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उत्पादन घटने से चढ़ने लगा आलू का भाव
Updated Sun, 20 May 2018 01:08 AM IST
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ज्ञानपुर। उत्पादन घटने से सब्जियों के राजा आलू की कीमतों में आग लगनी शुरू हो गई है। अभी ही कीमत 18 से 20 रुपये किलो पहुंच गई है, जो आने वाले समय में 30 से 50 तक पहुंच सकती है, जिससे आम लोगों की मुश्किलें बढ़नी तय है।
पूर्व के वर्षों में आलू जहां दो से ढाई रुपये किलो तक बिका, वहीं इस बार सात से आठ के नीचे नहीं आया। उत्पादन के करीब दो माह बाद ही आलू के दाम तेजी से बढ़ने लगे हैं। इस समय बाजार में आलू 18 से 20 रुपये किलो के हिसाब से बिक रहा है। अब आलू के भाव चढ़ने से उन्हें पिछले साल का घाटा पूरा करने की उम्मीद जग गई है। उद्यान विभाग के आंकड़ों पर गौर किया जाए तो वित्तीय वर्ष में 800 हेक्टेयर में आलू की बुवाई की गई थी। 16 हजार एमटी उत्पादन का लक्ष्य था, लेकिन केवल सात हजार एमटी आलू जिले में पैदा हुआ।
जिला उद्यान अधिकारी शैलेंद्र देव दूबे ने कहा कि 40 फीसदी उत्पादन होने से जिले में आलू महंगा होना लाजिमी है। उत्पादन कम होने से गिने-चुने किसान ही कोल्ड स्टोरेज में उसे रख सके हैं। प्रगतिशील किसान भोलानाथ उपाध्याय ने कहा कि पूर्व के वर्षों में आलू की खेती करने वाले किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ा था, जिससे इस बार कम किसानों ने आलू की बुवाई की।
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पूर्व के वर्षों में आलू जहां दो से ढाई रुपये किलो तक बिका, वहीं इस बार सात से आठ के नीचे नहीं आया। उत्पादन के करीब दो माह बाद ही आलू के दाम तेजी से बढ़ने लगे हैं। इस समय बाजार में आलू 18 से 20 रुपये किलो के हिसाब से बिक रहा है। अब आलू के भाव चढ़ने से उन्हें पिछले साल का घाटा पूरा करने की उम्मीद जग गई है। उद्यान विभाग के आंकड़ों पर गौर किया जाए तो वित्तीय वर्ष में 800 हेक्टेयर में आलू की बुवाई की गई थी। 16 हजार एमटी उत्पादन का लक्ष्य था, लेकिन केवल सात हजार एमटी आलू जिले में पैदा हुआ।
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जिला उद्यान अधिकारी शैलेंद्र देव दूबे ने कहा कि 40 फीसदी उत्पादन होने से जिले में आलू महंगा होना लाजिमी है। उत्पादन कम होने से गिने-चुने किसान ही कोल्ड स्टोरेज में उसे रख सके हैं। प्रगतिशील किसान भोलानाथ उपाध्याय ने कहा कि पूर्व के वर्षों में आलू की खेती करने वाले किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ा था, जिससे इस बार कम किसानों ने आलू की बुवाई की।
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