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Unnao News: कोचिंग सेंटर सैकड़ों, पंजीकरण सिर्फ 20 का
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उन्नाव। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक सैकड़ों की संख्या में कोचिंग सेंटर संचालित हैं, लेकिन डीआईओएस कार्यालय में सिर्फ 20 का ही पंजीकरण है। बाकी बिना मानक अवैध तरीके से संचालित हो रहे हैं। इनमें न तो आग से बचाव के इंतजाम हैं, न ही जल भराव के खतरे से बचने की व्यवस्था। कई इतनी संकरी गलियों में हैं, जहां दमकल का पहुंचना भी मुश्किल है। बेसमेंट में भी कक्षाएं चलती हैं। संचालक यहां कक्षा छह से प्रतियोगी परीक्षाओं तक की तैयारी कराते हैं।
कई कोचिंग सेंटर ऐसे हैं जिनमें दिल्ली जैसा जलभराव या आग लगने पर खतरा मंडरा रहा है। शहर में पन्नालाल पार्क, आवास विकास कालोनी, इंद्रानगर, पीडी नगर, शिव नगर और हरदोई पुल के नीचे सहित पूरे शहर में घरों और गोदामों में कोचिंग सेंटर संचालित हो रहे हैं। शहर में छोटी-बड़ी 40 से अधिक कोचिंग सेंटर हैं, जिनमें बोर्ड परीक्षा से लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं तक की तैयारी कराई जाती है। कई में ई-लाइब्रेरी भी संचालित हैं। इनमें कई सेंटरों के भवन पुराने और जर्जर हो चुके हैं। कई के रास्ते इतने संकरे हैं कि आग लगने पर फायर ब्रिगेड तक नहीं पहुंच सकती, लेकिन इन संचालकों पर किसी प्रकार की कोई कार्रवाई अब तक नहीं की गई। संचालक भी बिना रोकटोक संलालन करके मनमानी फीस वसूल रहे हैं।
डीआईओएस एसपी सिंह ने बताया कि कोचिंग संचालकों को नोटिस जारी करने के लिए बाबू को निर्देश दिए गए हैं। अवैध कोचिंग सेंटरों के खिलाफ अभियान भी चलेगा। बिना फायर एनओसी और गाइड लाइन की अनदेखी करके कोचिंग सेंटर का संचालन नहीं होने दिया जाएगा। पहले भी संचालकों को नोटिस जारी किए गए हैं।
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कोचिंग पंजीकरण के लिए छात्र संख्या के आधार पर जमा होता शुल्क
डीआईओएस एसपी सिंह ने बताया कि कोचिंग पंजीकरण के लिए छात्र संख्या के आधार पर शुल्क जमा करने का प्रावधान है। 50 छात्र से कम होने पर 10 हजार और 50 छात्रों से अधिक संख्या होने पर 25 हजार रुपये शुल्क जमा करने का प्रावधान है। इसके लिए कोचिंग संचालक फार्म भरकर डीआईओएस कार्यालय में जमा करेगा। वहां से उसे एक कोड दिया जाएगा। उसी कोड नंबर के आधार पर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में जाकर शुल्क जमा करना होगा। कोचिंग संचालन के लिए भवन होना चाहिए। कोचिंग में अध्ययन सामग्री की व्यवस्था हो। पढ़ाने के लिए प्रशिक्षित स्टॉफ होना जरूरी है।
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कई कोचिंग सेंटर ऐसे हैं जिनमें दिल्ली जैसा जलभराव या आग लगने पर खतरा मंडरा रहा है। शहर में पन्नालाल पार्क, आवास विकास कालोनी, इंद्रानगर, पीडी नगर, शिव नगर और हरदोई पुल के नीचे सहित पूरे शहर में घरों और गोदामों में कोचिंग सेंटर संचालित हो रहे हैं। शहर में छोटी-बड़ी 40 से अधिक कोचिंग सेंटर हैं, जिनमें बोर्ड परीक्षा से लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं तक की तैयारी कराई जाती है। कई में ई-लाइब्रेरी भी संचालित हैं। इनमें कई सेंटरों के भवन पुराने और जर्जर हो चुके हैं। कई के रास्ते इतने संकरे हैं कि आग लगने पर फायर ब्रिगेड तक नहीं पहुंच सकती, लेकिन इन संचालकों पर किसी प्रकार की कोई कार्रवाई अब तक नहीं की गई। संचालक भी बिना रोकटोक संलालन करके मनमानी फीस वसूल रहे हैं।
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डीआईओएस एसपी सिंह ने बताया कि कोचिंग संचालकों को नोटिस जारी करने के लिए बाबू को निर्देश दिए गए हैं। अवैध कोचिंग सेंटरों के खिलाफ अभियान भी चलेगा। बिना फायर एनओसी और गाइड लाइन की अनदेखी करके कोचिंग सेंटर का संचालन नहीं होने दिया जाएगा। पहले भी संचालकों को नोटिस जारी किए गए हैं।
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कोचिंग पंजीकरण के लिए छात्र संख्या के आधार पर जमा होता शुल्क
डीआईओएस एसपी सिंह ने बताया कि कोचिंग पंजीकरण के लिए छात्र संख्या के आधार पर शुल्क जमा करने का प्रावधान है। 50 छात्र से कम होने पर 10 हजार और 50 छात्रों से अधिक संख्या होने पर 25 हजार रुपये शुल्क जमा करने का प्रावधान है। इसके लिए कोचिंग संचालक फार्म भरकर डीआईओएस कार्यालय में जमा करेगा। वहां से उसे एक कोड दिया जाएगा। उसी कोड नंबर के आधार पर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में जाकर शुल्क जमा करना होगा। कोचिंग संचालन के लिए भवन होना चाहिए। कोचिंग में अध्ययन सामग्री की व्यवस्था हो। पढ़ाने के लिए प्रशिक्षित स्टॉफ होना जरूरी है।