{"_id":"69e67e26cfb331c6940ba268","slug":"unnao-news-unnao-news-c-221-1-uno1001-148997-2026-04-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Unnao News: कक्षा पांच और आठ पास छात्राें को अगली कक्षा में दाखिला दिलाएंगे प्रधान शिक्षक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Unnao News: कक्षा पांच और आठ पास छात्राें को अगली कक्षा में दाखिला दिलाएंगे प्रधान शिक्षक
विज्ञापन
उन्नाव। परिषदीय स्कूलों में अब कक्षा पांच और आठ पास करने वाले छात्रों का ब्योरा प्रधान शिक्षक को रखना होगा। स्कूल से निकलने वाले छात्रों को अगली कक्षा में प्रवेश दिलाना भी उनकी जिम्मेदारी होगी। प्रवेश के बाद छात्रों का नाम प्रेरणा वेबसाइट पर अपडेट किया जाएगा।
परिषदीय स्कूलों में नामांकन बढ़े और स्कूल से निकलने के बाद छात्र पढ़ाई न छोड़ें, इसके लिए इस साल नया आदेश हुआ है। कक्षा पांच और आठ पास करने के बाद निकलने वाले छात्रों का आगे की कक्षा में प्रवेश कराने की जिम्मेदारी संबंधित शिक्षक की होगी। प्रवेश न लेने वाले छात्रों के घर जाकर शिक्षक अभिभावकों से संपर्क करेंगे और उनको आगे की कक्षा में पढ़ाई के लिए प्रेरित कर प्रवेश कराएंगे। इसके बाद ही शिक्षक छात्र का नाम अपनी कक्षा से हटाएंगे। पहले शिक्षक स्थानांतरण प्रमाणपत्र देकर मुक्त हो जाते थे।
यह व्यवस्था उन शिक्षकों के लिए परेशानी का कारण बनी है। कुछ छात्र स्कूल से निकलने के बाद प्रवेश लेना नहीं चाहते हैं। शिक्षक अब उनके अभिभावकों को जागरूक कर रहे हैं। यह कार्य शिक्षकों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है।
विज्ञापन
बेसिक शिक्षा अधिकारी शैलेष पांडेय ने बताया कि छात्रों की पढ़ाई बाधित न हो, इसीलिए यह कदम उठाया गया है। कक्षा एक से पांच तक के छात्रों के प्रवेश की जिम्मेदारी प्राथमिक के प्रधान शिक्षक की है। कक्षा छह से आठ तक के छात्रों के प्रवेश की जिम्मेदारी जूनियर के प्रधानाध्यापक की है। वे छात्रों का प्रवेश हर हाल में कराकर प्रेरणा वेबसाइट पर अपडेट करेंगे।
विज्ञापन
परिषदीय स्कूलों में नामांकन बढ़े और स्कूल से निकलने के बाद छात्र पढ़ाई न छोड़ें, इसके लिए इस साल नया आदेश हुआ है। कक्षा पांच और आठ पास करने के बाद निकलने वाले छात्रों का आगे की कक्षा में प्रवेश कराने की जिम्मेदारी संबंधित शिक्षक की होगी। प्रवेश न लेने वाले छात्रों के घर जाकर शिक्षक अभिभावकों से संपर्क करेंगे और उनको आगे की कक्षा में पढ़ाई के लिए प्रेरित कर प्रवेश कराएंगे। इसके बाद ही शिक्षक छात्र का नाम अपनी कक्षा से हटाएंगे। पहले शिक्षक स्थानांतरण प्रमाणपत्र देकर मुक्त हो जाते थे।
विज्ञापन
यह व्यवस्था उन शिक्षकों के लिए परेशानी का कारण बनी है। कुछ छात्र स्कूल से निकलने के बाद प्रवेश लेना नहीं चाहते हैं। शिक्षक अब उनके अभिभावकों को जागरूक कर रहे हैं। यह कार्य शिक्षकों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है।
विज्ञापन
बेसिक शिक्षा अधिकारी शैलेष पांडेय ने बताया कि छात्रों की पढ़ाई बाधित न हो, इसीलिए यह कदम उठाया गया है। कक्षा एक से पांच तक के छात्रों के प्रवेश की जिम्मेदारी प्राथमिक के प्रधान शिक्षक की है। कक्षा छह से आठ तक के छात्रों के प्रवेश की जिम्मेदारी जूनियर के प्रधानाध्यापक की है। वे छात्रों का प्रवेश हर हाल में कराकर प्रेरणा वेबसाइट पर अपडेट करेंगे।