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Unnao News: साहित्यकार जयकृष्ण पांडेय ‘कोविद’ को दी श्रद्धांजलि
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निराला उद्यान में श्रद्धांजलि सभा में मौजूद शिक्षक व साहित्यकार। स्रोत: आयोजक
- फोटो : Archive
उन्नाव। वरिष्ठ साहित्यकार व सेवानिवृत्त शिक्षक जयकृष्ण पांडेय ‘कोविद’ के आकस्मिक निधन पर निराला उद्यान में अभ्युदय सेवा संस्थान, संस्कार भारती एवं अखिल भारतीय साहित्य परिषद के संयुक्त तत्वावधान में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। साहित्यकारों, शिक्षकों एवं समाजसेवियों ने उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की।
जिले के वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. रामनरेश ने कहा कि जयकृष्ण पांडेय ‘कोविद’ का निधन साहित्यिक एवं शैक्षिक जगत के लिए अपूर्णीय क्षति है। उन्होंने अध्यापन और साहित्य साधना से समाज को समृद्ध किया तथा अनेक लोगों को प्रेरित किया।
अभ्युदय सेवा संस्थान के अध्यक्ष डॉ. प्रभात सिन्हा ने कहा कि वह बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे। उनके द्वारा शिक्षित एवं तराशे गए अनेक विद्यार्थी आज जिले ही नहीं बल्कि प्रदेश स्तर पर ख्यातिलब्ध साहित्यकार के रूप में पहचान बनाई है। अभ्युदय सेवा संस्थान ने वर्ष 2018 में उन्हें ‘अभ्युदय साहित्य गौरव’ सम्मान से सम्मानित किया था।
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वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. केके मिश्र ने उनके संग्रह ‘कोविद कौमुदी’ के प्रकाशन का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका व्यक्तित्व सरलता, सहजता और साहित्यिक गरिमा का अद्भुत संगम रहा। वह संस्कार भारती, गूंज-अनुगूंज, आचमन और अखिल भारतीय साहित्य परिषद सहित अनेक साहित्यिक संस्थाओं से जुड़े रहे। रामदेव शुक्ल, कवि उमाशंकर यादव, केके. श्रीवास्तव, डॉ. विनय तिवारी, जयप्रभा यादव और प्रियंका शुक्ला, संजीव निगम, अखिलेश ओमर, शैलेंद्र त्रिवेदी, दिवाकर द्विवेदी, आरपी वर्मा ‘सरस’, दिनेश प्रियमन, नसीर अहमद, गिरजेश पांडेय, अवधेश श्रीवास्तव सहित अन्य साहित्यकार, शिक्षक एवं समाजसेवी उपस्थित रहे।
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जिले के वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. रामनरेश ने कहा कि जयकृष्ण पांडेय ‘कोविद’ का निधन साहित्यिक एवं शैक्षिक जगत के लिए अपूर्णीय क्षति है। उन्होंने अध्यापन और साहित्य साधना से समाज को समृद्ध किया तथा अनेक लोगों को प्रेरित किया।
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अभ्युदय सेवा संस्थान के अध्यक्ष डॉ. प्रभात सिन्हा ने कहा कि वह बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे। उनके द्वारा शिक्षित एवं तराशे गए अनेक विद्यार्थी आज जिले ही नहीं बल्कि प्रदेश स्तर पर ख्यातिलब्ध साहित्यकार के रूप में पहचान बनाई है। अभ्युदय सेवा संस्थान ने वर्ष 2018 में उन्हें ‘अभ्युदय साहित्य गौरव’ सम्मान से सम्मानित किया था।
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वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. केके मिश्र ने उनके संग्रह ‘कोविद कौमुदी’ के प्रकाशन का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका व्यक्तित्व सरलता, सहजता और साहित्यिक गरिमा का अद्भुत संगम रहा। वह संस्कार भारती, गूंज-अनुगूंज, आचमन और अखिल भारतीय साहित्य परिषद सहित अनेक साहित्यिक संस्थाओं से जुड़े रहे। रामदेव शुक्ल, कवि उमाशंकर यादव, केके. श्रीवास्तव, डॉ. विनय तिवारी, जयप्रभा यादव और प्रियंका शुक्ला, संजीव निगम, अखिलेश ओमर, शैलेंद्र त्रिवेदी, दिवाकर द्विवेदी, आरपी वर्मा ‘सरस’, दिनेश प्रियमन, नसीर अहमद, गिरजेश पांडेय, अवधेश श्रीवास्तव सहित अन्य साहित्यकार, शिक्षक एवं समाजसेवी उपस्थित रहे।