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स्वामी अड़गड़ानंद ने भक्तों को बताया भक्ति का महत्व
Updated Wed, 07 Nov 2018 02:01 AM IST
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कछवारोड । सेवापुरी ब्लाक के करधना गांव स्थित परमहंस आश्रम में स्वामी अड़गड़ानंद जी महाराज ने कहा कि भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान भक्त के बस में हो जाते हैं। हनुमान जी ने राम नाम को अपने हर सांस में बसाकर भगवान श्रीराम को प्रसन्न कर लिया और भगवान राम हनुमान जी में बस गए थे।
स्वामी जी ने कहा कि राजा बलि के भक्ति से प्रसन्न होकर विष्णु भगवान जब राजा बलि के यहां यज्ञ चल रहा था तो उस दौरान एक बाल ब्राह्मण के रूप में पहुंच गए। राजा बलि यज्ञ से उठ कर आने लगे तो गुरु शुक्राचार्य ने रोका। राजा बलि ने कहा कि दरवाजे पर कोई ब्राह्मण खड़ा है तो हम कैसे यज्ञ पूरा कर सकते हैं। विष्णु भगवान से बलि ने पूछा आपकी क्या सेवा करें। भगवान विष्णु ने कहा कि हमें तीन पग जमीन चाहिए। राजा बलि ने भगवान से कहा कि आप अपने तीन पग जमीन नाप लीजिए। दो पग में तीनों लोक पूरा हो गया तो भगवान विष्णु ने कहा कि तीसरा पग कहां रखूं। राजा बलि ने अपने सिर पर तीसरा पैर रख लिया। इससे प्रसन्न होकर भगवान विष्णु ने अपने रूप में आकर कहा जो मांगना है, वह मांग लो। बलि ने कहा कि भगवान के चरण हमारे सिर पर है तो इससे बड़ा धन हमें नहीं चाहिए। फिर भगवान ने कहा कि जो भी मांगना चाहो मांग सकते हैं। बलि ने लक्ष्मी जी को मांगा। लक्ष्मी जी ने कहा, भगवान अगर हम बलि के यहां रहेंगे तो आपको दरवाजे पर रहना होगा। विष्णु भगवान पगड़ी बांधकर लाठी लेकर बलि के हर दरवाजे पर विराजमान रहते थे।
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स्वामी जी ने कहा कि राजा बलि के भक्ति से प्रसन्न होकर विष्णु भगवान जब राजा बलि के यहां यज्ञ चल रहा था तो उस दौरान एक बाल ब्राह्मण के रूप में पहुंच गए। राजा बलि यज्ञ से उठ कर आने लगे तो गुरु शुक्राचार्य ने रोका। राजा बलि ने कहा कि दरवाजे पर कोई ब्राह्मण खड़ा है तो हम कैसे यज्ञ पूरा कर सकते हैं। विष्णु भगवान से बलि ने पूछा आपकी क्या सेवा करें। भगवान विष्णु ने कहा कि हमें तीन पग जमीन चाहिए। राजा बलि ने भगवान से कहा कि आप अपने तीन पग जमीन नाप लीजिए। दो पग में तीनों लोक पूरा हो गया तो भगवान विष्णु ने कहा कि तीसरा पग कहां रखूं। राजा बलि ने अपने सिर पर तीसरा पैर रख लिया। इससे प्रसन्न होकर भगवान विष्णु ने अपने रूप में आकर कहा जो मांगना है, वह मांग लो। बलि ने कहा कि भगवान के चरण हमारे सिर पर है तो इससे बड़ा धन हमें नहीं चाहिए। फिर भगवान ने कहा कि जो भी मांगना चाहो मांग सकते हैं। बलि ने लक्ष्मी जी को मांगा। लक्ष्मी जी ने कहा, भगवान अगर हम बलि के यहां रहेंगे तो आपको दरवाजे पर रहना होगा। विष्णु भगवान पगड़ी बांधकर लाठी लेकर बलि के हर दरवाजे पर विराजमान रहते थे।
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