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मोहान स्वास्थ्य केंद्र बीमार
ब्यूरो/अमर उजाला, उन्नाव
Updated Thu, 05 Feb 2015 12:26 AM IST
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हसनगंज। नगर पंचायत मोहान स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केेंद्र खुद ‘बीमार’ है। केंद्र की इमारत से लेकर फर्नीचर तक बदहाल स्थिति में है। छत से तो प्लास्टर ही गायब है और अब तो सरिया तक दिख रही हैं।
मामूली बारिश होते ही पानी भी टपकना शुरू हो जाता है। इमारत में आ रही सीलन की वजह से दवाएं खराब हो रही हैं। नए भवन निर्माण की जिम्मेदार भी ध्यान नहीं दे रहे। शायद उन्हें किसी हादसे का इंतजार है।
नगर पंचायत मोहान में स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भवन जर्जर हो चुका है। यहां दवाएं रखने के लिए सुरक्षित जगह नहीं है। पूरे भवन में अत्यधिक नमी के चलते दवाएं वितरित होने से पहले ही नम होकर खराब हो जाती हैं। बारिश के दिनों में पूरा अस्पताल टपकता है।
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जुलाई 2012 मेें मुख्य चिकित्साधिकारी के आदेश पर सब सेंटर के एक कक्ष को ओपीडी बनाया गया था। केंद्र प्रभारी के कक्ष को वार्ड बनाया गया। यहां अव्यवस्था का आलम यह है कि बिजली आपूर्ति के दौरान लोहे के खिड़की और दरवाजों में करंट उतर आता है। वर्षों से रंगाई-पुताई न होने के कारण भवन अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है।
स्वास्थ्य कर्मचारियों की कालोनी भी जर्जर हो चुकी है। बारिश के दिनों में आवासीय कालोनी में जलभराव होना आम बात है। यहां पेयजल आपूर्ति के लिए लगे दो इंडिया मार्का हैंडपंपों से फ्लोराइड युक्त पानी निकलता है। कहने को तो प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र है लेकिन स्वास्थ्य केंद्र मेें इलाज के लिए आने वाले मरीजों को न तो बैठने की व्यवस्था है और न ही उन्हें शौचालय का कोई इंतजाम है। स्वास्थ्य केंद्र के कुछ हिस्से में तो बाउंड्री तक नहीं है। जिससे यहां रहने वाले कर्मियों को रात में जंगली जानवरों व चोरों का खतरा रहता है।
सर्दी में तो 40-50 मरीज आते हैं लेकिन गर्मी के दिनों में मरीजों की संख्या 100-150 तक हो जाती है। अस्पताल में एक ही वार्ड ब्वाय है। जिसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से अटैच कर दिया गया है। प्रभारी चिकित्साधिकारी ने नगर पंचायत मोहान को पत्र भेजकर स्वास्थ्य केंद्र में रात के समय प्रकाश व्यवस्था उपलब्ध कराए जाने की मांग की लेकिन अभी तक कोई पहल नहीं की जा सकी है।
चेयरमैन समरजीत यादव ने बताया कि मुख्यमंत्री को पत्र भेजा गया है। संभावना है कि शासन जल्द नए भवन के लिए फैसला लेगा। प्रभारी चिकित्साधिकारी सचिन वर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री को पत्र भेजा गया है। सीएमओ डॉ. गीता यादव अस्पताल का निरीक्षण कर चुकी हैं। उन्हें सारी स्थिति दिखाई गई हैं। उन्होंने भी नए भवन के लिए प्रयास करने की बात कही है।
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मामूली बारिश होते ही पानी भी टपकना शुरू हो जाता है। इमारत में आ रही सीलन की वजह से दवाएं खराब हो रही हैं। नए भवन निर्माण की जिम्मेदार भी ध्यान नहीं दे रहे। शायद उन्हें किसी हादसे का इंतजार है।
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नगर पंचायत मोहान में स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भवन जर्जर हो चुका है। यहां दवाएं रखने के लिए सुरक्षित जगह नहीं है। पूरे भवन में अत्यधिक नमी के चलते दवाएं वितरित होने से पहले ही नम होकर खराब हो जाती हैं। बारिश के दिनों में पूरा अस्पताल टपकता है।
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जुलाई 2012 मेें मुख्य चिकित्साधिकारी के आदेश पर सब सेंटर के एक कक्ष को ओपीडी बनाया गया था। केंद्र प्रभारी के कक्ष को वार्ड बनाया गया। यहां अव्यवस्था का आलम यह है कि बिजली आपूर्ति के दौरान लोहे के खिड़की और दरवाजों में करंट उतर आता है। वर्षों से रंगाई-पुताई न होने के कारण भवन अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है।
स्वास्थ्य कर्मचारियों की कालोनी भी जर्जर हो चुकी है। बारिश के दिनों में आवासीय कालोनी में जलभराव होना आम बात है। यहां पेयजल आपूर्ति के लिए लगे दो इंडिया मार्का हैंडपंपों से फ्लोराइड युक्त पानी निकलता है। कहने को तो प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र है लेकिन स्वास्थ्य केंद्र मेें इलाज के लिए आने वाले मरीजों को न तो बैठने की व्यवस्था है और न ही उन्हें शौचालय का कोई इंतजाम है। स्वास्थ्य केंद्र के कुछ हिस्से में तो बाउंड्री तक नहीं है। जिससे यहां रहने वाले कर्मियों को रात में जंगली जानवरों व चोरों का खतरा रहता है।
सर्दी में तो 40-50 मरीज आते हैं लेकिन गर्मी के दिनों में मरीजों की संख्या 100-150 तक हो जाती है। अस्पताल में एक ही वार्ड ब्वाय है। जिसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से अटैच कर दिया गया है। प्रभारी चिकित्साधिकारी ने नगर पंचायत मोहान को पत्र भेजकर स्वास्थ्य केंद्र में रात के समय प्रकाश व्यवस्था उपलब्ध कराए जाने की मांग की लेकिन अभी तक कोई पहल नहीं की जा सकी है।
चेयरमैन समरजीत यादव ने बताया कि मुख्यमंत्री को पत्र भेजा गया है। संभावना है कि शासन जल्द नए भवन के लिए फैसला लेगा। प्रभारी चिकित्साधिकारी सचिन वर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री को पत्र भेजा गया है। सीएमओ डॉ. गीता यादव अस्पताल का निरीक्षण कर चुकी हैं। उन्हें सारी स्थिति दिखाई गई हैं। उन्होंने भी नए भवन के लिए प्रयास करने की बात कही है।