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ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल के लिए पानी की टंकियां स्थापित कराने का सुझाव
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पुरवा। लोन नदी से सटे गांवों के पानी में फ्लोराइड की मात्रा अधिक होने पर 36 हैंडपंप बंद कर दिए गए हैं। गहरी बोरिंग और ओवरहेड टैंक बनाने का प्रस्ताव डीएम को भेजा है।
14 अगस्त को अमर उजाला में लोन नदी के पानी के दूषित होने के बाद आसपास बसे गांवों का पेयजल खराब होने की खबर प्रकाशित हुई थी। इसका डीएम अपूर्वा दुबे ने संज्ञान लिया था और ब्लाक प्रशासन को गांवों के पानी की जांच कराने के आदेश दिए थे। बीडीओ ने सचिवों के माध्यम से पानी की जांच कराई। पानी जांचा तो फ्लोराइड की अधिकता मिली। भूलेमऊ की प्रधान रामावती ने कहा कि 36 हैंडपंप में पांच का पानी खराब मिला है। जिस कारण उसमें लाल निशान लगवाए गए हैं। तीन मजरों में बरवट, भोलागंज व गदोरवा के अधिकांश हैंडपंपों से पीला पानी निकल रहा है। इसमें भी निशान लगवाए गए हैं।
तारागढ़ी की प्रधान कल्पना चौरसिया ने बताया कि ज्यादातर हैंडपंपों में पीला पानी आता है। मजरे जगनीखेड़ा में दो हैंडपंप में लाल निशान लगाया गया है। शिवलालखेड़ा में चार हैंडपंप फ्लोराइड युक्त पानी दे रहे हैं।
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भाटमऊ की प्रधान राधा वर्मा का कहना है कि यहां का पानी दूषित हो गया है। मिर्जापुर सुम्हारी प्रधान संतोष पाल ने बताया कि 13 हैंडपंपों में लाल रंग का निशान लगाया गया है। बैजुवामऊ प्रधान रजनीश कुमार ने बताया कि ज्यादातर हैंडपंपों का पानी खराब निकला है। अटवट प्रधान रमा ने कहा कि ग्रामीण छानकर पानी पीते हैं।
रिपोर्ट डीएम को भेजी गई है। इसमें टेनरियों से निकलने वाले प्रदूषित पानी पर रोक लगाए जाने की जरूरत बताई है। साथ ही गांवों में टंकियां लगवाकर समस्या को दूर कराने की संस्तुति की गई है।
डॉ. संतोष श्रीवास्तव बीडीओ पुरवा।
हैंडपंपों का पानी पीला व काला
सरसों प्रधान माया त्रिवेदी ने बताया कि लोन नदी का किनारा होने से हैंडपंपों का पानी पीला व काला हो गया है। चमियानी प्रधान गोमती देवी ने कहा कि ग्राम पंचायत में ज्यादातर नलों से पीला पानी निकल रहा है।अढौली की प्रधान संध्या ने कहा कि 26 नलों में पानी ठीक नहीं है। सलेथू के प्रधान रामबाबू ने भी पानी ठीक न होने की बात कही है।
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14 अगस्त को अमर उजाला में लोन नदी के पानी के दूषित होने के बाद आसपास बसे गांवों का पेयजल खराब होने की खबर प्रकाशित हुई थी। इसका डीएम अपूर्वा दुबे ने संज्ञान लिया था और ब्लाक प्रशासन को गांवों के पानी की जांच कराने के आदेश दिए थे। बीडीओ ने सचिवों के माध्यम से पानी की जांच कराई। पानी जांचा तो फ्लोराइड की अधिकता मिली। भूलेमऊ की प्रधान रामावती ने कहा कि 36 हैंडपंप में पांच का पानी खराब मिला है। जिस कारण उसमें लाल निशान लगवाए गए हैं। तीन मजरों में बरवट, भोलागंज व गदोरवा के अधिकांश हैंडपंपों से पीला पानी निकल रहा है। इसमें भी निशान लगवाए गए हैं।
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तारागढ़ी की प्रधान कल्पना चौरसिया ने बताया कि ज्यादातर हैंडपंपों में पीला पानी आता है। मजरे जगनीखेड़ा में दो हैंडपंप में लाल निशान लगाया गया है। शिवलालखेड़ा में चार हैंडपंप फ्लोराइड युक्त पानी दे रहे हैं।
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भाटमऊ की प्रधान राधा वर्मा का कहना है कि यहां का पानी दूषित हो गया है। मिर्जापुर सुम्हारी प्रधान संतोष पाल ने बताया कि 13 हैंडपंपों में लाल रंग का निशान लगाया गया है। बैजुवामऊ प्रधान रजनीश कुमार ने बताया कि ज्यादातर हैंडपंपों का पानी खराब निकला है। अटवट प्रधान रमा ने कहा कि ग्रामीण छानकर पानी पीते हैं।
रिपोर्ट डीएम को भेजी गई है। इसमें टेनरियों से निकलने वाले प्रदूषित पानी पर रोक लगाए जाने की जरूरत बताई है। साथ ही गांवों में टंकियां लगवाकर समस्या को दूर कराने की संस्तुति की गई है।
डॉ. संतोष श्रीवास्तव बीडीओ पुरवा।
हैंडपंपों का पानी पीला व काला
सरसों प्रधान माया त्रिवेदी ने बताया कि लोन नदी का किनारा होने से हैंडपंपों का पानी पीला व काला हो गया है। चमियानी प्रधान गोमती देवी ने कहा कि ग्राम पंचायत में ज्यादातर नलों से पीला पानी निकल रहा है।अढौली की प्रधान संध्या ने कहा कि 26 नलों में पानी ठीक नहीं है। सलेथू के प्रधान रामबाबू ने भी पानी ठीक न होने की बात कही है।