{"_id":"6ab97751f68f7ea99b0fb7f5","slug":"215-mm-of-rain-in-66-hours-bridge-approach-road-caves-in-unnao-news-c-221-1-sknp1054-158474-2026-09-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Unnao News: 66 घंटे में 215 मिमी बारिश, पुल की अप्रोच रोड धंसी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Unnao News: 66 घंटे में 215 मिमी बारिश, पुल की अप्रोच रोड धंसी
विज्ञापन
मोहान में सई नदी पर बने पुल के धंसे अप्रोच मार्ग को दिखाता युवक। संवाद
उन्नाव। पिछले तीन दिनों से हो रही लगातार बारिश रविवार दोपहर करीब दो बजे थम गई। इस दौरान जनपद में करीब 66 घंटे में 215 मिलीमीटर (मिमी) बारिश हुई। तेज बारिश से जहां मोहान में 17 करोड़ से बने पुल की अप्रोच रोड धंस गई वहीं संडीला-चकलवंशी मार्ग पर कस्बा औरास में 250 मीटर लंबी दरार आ गई। गंगा एक्सप्रेसवे के सोनिक टोल में दूसरे दिन भी घुटनों तक पानी भर जाने से पंपसेट लगाने पड़े। फतेहपुर चौरासी में राजेपुर के पास पुलिया टूट गई। वहीं बीघापुर में शंभूपुरवा को जाने वाला मार्ग भी कट गया। उधर, शहर के कई मोहल्लाें में जलभराव होने से लोग घरों में ही कैद होकर रह गए। धान के साथ अन्य खरीफ फसलों को भी नुकसान हुआ है। औरास क्षेत्र में 58 व सुमेरपुर में 48 घंटे तक बिजली गुल रही।
औपचारिक उद्घाटन से पहले बारिश में धंसी पुल की अप्रोच रोड
हसनगंज/औरास। लखनऊ-बांगरमऊ मार्ग पर मोहान में सई नदी पर बने 17 करोड़ रुपये के पुल की अप्रोच रोड तीन दिन की बारिश में धंस गई। औपचारिक उद्घाटन से पहले ही इसमें दरारें आ गईं, जिससे ग्रामीण निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठा रहे हैं। यह पुल सीतापुर, कानपुर, उन्नाव और लखनऊ सहित कई जिलों के आवागमन का प्रमुख रास्ता है। सेतु निगम के सहायक अभियंता एमएस ओझा ने बताया कि पुल का उद्घाटन अभी नहीं हुआ है। ठेकेदार को अप्रोच रोड की खामियों को दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं। उधर, संडीला-चकलवंशी मार्ग पर औरास में 250 मीटर लंबी दरार भी आ गई है। पिछले साल 2025 में हुए पैचवर्क के बाद यह मार्ग लोगों के लिए जोखिम भरा हो गया है। संवाद
बारिश से पुलिया टूटी, रोड बही, 19 गांवों में आवागमन बाधित
फतेहपुर चौरासी/बीघापुर। रविवार को हुई बारिश से राजेपुर-रूपपुर मार्ग पर तेजागंज के पास एक पुलिया टूट गई। इससे 12 गांवों के ग्रामीणों का आवागमन बाधित हो गया। बीघापुर तहसील में शंभू के पुरवा से चौडगरा और बक्सर जाने वाली रोड भी बह गई। राजेपुर के पूर्व प्रधान राजीव कुमार, विमलेश, संतोष यादव और शिशिर दीक्षित ने बताया कि तीन दशक पुरानी यह पुलिया रविवार को गांव तेजापुर के पास टूट गई। इससे माखनखेड़ा, परशुरामपुर, प्रीतमपुरवा, बद्री पुरवा, लौकिहा, लोकैइयापुरवा, नेकपुर और जैतपुर सहित 12 गांवों के लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। राजेपुर के ग्राम प्रशासक शंकर दयाल ने ब्लॉक प्रशासक मनोज निषाद को पुलिया के जर्जर होने की जानकारी दी है और शीघ्र मरम्मत का प्रयास करने की बात कही। उधर, बीघापुर में रोड बह जाने से चार पहिया वाहनों का आवागमन पूरी तरह ठप हो गया। भरोसे का पुरवा, चौड़ा का पुरवा, मंझा, जगनू का पुरवा, धर्मपुर, लालाखेड़ा और भगाने का पुरवा सहित करीब पांच हजार की आबादी इसी मार्ग पर निर्भर है। ग्राम प्रशासक श्रीकृष्ण यादव ने तहसील और पीडब्ल्यूडी विभाग को मामले की जानकारी दी। एसडीएम धर्मेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि सूचना मिलते ही कर्मचारियों को मौके पर भेजा गया है। पीडब्ल्यूडी जेई अरुण कुमार कुशवाहा ने कहा कि कर्मचारियों को भेजकर मरम्मत का काम तुरंत शुरू करा दिया गया है।
विज्ञापन
गंगा एक्सप्रेसवे के सोनिक टोल लेन पर फिर जलभराव, आवागमन बाधित
सोनिक। मेरठ से प्रयागराज तक बने गंगा एक्सप्रेसवे की सोनिक टोल लेन पर रविवार को फिर करीब तीन फीट जलभराव हो गया। भारी बारिश के कारण यह स्थिति दूसरे दिन भी बनी रही। इससे वाहन सवारों के लिए लेन पूरी तरह से बंद कर दी गई। पानी निकालने के लिए चार पंपसेट लगाए गए हैं। गंगा एक्सप्रेसवे का लोकार्पण 29 अप्रैल को हुआ था। इसके बाद से इसमें लगातार खामियां सामने आ रही हैं। शुक्रवार रात से शनिवार सुबह के बीच हुई तेज बारिश से भी सोनिक टोल पर पानी भर गया था। तब दो पंप लगाकर पानी निकलवाया गया था। हालांकि, रविवार को फिर करीब तीन फीट जलभराव हो गया। इससे आवागमन के लिए यह लेन बंद करनी पड़ी। उधर, कुछ लोग इस भरे पानी में जाल डालकर मछली पकड़ते नजर आए। गंगा एक्सप्रेसवे के प्रोजेक्ट मैनेजर आरएस मिश्रा ने बताया कि वर्तमान में हो रही बारिश सामान्य नहीं, बल्कि अतिवृष्टि है। इसके कारण अनेक स्थानों पर जनजीवन प्रभावित हुआ है। उन्होंने बताया कि सोनिक टोल के पास हाईटेंशन विद्युत लाइन की ऊंचाई अपेक्षाकृत कम है, जिससे जलनिकासी व्यवस्था प्रभावित हुई है। एजेंसी द्वारा इस लाइन को स्थानांतरित करने के लिए संबंधित अधिकारियों से समन्वय किया जा रहा है। मानसून समाप्त होने के बाद इसके स्थानांतरित होने की संभावना है।
विज्ञापन
औपचारिक उद्घाटन से पहले बारिश में धंसी पुल की अप्रोच रोड
हसनगंज/औरास। लखनऊ-बांगरमऊ मार्ग पर मोहान में सई नदी पर बने 17 करोड़ रुपये के पुल की अप्रोच रोड तीन दिन की बारिश में धंस गई। औपचारिक उद्घाटन से पहले ही इसमें दरारें आ गईं, जिससे ग्रामीण निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठा रहे हैं। यह पुल सीतापुर, कानपुर, उन्नाव और लखनऊ सहित कई जिलों के आवागमन का प्रमुख रास्ता है। सेतु निगम के सहायक अभियंता एमएस ओझा ने बताया कि पुल का उद्घाटन अभी नहीं हुआ है। ठेकेदार को अप्रोच रोड की खामियों को दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं। उधर, संडीला-चकलवंशी मार्ग पर औरास में 250 मीटर लंबी दरार भी आ गई है। पिछले साल 2025 में हुए पैचवर्क के बाद यह मार्ग लोगों के लिए जोखिम भरा हो गया है। संवाद
विज्ञापन
बारिश से पुलिया टूटी, रोड बही, 19 गांवों में आवागमन बाधित
फतेहपुर चौरासी/बीघापुर। रविवार को हुई बारिश से राजेपुर-रूपपुर मार्ग पर तेजागंज के पास एक पुलिया टूट गई। इससे 12 गांवों के ग्रामीणों का आवागमन बाधित हो गया। बीघापुर तहसील में शंभू के पुरवा से चौडगरा और बक्सर जाने वाली रोड भी बह गई। राजेपुर के पूर्व प्रधान राजीव कुमार, विमलेश, संतोष यादव और शिशिर दीक्षित ने बताया कि तीन दशक पुरानी यह पुलिया रविवार को गांव तेजापुर के पास टूट गई। इससे माखनखेड़ा, परशुरामपुर, प्रीतमपुरवा, बद्री पुरवा, लौकिहा, लोकैइयापुरवा, नेकपुर और जैतपुर सहित 12 गांवों के लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। राजेपुर के ग्राम प्रशासक शंकर दयाल ने ब्लॉक प्रशासक मनोज निषाद को पुलिया के जर्जर होने की जानकारी दी है और शीघ्र मरम्मत का प्रयास करने की बात कही। उधर, बीघापुर में रोड बह जाने से चार पहिया वाहनों का आवागमन पूरी तरह ठप हो गया। भरोसे का पुरवा, चौड़ा का पुरवा, मंझा, जगनू का पुरवा, धर्मपुर, लालाखेड़ा और भगाने का पुरवा सहित करीब पांच हजार की आबादी इसी मार्ग पर निर्भर है। ग्राम प्रशासक श्रीकृष्ण यादव ने तहसील और पीडब्ल्यूडी विभाग को मामले की जानकारी दी। एसडीएम धर्मेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि सूचना मिलते ही कर्मचारियों को मौके पर भेजा गया है। पीडब्ल्यूडी जेई अरुण कुमार कुशवाहा ने कहा कि कर्मचारियों को भेजकर मरम्मत का काम तुरंत शुरू करा दिया गया है।
विज्ञापन
गंगा एक्सप्रेसवे के सोनिक टोल लेन पर फिर जलभराव, आवागमन बाधित
सोनिक। मेरठ से प्रयागराज तक बने गंगा एक्सप्रेसवे की सोनिक टोल लेन पर रविवार को फिर करीब तीन फीट जलभराव हो गया। भारी बारिश के कारण यह स्थिति दूसरे दिन भी बनी रही। इससे वाहन सवारों के लिए लेन पूरी तरह से बंद कर दी गई। पानी निकालने के लिए चार पंपसेट लगाए गए हैं। गंगा एक्सप्रेसवे का लोकार्पण 29 अप्रैल को हुआ था। इसके बाद से इसमें लगातार खामियां सामने आ रही हैं। शुक्रवार रात से शनिवार सुबह के बीच हुई तेज बारिश से भी सोनिक टोल पर पानी भर गया था। तब दो पंप लगाकर पानी निकलवाया गया था। हालांकि, रविवार को फिर करीब तीन फीट जलभराव हो गया। इससे आवागमन के लिए यह लेन बंद करनी पड़ी। उधर, कुछ लोग इस भरे पानी में जाल डालकर मछली पकड़ते नजर आए। गंगा एक्सप्रेसवे के प्रोजेक्ट मैनेजर आरएस मिश्रा ने बताया कि वर्तमान में हो रही बारिश सामान्य नहीं, बल्कि अतिवृष्टि है। इसके कारण अनेक स्थानों पर जनजीवन प्रभावित हुआ है। उन्होंने बताया कि सोनिक टोल के पास हाईटेंशन विद्युत लाइन की ऊंचाई अपेक्षाकृत कम है, जिससे जलनिकासी व्यवस्था प्रभावित हुई है। एजेंसी द्वारा इस लाइन को स्थानांतरित करने के लिए संबंधित अधिकारियों से समन्वय किया जा रहा है। मानसून समाप्त होने के बाद इसके स्थानांतरित होने की संभावना है।

मोहान में सई नदी पर बने पुल के धंसे अप्रोच मार्ग को दिखाता युवक। संवाद

मोहान में सई नदी पर बने पुल के धंसे अप्रोच मार्ग को दिखाता युवक। संवाद