{"_id":"6acd446a54f7a7c0cb069289","slug":"unnao-news-unnao-news-c-221-1-sknp1054-159429-2026-10-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Unnao News: 14 साल बाद आवेदकों को प्लॉट मिलने की उम्मीद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Unnao News: 14 साल बाद आवेदकों को प्लॉट मिलने की उम्मीद
विज्ञापन
उन्नाव-शुक्लागंज विकास प्राधिकरण का कार्यालय। संवाद
- फोटो : Archive
उन्नाव। उन्नाव-शुक्लागंज विकास प्राधिकरण की निराला नगर फेज-दो योजना में प्लॉट के लिए 14 साल से इंतजार कर रहे आवेदकों का यह सपना दिसंबर में पूरा होने की उम्मीद है। न्यायालय में मामला सुलझने के बाद यूएसडीए बोर्ड की बैठक में मंडलायुक्त ने किसानों से जमीन खरीदने की मंजूरी दी थी। यूएसडीए ने आठ किसानों से छह करोड़ रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से रजिस्ट्री कराई कराई है। एक काश्तकार से बात नहीं बन सकी है। प्राधिकरण अधिकारियों का कहना है कि पूर्व निर्धारित क्षेत्रफल में कुछ कमी करते हुए योजना को विकसित किया जाएगा।
शहर के पॉश इलाके में शुमार होने वाले पीडी नगर के पास यूएसडीए ने 18.50 हेक्टेयर में निराला नगर फेज-दो आवासीय योजना वर्ष 2012 में तैयार की थी लेकिन बाद में नौ काश्तकारों के जमीन देने से इन्कार करते हुए हाईकोर्ट की शरण ली थी। एक साल पहले न्यायालय ने यूएसडीए को किसानों से उनकी जमीन आपसी सहमति के आधार पर लेने का फैसला दिया था।
इसके बाद प्राधिकरण ने नौ भूमि मालिकों से उनकी 1.94 हेक्टेयर जमीन खरीदने पर सहमति बनाने के प्रयास किए लेकिन अभी तक आठ की जमीन की रजिस्ट्री हो पाई है। एक भूमि स्वामी की कुछ जमीन खरीदने पर सहमति नहीं बन सकी है लेकिन प्राधिकरण ने ग्राम समाज की 1.15 हेक्टेयर भूमि को योजना में शामिल करते हुए अब विकसित करने की तैयारी शुरू कर दी है।
विज्ञापन
आवेदकों के 10.50 करोड़ फंसे, 750 ने वापस लिए
यूएसडीए ने वर्ष 2012 में निराला नगर फेज योजना तैयार की थी। शहरी सुविधाओं युक्त इस आवासीय जोन में प्लॉट लेने के लिए 2244 लोगों ने आवेदन किया था। नियमानुसार प्लॉट की कुल कीमत की दस फीसदी धनराशि यूएसडीए के खाते में जमाकर पंजीकरण कराया था।
इसके बाद कई साल तक लेटलतीफी से परेशान होकर 750 लोगों ने आवेदन और जमा की गई अपनी मार्जिन मनी वापस ले ली है। हालांकि अभी भी आवेदकों का 10.50 करोड़ यूएसडीए के खाते में है।
ये होंगी सुविधाएं
विकसित की जा रही इस आवासीय योजना में बिजली, पानी, सीवरेज, जल निकासी, पार्क, वाहन पार्किंग सहित अन्य सुविधाएं भी होंगी।
चौरा गांव के पास टाउनशिप का विस्तार, इसी महीने किसानों से रजिस्ट्री
उन्नाव। करोवन-सरोसी मार्ग पर चौरा और मैनीखेड़ा गांव के बीच 28 हेक्टेयर में क्षेत्रफल में एक हजार आवासीय भूखंड और सभी शहरी सुविधाओं से युक्त टाउनशिप का विस्तार पर भी काम जारी है। प्राधिकरण को मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना से विकसित होने वाली इस टाउनशिप के लिए प्राधिकरण ने 314 किसानों की करीब 27 हेक्टेयर जमीन चिह्नित की है। प्रति बीघा एक करोड़ रुपये में खरीदने की तैयारी है। प्राधिकरण इसी महीने किसानों से उनकी जमीनों की अपने नाम रजिस्ट्री शुरू कराने की तैयारी में है। इस आवासीय योजना में होने वाले खर्च का पचास फीसदी रुपया सरकार और पचास प्रतिशत प्राधिकरण को देनी होती है।
वर्जन...
शहर में लंबे समय से किसी नई आवासीय योजना पर काम नहीं हो सका था। इसे देखते हुए काफी समय से अटकी निराला नगर फेज दो योजना को विकसित करने की सभी बाधाओं को खत्म कर लिया गया है। जल्द ही सड़कों, पार्कों, विद्युतीकरण सहित अन्य काम कराए जाएंगे और पूर्व में आवेदन कर चुके लोगों को लॉटरी के माध्यम से प्लॉट आवंटित किए जाएंगे। जो बचेंगे उसके लिए नए आवेदन लिए जाएंगे। -मनोज कुमार सिंह, नगर मजिस्ट्रेट/सचिव यूएसडीए।
विज्ञापन
शहर के पॉश इलाके में शुमार होने वाले पीडी नगर के पास यूएसडीए ने 18.50 हेक्टेयर में निराला नगर फेज-दो आवासीय योजना वर्ष 2012 में तैयार की थी लेकिन बाद में नौ काश्तकारों के जमीन देने से इन्कार करते हुए हाईकोर्ट की शरण ली थी। एक साल पहले न्यायालय ने यूएसडीए को किसानों से उनकी जमीन आपसी सहमति के आधार पर लेने का फैसला दिया था।
विज्ञापन
इसके बाद प्राधिकरण ने नौ भूमि मालिकों से उनकी 1.94 हेक्टेयर जमीन खरीदने पर सहमति बनाने के प्रयास किए लेकिन अभी तक आठ की जमीन की रजिस्ट्री हो पाई है। एक भूमि स्वामी की कुछ जमीन खरीदने पर सहमति नहीं बन सकी है लेकिन प्राधिकरण ने ग्राम समाज की 1.15 हेक्टेयर भूमि को योजना में शामिल करते हुए अब विकसित करने की तैयारी शुरू कर दी है।
विज्ञापन
आवेदकों के 10.50 करोड़ फंसे, 750 ने वापस लिए
यूएसडीए ने वर्ष 2012 में निराला नगर फेज योजना तैयार की थी। शहरी सुविधाओं युक्त इस आवासीय जोन में प्लॉट लेने के लिए 2244 लोगों ने आवेदन किया था। नियमानुसार प्लॉट की कुल कीमत की दस फीसदी धनराशि यूएसडीए के खाते में जमाकर पंजीकरण कराया था।
इसके बाद कई साल तक लेटलतीफी से परेशान होकर 750 लोगों ने आवेदन और जमा की गई अपनी मार्जिन मनी वापस ले ली है। हालांकि अभी भी आवेदकों का 10.50 करोड़ यूएसडीए के खाते में है।
ये होंगी सुविधाएं
विकसित की जा रही इस आवासीय योजना में बिजली, पानी, सीवरेज, जल निकासी, पार्क, वाहन पार्किंग सहित अन्य सुविधाएं भी होंगी।
चौरा गांव के पास टाउनशिप का विस्तार, इसी महीने किसानों से रजिस्ट्री
उन्नाव। करोवन-सरोसी मार्ग पर चौरा और मैनीखेड़ा गांव के बीच 28 हेक्टेयर में क्षेत्रफल में एक हजार आवासीय भूखंड और सभी शहरी सुविधाओं से युक्त टाउनशिप का विस्तार पर भी काम जारी है। प्राधिकरण को मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना से विकसित होने वाली इस टाउनशिप के लिए प्राधिकरण ने 314 किसानों की करीब 27 हेक्टेयर जमीन चिह्नित की है। प्रति बीघा एक करोड़ रुपये में खरीदने की तैयारी है। प्राधिकरण इसी महीने किसानों से उनकी जमीनों की अपने नाम रजिस्ट्री शुरू कराने की तैयारी में है। इस आवासीय योजना में होने वाले खर्च का पचास फीसदी रुपया सरकार और पचास प्रतिशत प्राधिकरण को देनी होती है।
वर्जन...
शहर में लंबे समय से किसी नई आवासीय योजना पर काम नहीं हो सका था। इसे देखते हुए काफी समय से अटकी निराला नगर फेज दो योजना को विकसित करने की सभी बाधाओं को खत्म कर लिया गया है। जल्द ही सड़कों, पार्कों, विद्युतीकरण सहित अन्य काम कराए जाएंगे और पूर्व में आवेदन कर चुके लोगों को लॉटरी के माध्यम से प्लॉट आवंटित किए जाएंगे। जो बचेंगे उसके लिए नए आवेदन लिए जाएंगे। -मनोज कुमार सिंह, नगर मजिस्ट्रेट/सचिव यूएसडीए।