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Unnao News: करोड़ों की गड़बड़ी की जांच के लिए टीम गठित
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उन्नाव। उन्नाव खंड शारदा नहर कार्यालय में करोड़ों की गड़बड़ी के आरोप लगने के बाद सीडीओ ने जांच टीम गठित कर दी है। सीडीओ ने अलग-अलग विभागों के तीन अधिकारियों को टीम में शामिल करके 10 दिन में रिपोर्ट मांगी है।
भगवंतनगर विधायक आशुतोष शुक्ला ने प्रमुख सचिव सिंचाई एवं जल संसाधन को भेजे गए पत्र में उन्नाव खंड शारदा नहर के अधिशाषी अभियंता पर गंभीर आरोप लगाए थे। बताया था कि वित्तीय वर्ष 2022-23 में निरीक्षण भवन के लिए एक्सईएन ने 29.91 लाख रुपये से गद्दे, एसी, गीजर आदि सामान खरीदा था लेकिन यह सामान निजी प्रयोग के लिए घर लेकर चले गए। इसके अलावा वित्तीय वर्ष 2023-24 में लोनी ड्रेन की सफाई के लिए आवंटित धन में भी गड़बड़ी की गई। बिना काम कराए ही के मार्च माह में फर्जी टेंडर प्रक्रिया दिखाई गई। अधिकारियों ने अपने चहेतों के नाम एक करोड़ से अधिक का भुगतान किया।
चार बिंदुओं के शिकायती पत्र में सिल्ट सफाई के नाम पर 2.45 करोड़ और वित्तीय वर्ष 2023-24 में केवल डीजल खर्च व गाड़ियों की मरम्मत के नाम पर 50 लाख से अधिक का भुगतान कराने का भी आरोप लगाया था। अमर उजाला ने छह और सात नवंबर को इसे प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसका संज्ञान सीडीओ प्रेम प्रकाश मीणा ने लिया। उन्होंने प्रकरण की जांच के लिए पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड हरदयाल अहिरवार की अध्यक्षता में समिति गठित कर दी। टीम में उपायुक्त मनरेगा मुनेश चंद्र और लघु सिंचाई के सहायक अभियंता जितेंद्र बहादुर सिंह को भी शामिल किया गया है। सीडीओ ने बताया कि दस दिन में रिपोर्ट मांगी गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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भगवंतनगर विधायक आशुतोष शुक्ला ने प्रमुख सचिव सिंचाई एवं जल संसाधन को भेजे गए पत्र में उन्नाव खंड शारदा नहर के अधिशाषी अभियंता पर गंभीर आरोप लगाए थे। बताया था कि वित्तीय वर्ष 2022-23 में निरीक्षण भवन के लिए एक्सईएन ने 29.91 लाख रुपये से गद्दे, एसी, गीजर आदि सामान खरीदा था लेकिन यह सामान निजी प्रयोग के लिए घर लेकर चले गए। इसके अलावा वित्तीय वर्ष 2023-24 में लोनी ड्रेन की सफाई के लिए आवंटित धन में भी गड़बड़ी की गई। बिना काम कराए ही के मार्च माह में फर्जी टेंडर प्रक्रिया दिखाई गई। अधिकारियों ने अपने चहेतों के नाम एक करोड़ से अधिक का भुगतान किया।
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चार बिंदुओं के शिकायती पत्र में सिल्ट सफाई के नाम पर 2.45 करोड़ और वित्तीय वर्ष 2023-24 में केवल डीजल खर्च व गाड़ियों की मरम्मत के नाम पर 50 लाख से अधिक का भुगतान कराने का भी आरोप लगाया था। अमर उजाला ने छह और सात नवंबर को इसे प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसका संज्ञान सीडीओ प्रेम प्रकाश मीणा ने लिया। उन्होंने प्रकरण की जांच के लिए पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड हरदयाल अहिरवार की अध्यक्षता में समिति गठित कर दी। टीम में उपायुक्त मनरेगा मुनेश चंद्र और लघु सिंचाई के सहायक अभियंता जितेंद्र बहादुर सिंह को भी शामिल किया गया है। सीडीओ ने बताया कि दस दिन में रिपोर्ट मांगी गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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