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कश्मीरी पंडितों को घाटी में बसाए सरकार
Updated Sat, 20 Jan 2018 01:20 AM IST
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लालानगर। राष्ट्रीय ब्राह्मण युवजन सभा की बैठक शुक्रवार को जिला कार्यालय छतमी में हुई। इसमें वक्ताओं ने कहा कि आज के ही दिन 19 जनवरी 1990 को पाकिस्तान सरपरस्त मुसलमानों ने कश्मीरी पंडितों को अपने घर से बेदखल कर दिया था। उसके बाद से कश्मीरी पंडितों को अपने ही देश में शरणार्थी के रूप में रहना पड़ रहा है। वक्ताओं ने केंद्र सरकार से मांग किया कि कश्मीरी पंडितों को उनके जन्म स्थान पर पुन: बसाया जाए।
जिलाध्यक्ष अंबरीष मिश्र ने कहा कि नब्बे के दशक में जिस तरीके से कश्मीरी पंडितों को घाटी से हटाया गया और उसके बाद सरकारों ने इस गंभीर संकट की ओर ध्यान नहीं दिया। नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार में कश्मीरी पंडितों को अपना अधिकार नहीं मिला, तो कभी भी नहीं मिलेगा। प्रदेश सरकार से मांग कि की प्रदेश कांस्टेबल भर्ती के लिए जो नोटिफिकेशन जारी किया गया है, वह सवर्ण समाज को आहत करने वाला है। इसमें संशोधन किया जाना चाहिए ताकि सवर्ण समाज के सभी युवा भर्ती में भाग लें सके। बैठक में साधु तिवारी, विवेक मिश्रा, अखिलेश दुबे, संतोष तिवारी, रत्नेश तिवारी, शुभम मिश्रा, भारत मिश्रा, विभम शुक्ला, सत्यम पांडेय, अंकित शुक्ला, गोलू पांडेय, चंचल पांडेय उपस्थित रहे।
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जिलाध्यक्ष अंबरीष मिश्र ने कहा कि नब्बे के दशक में जिस तरीके से कश्मीरी पंडितों को घाटी से हटाया गया और उसके बाद सरकारों ने इस गंभीर संकट की ओर ध्यान नहीं दिया। नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार में कश्मीरी पंडितों को अपना अधिकार नहीं मिला, तो कभी भी नहीं मिलेगा। प्रदेश सरकार से मांग कि की प्रदेश कांस्टेबल भर्ती के लिए जो नोटिफिकेशन जारी किया गया है, वह सवर्ण समाज को आहत करने वाला है। इसमें संशोधन किया जाना चाहिए ताकि सवर्ण समाज के सभी युवा भर्ती में भाग लें सके। बैठक में साधु तिवारी, विवेक मिश्रा, अखिलेश दुबे, संतोष तिवारी, रत्नेश तिवारी, शुभम मिश्रा, भारत मिश्रा, विभम शुक्ला, सत्यम पांडेय, अंकित शुक्ला, गोलू पांडेय, चंचल पांडेय उपस्थित रहे।
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