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पहड़िया मंडी में आग लगी, लाखों का नुकसान
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वाराणसी। फल और सब्जी के थोक कारोबार के सबसे बड़े बाजार पहड़िया स्थित लालबहादुर शास्त्री नवीन मंडी के शेड नंबर आठ में सोमवार की दोपहर आग लग गई। देखते ही देखते आग की लपटें विकराल होती चली गईं। आग की चपेट में आकर 23 आढ़तियों की दुकानों में रखे सामान के साथ ही प्याज लादे चार ट्रक, चार मालवाहक, एक कार और दो दोपहिया वाहन जलकर राख हो गए। जाम लगने के कारण दमकल की गाड़ियों को आने में देरी होते देख 95 बटालियन सीआरपीएफ के जवानों ने पुलिस और आढ़तियों के साथ आग बुझाना शुरू किया। एक-एक कर आई दमकल की छह गाड़ियों ने तकरीबन एक घंटे में आग पर काबू पाया। इस दौरान मंडी परिसर और उसके सामने से गुजरे पहड़िया-सारनाथ मार्ग पर अफरातफरी का माहौल रहा। आग लगने की वजह प्रथम दृष्टया शार्ट सर्किट बताई गई है।
पहड़िया मंडी स्थित शेड नंबर आठ में दोपहर साढ़े तीन बजे के लगभग अचानक लगी आग ने सबसे पहले आढ़ती काशीनाथ गिरि की दुकान को चपेट में लिया। देखते ही देखते प्याज लदे चार ट्रक, कार, चार मालवाहक और एक बाइक आग की चपेट में आकर धूधू कर जलने लगी। इसके साथ अन्य आढ़तियों की दुकानों को भी आग ने चपेट में ले लिया। आग लगने से आढ़तियों और मजदूरों के साथ ही वाहन लेकर आए दुकानदारों और उनके चालकों में भगदड़ मच गई। आढ़तियों को यह भी अवसर नहीं मिल पाया कि वो अपने कागजात और नगदी दुकानों से निकाल कर सुरक्षित कर सकें। आढ़ती अजीत, मोहनलाल, दयाराम, लल्लू पाल, कन्हैया लाल, सहाबुद्दीन, मोहन मौर्या सहित 23 ने खुद की आढ़त, सामान, नगदी और अन्य सामान आग में जल कर राख होने की बात बताई। लपटों को हवा के साथ तेजी से बढ़ता देख समीप ही रहने वाले सीआरपीएफ के जवान भाग कर मौके पर पहुंचे और आग बुझाना शुरू किया। इसी बीच दमकल की गाड़ियां भी आईं और पौने छह बजे के लगभग स्थिति नियंत्रित कर ली गई।
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पहड़िया मंडी स्थित शेड नंबर आठ में दोपहर साढ़े तीन बजे के लगभग अचानक लगी आग ने सबसे पहले आढ़ती काशीनाथ गिरि की दुकान को चपेट में लिया। देखते ही देखते प्याज लदे चार ट्रक, कार, चार मालवाहक और एक बाइक आग की चपेट में आकर धूधू कर जलने लगी। इसके साथ अन्य आढ़तियों की दुकानों को भी आग ने चपेट में ले लिया। आग लगने से आढ़तियों और मजदूरों के साथ ही वाहन लेकर आए दुकानदारों और उनके चालकों में भगदड़ मच गई। आढ़तियों को यह भी अवसर नहीं मिल पाया कि वो अपने कागजात और नगदी दुकानों से निकाल कर सुरक्षित कर सकें। आढ़ती अजीत, मोहनलाल, दयाराम, लल्लू पाल, कन्हैया लाल, सहाबुद्दीन, मोहन मौर्या सहित 23 ने खुद की आढ़त, सामान, नगदी और अन्य सामान आग में जल कर राख होने की बात बताई। लपटों को हवा के साथ तेजी से बढ़ता देख समीप ही रहने वाले सीआरपीएफ के जवान भाग कर मौके पर पहुंचे और आग बुझाना शुरू किया। इसी बीच दमकल की गाड़ियां भी आईं और पौने छह बजे के लगभग स्थिति नियंत्रित कर ली गई।
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