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ब्लॉक प्रमुख चुनाव 2021: उन्नाव में ब्लॉक प्रमुख प्रत्याशी, मां समेत छह पर रिपोर्ट, बीडीसी को अगवा करने का आरोप
Fri, 09 Jul 2021 08:04 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Fri, 09 Jul 2021 08:04 PM IST
सार
चार ब्लाकों में भाजपा समर्थित प्रत्याशियों के सामने किसी प्रतिद्वंदी के नामाकंन न कराने से निर्विरोध ब्लाक प्रमुख चुना जाना तय है। इनमें विधानसभा अध्यक्ष के बेटे और सदर विधायक के छोटे भाई शामिल हैं।
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ब्लॉक प्रमुख चुनाव में बवाल
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
उन्नाव के असोहा थाना क्षेत्र के भवलिया निवासी जगदीश ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि पत्नी कौशल्या बीडीसी सदस्य हैं। गुरुवार को वह बकरियां चराने खेत गई थीं। इसी दौरान सपा समर्थित ब्लॉक प्रमुख प्रत्याशी बीतेंद्र यादव मां सोमवती के साथ खेत पहुंचे और पत्नी कौशल्या पर वोट देने का दबाव बनाने लगे।
मना करने पर साथियों की मदद से पत्नी को कार से अगवा कर ले गए। सीओ पुरवा रघुवीर सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर बीतेंद्र, उसकी मां सोमवती व चार अज्ञात लोगों के खिलाफ अपहरण व एससीएसटी एक्ट में रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जा रही है। सपा प्रत्याशी बीतेंद्र यादव का आरोप है कि सत्ता के दबाव में उनके परिवार के लोगाें पर फर्जी तरीके से रिपोर्ट दर्ज की जा रही है।
भाजपा के चार प्रत्याशियों का निर्विरोध चुना जाना तय
चार ब्लाकों में भाजपा समर्थित प्रत्याशियों के सामने किसी प्रतिद्वंदी के नामाकंन न कराने से निर्विरोध ब्लाक प्रमुख चुना जाना तय है। इनमें विधानसभा अध्यक्ष के बेटे और सदर विधायक के छोटे भाई शामिल हैं। सफीपुर और सिकंदरपुर सरोसी ब्लाक में एक-एक ही पर्चा दाखिल हुआ है। यह चारों प्रत्याशी व उनके समर्थक जीत का प्रमाण पत्र मिलने से पहले ही खुद की जीत तय मानते हुए खुशियां मना रहे हैं।
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जिले में 16 ब्लाक हैं। हिलौली ब्लाक से विधानसभा अध्यक्ष हृदयनारायण दीक्षित के बेटे दिलीप दीक्षित भाजपा समर्थन से प्रमुख पद के लिए मैदान में हैं। सदर विधायक पंकज गुप्ता के भाई नीरज गुप्ता ने भाजपा समर्थित प्रत्याशी के रूप में बिछिया ब्लाक से नामांकन पर्चा भरा था। दोनों ही ब्लाकों में गुरुवार को एक-एक ही पर्चा दाखिल हो पाया। जांच के बाद नामांकन पत्र सही पाए जाने पर दोनों के निर्विरोध ब्लाक प्रमुख चुने जाने का रास्ता साफ हो गया।
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मना करने पर साथियों की मदद से पत्नी को कार से अगवा कर ले गए। सीओ पुरवा रघुवीर सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर बीतेंद्र, उसकी मां सोमवती व चार अज्ञात लोगों के खिलाफ अपहरण व एससीएसटी एक्ट में रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जा रही है। सपा प्रत्याशी बीतेंद्र यादव का आरोप है कि सत्ता के दबाव में उनके परिवार के लोगाें पर फर्जी तरीके से रिपोर्ट दर्ज की जा रही है।
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भाजपा के चार प्रत्याशियों का निर्विरोध चुना जाना तय
चार ब्लाकों में भाजपा समर्थित प्रत्याशियों के सामने किसी प्रतिद्वंदी के नामाकंन न कराने से निर्विरोध ब्लाक प्रमुख चुना जाना तय है। इनमें विधानसभा अध्यक्ष के बेटे और सदर विधायक के छोटे भाई शामिल हैं। सफीपुर और सिकंदरपुर सरोसी ब्लाक में एक-एक ही पर्चा दाखिल हुआ है। यह चारों प्रत्याशी व उनके समर्थक जीत का प्रमाण पत्र मिलने से पहले ही खुद की जीत तय मानते हुए खुशियां मना रहे हैं।
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जिले में 16 ब्लाक हैं। हिलौली ब्लाक से विधानसभा अध्यक्ष हृदयनारायण दीक्षित के बेटे दिलीप दीक्षित भाजपा समर्थन से प्रमुख पद के लिए मैदान में हैं। सदर विधायक पंकज गुप्ता के भाई नीरज गुप्ता ने भाजपा समर्थित प्रत्याशी के रूप में बिछिया ब्लाक से नामांकन पर्चा भरा था। दोनों ही ब्लाकों में गुरुवार को एक-एक ही पर्चा दाखिल हो पाया। जांच के बाद नामांकन पत्र सही पाए जाने पर दोनों के निर्विरोध ब्लाक प्रमुख चुने जाने का रास्ता साफ हो गया।
ब्लॉक प्रमुख चुनाव में बवाल
- फोटो : amar ujala
सिकंदरपुर सरोसी से भाजपा समर्थित कुशला देवी और सफीपुर से निर्मला रावत का भी निर्विरोध निर्वाचन तय हो गया है। सहायक निर्वाचन अधिकारी (पंचायत/निकाय) डॉ. संजय द्विवेदी ने बताया कि चार ब्लाकों में एक-एक ही नामांकन हुआ है। इस कारण वहां पर चुनाव नहीं होंगे। इससे एकमात्र पर्चा दाखिल करने वाले प्रत्याशियोें को ही निर्विरोध प्रमुख घोषित किया जा सकता है। इन प्रत्याशियों को प्रमाणपत्र 10 जुलाई को ही दिए जाएंगे।
प्रधान से प्रमुख तक पहुंची निर्मला
भाजपा समर्थित ब्लाक प्रमुख प्रत्याशी निर्मला रावत 2005 में सफीपुर ग्रामीण से प्रधान रह चुकी हैं। निर्मला रावत के पति रमेश रावत वर्ष 1989 में भारतीय जनता पार्टी के बूथ अध्यक्ष रहे थे। वह वर्ष 1995 में प्रधान भी बने। 2005 में पत्नी को प्रधान बनाया। इस बार पहले क्षेत्र पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ाकर बीडीसी बनाया। फिर ब्लाक प्रमुख चुनाव में भाजपा अधिकृत प्रत्याशी बनीं। गुरुवार को नामांकन कराकर चुनावी मैदान में उतरी निर्मला रावत के सामने किसी ने भी पर्चा दाखिल नहीं किया। निर्मला का निर्विरोध ब्लाक प्रमुख बनने का रास्ता साफ हो गया।
सत्ता के दुरुपयोग का आरोप लगाया
पूर्व ब्लाक प्रमुख व कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष कृष्णपाल सिंह यादव ने कहा कि कहीं भी निर्विरोध निर्वाचन नहीं हुआ है। यह सब सत्ता का दुरुपयोग है। सरकार के अंदर ईमानदारी और नैतिकता नाम की कोई चीज नहीं बची है। तानाशाही के कारण विपक्ष को नामांकन तक नहीं कराने दिया गया। यह निंदनीय है।
प्रधान से प्रमुख तक पहुंची निर्मला
भाजपा समर्थित ब्लाक प्रमुख प्रत्याशी निर्मला रावत 2005 में सफीपुर ग्रामीण से प्रधान रह चुकी हैं। निर्मला रावत के पति रमेश रावत वर्ष 1989 में भारतीय जनता पार्टी के बूथ अध्यक्ष रहे थे। वह वर्ष 1995 में प्रधान भी बने। 2005 में पत्नी को प्रधान बनाया। इस बार पहले क्षेत्र पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ाकर बीडीसी बनाया। फिर ब्लाक प्रमुख चुनाव में भाजपा अधिकृत प्रत्याशी बनीं। गुरुवार को नामांकन कराकर चुनावी मैदान में उतरी निर्मला रावत के सामने किसी ने भी पर्चा दाखिल नहीं किया। निर्मला का निर्विरोध ब्लाक प्रमुख बनने का रास्ता साफ हो गया।
सत्ता के दुरुपयोग का आरोप लगाया
पूर्व ब्लाक प्रमुख व कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष कृष्णपाल सिंह यादव ने कहा कि कहीं भी निर्विरोध निर्वाचन नहीं हुआ है। यह सब सत्ता का दुरुपयोग है। सरकार के अंदर ईमानदारी और नैतिकता नाम की कोई चीज नहीं बची है। तानाशाही के कारण विपक्ष को नामांकन तक नहीं कराने दिया गया। यह निंदनीय है।