल्स का इस्तेमाल होगा। इस अलमारी, किचेन और ड्राइंग रूम की सुविधाओं से लैस इस रेडीमेड मकान की खिड़की, दरवाजे, छत व दीवारें सभी एक ही स्थान पर अलग से तैयार किए जाएंगे। बाद में निर्धारित स्थान पर ले जाकर जोड़ दिया जाएगा।
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