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पत्रिका के सर्वे रिपोर्ट में बीएचयू गायब, विरोध
Updated Mon, 26 Jun 2017 02:19 AM IST
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वाराणसी। एक सामाचार पत्रिका की ओर से देश के सर्वश्रेष्ठ सरकारी और निजी विश्वविद्यालयों, शिक्षण संस्थानों के सर्वे रिपोर्ट में बीएचयू का नाम न होने को लेकर छात्रों ने विरोध शुरू कर दिया है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने रविवार को उसकी प्रतियां जलाकर विरोध दर्ज कराया और इस सर्वे को गलत बताया।
पत्रिका की ओर से उच्च शिक्षण संस्थानों में गुणवत्ता को लेकर की गई रिपोर्ट के साथ ही एक सर्वे रिपोर्ट प्रकाशित की गई है। उसमें टॉप फाइव सरकारी विश्वविद्यालयों में जेएनयू नंबर वन पर है, इसके बाद दिल्ली यूनिवस्रिटी, एएमयू, हैदराबाद यूनिवर्सिटी, पुदुच्चेरि यूनिवर्सिटी शामिल हैं। इसके अलावा करीब तीस से अधिक सरकारी, निजी विश्वविद्यालयों की सूची जारी की गई है। इसमें बनारस से महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ का नाम तो दर्ज है लेकिन बीएचयू का कही नामोनिशान नहीं है। उधर इसकी जानकारी होन के बाद विद्यार्थी परिषद कार्यकर्ताओं ने सर्वे पर सवाल खड़ा करते हुए इसकी प्रतियां जलाई और छात्रों से भी इसका बहिष्कार करने को कहा। इस दौरान राष्ट्रीय मंत्री डॉ. आलोक पांडेय, घनश्याम शाही, भूपेेंद्र,शैलेंद्र सिंह, नितेश अग्रहरि, देवी प्रसाद, विकास, अरुण चौबे सहित कई लोग मौजूद रहे।
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पत्रिका की ओर से उच्च शिक्षण संस्थानों में गुणवत्ता को लेकर की गई रिपोर्ट के साथ ही एक सर्वे रिपोर्ट प्रकाशित की गई है। उसमें टॉप फाइव सरकारी विश्वविद्यालयों में जेएनयू नंबर वन पर है, इसके बाद दिल्ली यूनिवस्रिटी, एएमयू, हैदराबाद यूनिवर्सिटी, पुदुच्चेरि यूनिवर्सिटी शामिल हैं। इसके अलावा करीब तीस से अधिक सरकारी, निजी विश्वविद्यालयों की सूची जारी की गई है। इसमें बनारस से महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ का नाम तो दर्ज है लेकिन बीएचयू का कही नामोनिशान नहीं है। उधर इसकी जानकारी होन के बाद विद्यार्थी परिषद कार्यकर्ताओं ने सर्वे पर सवाल खड़ा करते हुए इसकी प्रतियां जलाई और छात्रों से भी इसका बहिष्कार करने को कहा। इस दौरान राष्ट्रीय मंत्री डॉ. आलोक पांडेय, घनश्याम शाही, भूपेेंद्र,शैलेंद्र सिंह, नितेश अग्रहरि, देवी प्रसाद, विकास, अरुण चौबे सहित कई लोग मौजूद रहे।
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