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गंगा कटान में बही सड़क, आवागमन रुका
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कटान से क्षतिग्रस्त गढ़ेवा संपर्क मार्ग से निकलता बाइक सवार। संवाद
- फोटो : UNNAO
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बीघापुर(उन्नाव)। तहसील क्षेत्र की ग्रामसभा गढ़ेवा के सामने गंगा नदी पर बने पुल से गांव और बीघापुर तहसील क्षेत्र को कानपुर से जोड़ने वाले मार्ग पर वाहनों का आवागमन रुक गया है। गंगा कटान से मार्ग बह जाने से दो दर्जन गांवों की करीब 20 हजार आबादी प्रभावित है। हादसे की आशंका से पुलिस ने बैरीकेडिंग लगा दी है। इस मार्ग से चार पहिया वाहनों का आवागमन पूरी तरह ठप है, जबकि दो पहिया वाहन सवार लोग जान जोखिम में डाल रहे हैं।
बीघापुर तहसरील की ग्रामसभा गढ़ेवा के सामने गंगा नदी पर बना पुल फिलहाल औचित्यहीन हो गया है। बीघापुर-गढ़ेवा से कानपुर के सिकठिया पुरवा (कानपुर-प्रयागराज हाईवे) को जोड़ने वाला संपर्क मार्ग गंगा नदी में कटान के कारण बह गया। इससे गढ़ेवा, खरौली, कर्मी, चंदनपुर, विभौरा, पाही, सुमरहा, अदनखेड़ा, देवपुर सहित दो दर्जन से अधिक गांवों की 20 हजार आबादी को मुश्किलों का सामना करना पड़ा रहा है। दोपहिया वाहन जानजोखिम में डालकर डामर रोड के बगल में शेष बची कच्ची रोड से निकल रहे हैं।
बारासगवर पुलिस ने गढे़वा की ओर से बैरीकेडिंग लगाकर व पत्थर डाल आने-जाने वालों पर रोक लगा दी है। हालांकि बैरीकेडिंग के पास कोई भी पुलिसकर्मी मौजूद नहीं है। आवागमन बंद होने से कटरी क्षेत्र के लोगों में आक्रोश दिखा। एसडीएम अंकित शुक्ला ने दो दिन पहले बताया था कि कटान रोकने के लिए अजमेर से जियो बैग मंगवाए गए हैं। आते ही कटान रोकने का प्रयास किया जाएगा। हालांकि यह कोरा आश्वासन ही साबित हुआ।
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उपज लेकर कानपुर मंडी नहीं जा पा रहे किसान
तहसील क्षेत्र के किसान लोडर, ट्रैक्टर व अन्य वाहनों से सब्जी, अनाज व अन्य उपज के अलावा कानपुर जाने-आने के लिए इसी मार्ग से होकर जाते हैं। लेकिन मार्ग कटने से क्षेत्र का संपर्क कट गया है। पूर्व प्रधान डॉ. चंद्र कुमार अवस्थी ने बताया कि क्षेत्र के किसान कानपुर के रामादेवी, चकरपुर व अन्य मंडियों में उपज बेचने जाते हैं। बताया कि पिछले तीन साल से हर बार प्रशासन सिर्फ आश्वासन दे रहा है। ग्राम प्रधान बैजनाथ लोधी ने बताया कि प्रशासन को समय-समय पर सूचना दी जाती रही लेकिन प्रशासन की लापरवाही से कटरी क्षेत्र के लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
बोले जिम्मेदार
एसडीएम अंकित शुक्ला ने बताया कि गंगा के बीच में बालू का टीला बन जाने से गंगा का पानी सड़क की तरफ से होकर बहने लगा है। इसी वजह से कटान हो रही है। पीडब्ल्यूडी की टीम वहां बोरी और पत्थर के बोल्ड डलवा रही है।
पीडब्ल्यूडी के अधीक्षण अभियंता मन्नीलाल ने बताया कि एक्सईएन और जेई को निर्देश दिए गए हैं कि वह मार्ग की कटान रोकने के साथ ही मरम्मत भी कराएं। इस दौरान कोई हादसा न हो इसलिए जरूरी कदम उठाएं। बताया कि बोरियों में बालू भरकर लगवाया जा रहा है। जियो बैग भी मंगाए हैं।
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बीघापुर तहसरील की ग्रामसभा गढ़ेवा के सामने गंगा नदी पर बना पुल फिलहाल औचित्यहीन हो गया है। बीघापुर-गढ़ेवा से कानपुर के सिकठिया पुरवा (कानपुर-प्रयागराज हाईवे) को जोड़ने वाला संपर्क मार्ग गंगा नदी में कटान के कारण बह गया। इससे गढ़ेवा, खरौली, कर्मी, चंदनपुर, विभौरा, पाही, सुमरहा, अदनखेड़ा, देवपुर सहित दो दर्जन से अधिक गांवों की 20 हजार आबादी को मुश्किलों का सामना करना पड़ा रहा है। दोपहिया वाहन जानजोखिम में डालकर डामर रोड के बगल में शेष बची कच्ची रोड से निकल रहे हैं।
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बारासगवर पुलिस ने गढे़वा की ओर से बैरीकेडिंग लगाकर व पत्थर डाल आने-जाने वालों पर रोक लगा दी है। हालांकि बैरीकेडिंग के पास कोई भी पुलिसकर्मी मौजूद नहीं है। आवागमन बंद होने से कटरी क्षेत्र के लोगों में आक्रोश दिखा। एसडीएम अंकित शुक्ला ने दो दिन पहले बताया था कि कटान रोकने के लिए अजमेर से जियो बैग मंगवाए गए हैं। आते ही कटान रोकने का प्रयास किया जाएगा। हालांकि यह कोरा आश्वासन ही साबित हुआ।
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उपज लेकर कानपुर मंडी नहीं जा पा रहे किसान
तहसील क्षेत्र के किसान लोडर, ट्रैक्टर व अन्य वाहनों से सब्जी, अनाज व अन्य उपज के अलावा कानपुर जाने-आने के लिए इसी मार्ग से होकर जाते हैं। लेकिन मार्ग कटने से क्षेत्र का संपर्क कट गया है। पूर्व प्रधान डॉ. चंद्र कुमार अवस्थी ने बताया कि क्षेत्र के किसान कानपुर के रामादेवी, चकरपुर व अन्य मंडियों में उपज बेचने जाते हैं। बताया कि पिछले तीन साल से हर बार प्रशासन सिर्फ आश्वासन दे रहा है। ग्राम प्रधान बैजनाथ लोधी ने बताया कि प्रशासन को समय-समय पर सूचना दी जाती रही लेकिन प्रशासन की लापरवाही से कटरी क्षेत्र के लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
बोले जिम्मेदार
एसडीएम अंकित शुक्ला ने बताया कि गंगा के बीच में बालू का टीला बन जाने से गंगा का पानी सड़क की तरफ से होकर बहने लगा है। इसी वजह से कटान हो रही है। पीडब्ल्यूडी की टीम वहां बोरी और पत्थर के बोल्ड डलवा रही है।
पीडब्ल्यूडी के अधीक्षण अभियंता मन्नीलाल ने बताया कि एक्सईएन और जेई को निर्देश दिए गए हैं कि वह मार्ग की कटान रोकने के साथ ही मरम्मत भी कराएं। इस दौरान कोई हादसा न हो इसलिए जरूरी कदम उठाएं। बताया कि बोरियों में बालू भरकर लगवाया जा रहा है। जियो बैग भी मंगाए हैं।