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Unnao News: राजनीति शुचिता संग आए, भ्रष्ट आचरण अब न छाए
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बीघापुर। गढ़ाकोला में संस्था निराला साहित्यिक जागृति मंच की ओर से मासिक काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। निराला स्मृति भवन में आयोजित गोष्ठी में कवियों को सम्मानित भी किया गया। अनुज तिवारी ने ‘राम भी आए, रामत्व भी आए, संग में आए ज्ञान, छुआछूत का रोग लगे न, शबरी के बिराजे राम। राजनीति शुचिता संग आए, भ्रष्ट आचरण अब न छाए, मर्यादा जग टूट रही जो उसे बचाए राम’ सुनाई।
कवि जयकृष्ण पांडेय ने गोष्ठी का शुभारंभ दीप प्रज्वलन व वाणी वंदना से किया। उन्होंने ‘राह भी थक गई नैन भी थक गए, हौसले थक गए ढूंढ़ते-ढूंढ़ते’ पढ़कर तालियां बटोरीं। कवि योगेंद्र योगी ने पढ़ा ‘सिया संग बैठे सियापति मगन है, हैं दाएं भरत बाएं में लक्ष्मण हैं, चरण वंदना में निरत है पवनसुत, खड़े देवताओं के संग शत्रुघ्न हैं’।
इसके अलावा कल्याण चौबे, अशोक अवस्थी, डॉक्टर शिवपाल सिंह नीरज, कवि कमलेश, सुदर्शन दीक्षित, डॉ. अयोध्या प्रसाद लोधी सुमन, दिलीप पांडे व सुधीर बाजपेई ने भी काव्य पाठ किया। वरिष्ठ साहित्यकार चंद्रकांत बाजपेई व साहित्य भूषण चंद्र किशोर सिंह मौजूद रहे।
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कवि जयकृष्ण पांडेय ने गोष्ठी का शुभारंभ दीप प्रज्वलन व वाणी वंदना से किया। उन्होंने ‘राह भी थक गई नैन भी थक गए, हौसले थक गए ढूंढ़ते-ढूंढ़ते’ पढ़कर तालियां बटोरीं। कवि योगेंद्र योगी ने पढ़ा ‘सिया संग बैठे सियापति मगन है, हैं दाएं भरत बाएं में लक्ष्मण हैं, चरण वंदना में निरत है पवनसुत, खड़े देवताओं के संग शत्रुघ्न हैं’।
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इसके अलावा कल्याण चौबे, अशोक अवस्थी, डॉक्टर शिवपाल सिंह नीरज, कवि कमलेश, सुदर्शन दीक्षित, डॉ. अयोध्या प्रसाद लोधी सुमन, दिलीप पांडे व सुधीर बाजपेई ने भी काव्य पाठ किया। वरिष्ठ साहित्यकार चंद्रकांत बाजपेई व साहित्य भूषण चंद्र किशोर सिंह मौजूद रहे।
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