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एनजीटी की सलाहकार समिति ने सीईटीपी का किया निरीक्षण

Thu, 19 Sep 2019 01:06 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 19 Sep 2019 01:06 AM IST
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NGT's advisory committee inspected CETP
उन्नाव। एनजीटी की सलाहकार समिति ने बुधवार को सीईटीपी दही चौकी व बंथर का निरीक्षण किया। सलाहकार समिति की टीम ने तीन माह से बंद सीईटीपी व टेनरियों के संबंध में प्रदूषण विभाग के अधिकारियों से जानकारी ली। साथ ही सीईटीपी में कराए गए अपग्रेडेशन के कार्य को देखा। टेनरी संचालकों ने क्रोमियम के उत्प्रवाह की मात्रा में संशोधन, सीपीसीबी व यूपीपीसीबी के संयुक्त निरीक्षण की रिपोर्ट में अंतर का मुद्दा उठाया।
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एनजीटी की ओर से गठित सलाहकार समिति के अध्यक्ष जस्टिस अरुण टंडन व सदस्य डॉ. अनीता राय सुबह सीईटीपी दही चौकी पहुंची थी। सबसे पहले उन्होंने नेशनल मिशन फार क्लीन गंगा के अधिकारियों, टेनरी संचालकों, जलनिगम, सिंचाई विभाग, सीपीसीबी, यूपीपीसीबी व जिले के प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में टेनरी संचालकों ने सीईटीपी में आने वाले उत्प्रवाह में क्रोमियम की मात्रा में संशोधन की मांग की।
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टेनरी संचालकों ने बताया कि अभी तक दो मिलीग्राम प्र्रति लीटर की मात्रा में क्रोम निर्धारित है। हालांकि इसमें सुधार की जरूरत है। जस्टिस टंडन ने इस बिंदु को एनजीटी के समक्ष रखने की बात कही। इसके बाद संयुक्त निरीक्षण की रिपोर्ट में अंतर का टेनरी संचालकों ने मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि दो विभागों की रिपोर्ट में लगातार अंतर आता है। रिपोर्ट के आधार पर ही उन पर कार्रवाई होती है। जस्टिस टंडन ने कहा कि भविष्य में सीपीसीबी व यूपीपीसीबी अलग अलग समय पर प्लांट का निरीक्षण करेंगे। सीईटीपी के सभागार में बैठक के बाद जस्टिस टंडन ने परिसर का निरीक्षण किया। यहां उन्होंने हाल ही में कराए गए अपग्रेडेशन का काम देखा। उन्होंने नई मशीनों की जानकारी ली। साथ ही कुछ सुधार के निर्देश दिए। दही चौकी निरीक्षण के बाद वह बंथर सीईटीपी पहुंचे। यहां भी उन्होंने पूरे परिसर का निरीक्षण किया। लगभग तीन घंटा रुकने के बाद वह वापस लौट गए।
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तीन माह की बंदी में हजारों करोड़ रुपये का नुकसान उठाने वाले टेनरी संचालकों ने सूखा काम कराने की अनुमति मांगी। टेनरी संचालकों ने कहा कि पानी के उत्प्रवाह पर रोक लगाया जाता है। हालांकि इसके साथ ही उन्हें सूखा काम करने की भी अनुमति नहीं दी जाती। जस्टिस टंडन ने इस बिंदु को भी एनजीटी के सामने रखने की बात कही।
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