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गलियों-सड़कों पर बजबजा रहा सीवेज
Updated Sun, 08 Apr 2018 01:24 AM IST
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भदोही। जल निकासी की व्यवस्था न होने के कारण से नगर के कई मोहल्ले में हालात बदतर हो गए हैं। सड़कों और गलियों में गंदा पानी बजबजा रहा है। गंदे पानी से चलकर आने-जाने के लिए लोग मजबूर हैं। यही नहीं, बदबू और सड़न के कारण घरों में रहना भी मुश्किल हो रहा है। संक्रामक बीमारियों फैलने की आशंका से लोगों में भय व्याप्त है। नगर पालिका प्रशासन की अनदेखी से इन इलाकों के लोगों में खासी नाराजगी है।
मोहल्ला पीरखांपुर, चकदिवानगान, आलमपुर, जल्लापुर, घमहांपुर आदि मोहल्ले जलजमाव की समस्या वर्षों से बनी हुई है। पीरखांपुर में सीवर अक्सर जाम रहता है। दो-दो, चार-चार दिन सड़क पर पानी लगने के बाद पालिका कर्मी जब सीवर सफाई करते हैं, तब जाकर कुछ दिनों के लिए जलजमाव से छुट्टी मिलती है। चकदिवानगान वार्ड में कोतवाली के पीछे की आबादी जलजमाव से सर्वाधिक परेशान है। यहां लोगों के घरों के चौखट तक पानी लगता है। यह समस्या वर्ष भर रहती है। भग्गू सेठ ने कहा कि पानी कई लोगों के घरों में जाने को तैयार है। कहा कि यहां मजदूर तबके के लोग रहते हैं इसलिए कोई उनके विकास के बारे में नहीं सोचते। आलमपुर में कब्रिस्तान के पास हैंडपंप लगा है। नाली चोक रहने से हैंडपंप और लोगों के नाबदान का पानी हैंडपंप से लगा रहता है। इसका पानी भी दूषित हो चुका है। यहां के मोहम्मद फारूक अंसारी ने कहा कि हरदम नाली जाम रहती है। सफाई कर्मी आते जाते हैं लेकिन पानी का निकास नहीं होने से स्थिति में सुधार नहीं हो पा रहा है। घमहापुर वार्ड की समस्या भी पुरानी है। यहां का मुख्य मार्ग बाजार सलाबत खां मोहल्ले को बाईपास से जोड़ती है। मनोज चौहान ने कहा कि इस पर हजारो लोगों का चलना होता है, लेकिन, एक तो मार्ग क्षतिग्रस्त है ऊपर से जलजमाव की समस्या बनी हुई है। जिसे दूर करने के लिए विशेष प्रयास होने चाहिए।
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मोहल्ला पीरखांपुर, चकदिवानगान, आलमपुर, जल्लापुर, घमहांपुर आदि मोहल्ले जलजमाव की समस्या वर्षों से बनी हुई है। पीरखांपुर में सीवर अक्सर जाम रहता है। दो-दो, चार-चार दिन सड़क पर पानी लगने के बाद पालिका कर्मी जब सीवर सफाई करते हैं, तब जाकर कुछ दिनों के लिए जलजमाव से छुट्टी मिलती है। चकदिवानगान वार्ड में कोतवाली के पीछे की आबादी जलजमाव से सर्वाधिक परेशान है। यहां लोगों के घरों के चौखट तक पानी लगता है। यह समस्या वर्ष भर रहती है। भग्गू सेठ ने कहा कि पानी कई लोगों के घरों में जाने को तैयार है। कहा कि यहां मजदूर तबके के लोग रहते हैं इसलिए कोई उनके विकास के बारे में नहीं सोचते। आलमपुर में कब्रिस्तान के पास हैंडपंप लगा है। नाली चोक रहने से हैंडपंप और लोगों के नाबदान का पानी हैंडपंप से लगा रहता है। इसका पानी भी दूषित हो चुका है। यहां के मोहम्मद फारूक अंसारी ने कहा कि हरदम नाली जाम रहती है। सफाई कर्मी आते जाते हैं लेकिन पानी का निकास नहीं होने से स्थिति में सुधार नहीं हो पा रहा है। घमहापुर वार्ड की समस्या भी पुरानी है। यहां का मुख्य मार्ग बाजार सलाबत खां मोहल्ले को बाईपास से जोड़ती है। मनोज चौहान ने कहा कि इस पर हजारो लोगों का चलना होता है, लेकिन, एक तो मार्ग क्षतिग्रस्त है ऊपर से जलजमाव की समस्या बनी हुई है। जिसे दूर करने के लिए विशेष प्रयास होने चाहिए।
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