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उन्नावः मियागंज सीएचसी में जलाई गईं दवाएं, एंटीजन किट
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मियागंज सीएचसी में जांच किट की एक्सपायरी देखते प्रभारी सीएमओ। संवाद
- फोटो : UNNAO
चकलवंशी (उन्नाव)। मियागंज सीएचसी में मरीजों के लिए भेजी गई आयरन की गोली और एंटीजन रैपिड किट बिना तिथि समाप्त हुए ही जला दी गई। सोशल मीडिया पर प्रसव कक्ष में गर्भवतियों सेे वसूली की शिकायत पर जांच करने पहुंचे प्रभारी सीएमओ ने इसका खुलासा किया। सीएचसी प्रभारी को फटकार लगाई और स्टोर रूम से सीएचसी भेजी गई दवा और वहां प्रयोग में लाई गई दवा का स्टॉक मिलान करने के निर्देश दिए हैं।
मियागंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रसव कक्ष में अवैध रूप से वसूली की शिकायतें सोशल मीडिया पर लगातार वायरल हो रही थीं। इस पर प्रभारी सीएमओ डॉ. हरिनंदन प्रसाद जांच करने पहुंचे थे। पहले तो उन्हें परिसर में सफाई व्यवस्था उचित नहीं मिली। गर्भवतियों से बात की और वसूली की हकीकत जांची।
इसके बाद उन्होंने अस्पताल का निरीक्षण किया। जिसमें अस्पताल के पीछे चहारदीवारी के पास कोविड जांच के लिए प्रयोग की जाने वाली रैपिड एंटीजन किट हजारों की संख्या में जली पड़ी मिलीं। उन्होंने अधजली किट उठाकर देखा तो उसमें एक्सपायरी तिथि 2024 पड़ी थी। वहीं, आयरन की दवाओं से भरे करीब दो गत्ते पत्ते भी जले मिले। उसमें एक्सपायरी तिथि 2023 पड़ी थी।
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दवाओं के साथ जांच किट जली देख उनका पारा चढ़ा गया। सीएचसी प्रभारी दूधनाथ और चीफ फार्मासिस्ट को जमकर फटकार लगाई। कहा कि यह दवाएं मरीजों में वितरण के लिए उपलब्ध कराई जाती हैं। यह मरीजों को न देकर जला दी गईं। किसके आदेश पर यह जलाई गई हैं। इसका कोई जवाब नहीं दे पाया। इस पर प्रभारी सीएमओ ने जिले के दवा स्टोर से सीएचसी के लिए भेजी गई दवा, किट और स्वास्थ्य केंद्र में हुई खपत का स्टॉक मिलान के निर्देश दिए हैं।
प्रभारी सीएमओ डॉ. हरिनंदन प्रसाद ने बताया कि जांच चल रही है। आयरन की दवा और जांच किट एक्सपायरी न होने के बाद भी जला दी गईं। इसके स्टॉक का मिलान कराया जा रहा है। जांच के बाद जो दोषी होगा कार्रवाई की जाएगी।
चर्चा में रहता है स्वास्थ्य केंद्र
मियागंज सीएचसी चर्चा में बना रहता है। कोविड वैक्सीन की चार हजार डोज का मामला हो या प्रसव कक्ष की वसूली। यही नहीं डॉक्टरों के बाहर से दवा लिखने की भी शिकायत आम है। शिकायत पर पिछली बार भी डीएम के निर्देश पर तीन सदस्यीय टीम ने जांच की थी। जिसमें स्टाफ नर्सें दोषी मिली थीं।
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मियागंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रसव कक्ष में अवैध रूप से वसूली की शिकायतें सोशल मीडिया पर लगातार वायरल हो रही थीं। इस पर प्रभारी सीएमओ डॉ. हरिनंदन प्रसाद जांच करने पहुंचे थे। पहले तो उन्हें परिसर में सफाई व्यवस्था उचित नहीं मिली। गर्भवतियों से बात की और वसूली की हकीकत जांची।
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इसके बाद उन्होंने अस्पताल का निरीक्षण किया। जिसमें अस्पताल के पीछे चहारदीवारी के पास कोविड जांच के लिए प्रयोग की जाने वाली रैपिड एंटीजन किट हजारों की संख्या में जली पड़ी मिलीं। उन्होंने अधजली किट उठाकर देखा तो उसमें एक्सपायरी तिथि 2024 पड़ी थी। वहीं, आयरन की दवाओं से भरे करीब दो गत्ते पत्ते भी जले मिले। उसमें एक्सपायरी तिथि 2023 पड़ी थी।
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दवाओं के साथ जांच किट जली देख उनका पारा चढ़ा गया। सीएचसी प्रभारी दूधनाथ और चीफ फार्मासिस्ट को जमकर फटकार लगाई। कहा कि यह दवाएं मरीजों में वितरण के लिए उपलब्ध कराई जाती हैं। यह मरीजों को न देकर जला दी गईं। किसके आदेश पर यह जलाई गई हैं। इसका कोई जवाब नहीं दे पाया। इस पर प्रभारी सीएमओ ने जिले के दवा स्टोर से सीएचसी के लिए भेजी गई दवा, किट और स्वास्थ्य केंद्र में हुई खपत का स्टॉक मिलान के निर्देश दिए हैं।
प्रभारी सीएमओ डॉ. हरिनंदन प्रसाद ने बताया कि जांच चल रही है। आयरन की दवा और जांच किट एक्सपायरी न होने के बाद भी जला दी गईं। इसके स्टॉक का मिलान कराया जा रहा है। जांच के बाद जो दोषी होगा कार्रवाई की जाएगी।
चर्चा में रहता है स्वास्थ्य केंद्र
मियागंज सीएचसी चर्चा में बना रहता है। कोविड वैक्सीन की चार हजार डोज का मामला हो या प्रसव कक्ष की वसूली। यही नहीं डॉक्टरों के बाहर से दवा लिखने की भी शिकायत आम है। शिकायत पर पिछली बार भी डीएम के निर्देश पर तीन सदस्यीय टीम ने जांच की थी। जिसमें स्टाफ नर्सें दोषी मिली थीं।

सीएचसी के पीछे जली पड़ी एंटीजन रैपिड जांच की किट और आयरन की दवाएं। संवाद- फोटो : UNNAO