{"_id":"673f88305bbe18b5bc0789d6","slug":"the-fertility-of-the-field-will-increase-with-the-mixture-prepared-using-bio-decomposer-unnao-news-c-221-1-sknp1054-122998-2024-11-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Unnao News: बायो-डी-कंपोजर के प्रयोग से तैयार मिश्रण से बढ़ेगी खेत की उर्वरा शक्ति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Unnao News: बायो-डी-कंपोजर के प्रयोग से तैयार मिश्रण से बढ़ेगी खेत की उर्वरा शक्ति
विज्ञापन
उन्नाव। प्रभारी उप कृषि निदेशक शशांक चौधरी ने विकासखंड सिकंदरपुर सरोसी के गांव ऐराभदियार में किसानों को जागरूक किया। किसान संजीव के खेत पर बायो-डी-कंपोजर के प्रयोग से मिश्रण तैयार करके उसके प्रयोग के तरीके बताए। दावा किया कि यह मिश्रण पराली को हरी खाद में बदल देगा। इससे खेत की उर्वरा शक्ति बढ़ेगी।
उप कृषि निदेशक ने बताया कि 150 ग्राम गुड को लेकर पांच लीटर पानी में मिला लें। फिर पूरे मिश्रण को अच्छी तरह से उबाल लें और उसके बाद उसमें से सारी गंदगी निकाल कर फेंक दें। जब मिश्रण गुनगुना हो जाए तो इसमें 50 ग्राम बेसन मिला लें। फिर डी-कंपोजर के चार कैप्सूल मिश्रण में डालें और उस मिश्रण को लकडी की सहायता से मिला दें। मिश्रण को सामान्य तापमान वाली जगह पर रखें। इसे एक हल्के कपडे से ढक दें। मिश्रण को अब और न हिलाएं। दो से तीन दिन में मिश्रण पर क्रीम जमने लगेगी। तब पांच लीटर गर्म गुड़ का घोल (बिना बेसन के) इसमें डाल दें।
इस क्रिया को हर दो दिन में तब तक दोहराएं, जब तक मिश्रण 25 लीटर तक न पहुंच जाए। फिर मिश्रण को अपने खेतों में उपयोग करें। यह मिश्रण पराली को हरी खाद में परिवर्तित कर देगा। जिससे खेत की उर्वरा शक्ति भी बढ़ेगी। इसका प्रभाव उत्पादन में दिखेगा। बताया कि बायो-डी-कंपोजर सभी राजकीय बीज भंडारों में निशुल्क लिया जा सकता है। इस मौके पर प्रभारी राजकीय कृषि बीज भंडार आशुतोष व विजय प्रताप सिंह सहित अन्य किसान भी मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
उप कृषि निदेशक ने बताया कि 150 ग्राम गुड को लेकर पांच लीटर पानी में मिला लें। फिर पूरे मिश्रण को अच्छी तरह से उबाल लें और उसके बाद उसमें से सारी गंदगी निकाल कर फेंक दें। जब मिश्रण गुनगुना हो जाए तो इसमें 50 ग्राम बेसन मिला लें। फिर डी-कंपोजर के चार कैप्सूल मिश्रण में डालें और उस मिश्रण को लकडी की सहायता से मिला दें। मिश्रण को सामान्य तापमान वाली जगह पर रखें। इसे एक हल्के कपडे से ढक दें। मिश्रण को अब और न हिलाएं। दो से तीन दिन में मिश्रण पर क्रीम जमने लगेगी। तब पांच लीटर गर्म गुड़ का घोल (बिना बेसन के) इसमें डाल दें।
विज्ञापन
इस क्रिया को हर दो दिन में तब तक दोहराएं, जब तक मिश्रण 25 लीटर तक न पहुंच जाए। फिर मिश्रण को अपने खेतों में उपयोग करें। यह मिश्रण पराली को हरी खाद में परिवर्तित कर देगा। जिससे खेत की उर्वरा शक्ति भी बढ़ेगी। इसका प्रभाव उत्पादन में दिखेगा। बताया कि बायो-डी-कंपोजर सभी राजकीय बीज भंडारों में निशुल्क लिया जा सकता है। इस मौके पर प्रभारी राजकीय कृषि बीज भंडार आशुतोष व विजय प्रताप सिंह सहित अन्य किसान भी मौजूद रहे।
विज्ञापन