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बिना जांच कराए लौटे मरीज
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जिला अस्पताल की पैथोलॉजी में जांच कराने के लिए खड़े मरीज।
- फोटो : UNNAO
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उन्नाव। जिला अस्पताल में मरीजों की अलग-अलग बीमारियों की जांच के लिए पैथोलॉजी में लगी सलेक्ट्रा जांच मशीन खराब हो गई है। इससे दो दिनों से मरीजों को वापस लौटना पड़ रहा है। मंगलवार को मशीन की मरम्मत के लिए लखनऊ से इंजीनियर आया, लेकिन देर शाम तक वह उसे नहीं बना सका।
जिला अस्पताल की ओपीडी में आने वाले मरीजों को जरूरत के हिसाब से डॉक्टर जांच लिखते हैं। इसमें किडनी, शुगर, कोलेेस्ट्राल, अर्थराइट्स व सीबीसी की जांच के लिए जिला अस्पताल की पैथोलॉजी में सलेक्ट्रा जांच मशीन लगी हुई है। इस मशीन से रोजाना 70 से 75 जांचे की जाती हैं। दो दिनों से मशीन में खराबी के कारण जांच कराने आ रहे लोगों को वापस लौटना पड़ रहा है। मंगलवार को ओपीडी में दिखाने आए मरीजों को डॉक्टर ने जरूरत के हिसाब से जांचें पर्चे में लिखीं। कई मरीज पैथोलॉजी जांच कराने पहुंच गए। जांच मशीन खराब होने की जानकारी न होने से वह पैथोलॉजी के बाहर लाइन लगाकर खड़े हो गए। कुछ देर बाद उन्हें पता चला कि मशीन खराब है। स्वास्थ्यकर्मियों और मरीजों के बीच विवाद की सूचना पर पैैथोलॉजिस्ट डॉ. आनंद स्वरूप वहां पहुंचे और मरीजों को शांत कराया। उसके बाद पैथोलॉजी के बाहर मशीन खराब होने की नोटिस चस्पा कराई।
सीएमएस डॉ. बीबी भट्ट ने बताया कि सलेक्ट्रा जांच मशीन खराब चल रही है। लखनऊ से बनाने के लिए इंजीनियर को बुलाया गया है। मशीन सही न होने तक जांचें नहीं हो पाएंगी।
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जिला अस्पताल की ओपीडी में आने वाले मरीजों को जरूरत के हिसाब से डॉक्टर जांच लिखते हैं। इसमें किडनी, शुगर, कोलेेस्ट्राल, अर्थराइट्स व सीबीसी की जांच के लिए जिला अस्पताल की पैथोलॉजी में सलेक्ट्रा जांच मशीन लगी हुई है। इस मशीन से रोजाना 70 से 75 जांचे की जाती हैं। दो दिनों से मशीन में खराबी के कारण जांच कराने आ रहे लोगों को वापस लौटना पड़ रहा है। मंगलवार को ओपीडी में दिखाने आए मरीजों को डॉक्टर ने जरूरत के हिसाब से जांचें पर्चे में लिखीं। कई मरीज पैथोलॉजी जांच कराने पहुंच गए। जांच मशीन खराब होने की जानकारी न होने से वह पैथोलॉजी के बाहर लाइन लगाकर खड़े हो गए। कुछ देर बाद उन्हें पता चला कि मशीन खराब है। स्वास्थ्यकर्मियों और मरीजों के बीच विवाद की सूचना पर पैैथोलॉजिस्ट डॉ. आनंद स्वरूप वहां पहुंचे और मरीजों को शांत कराया। उसके बाद पैथोलॉजी के बाहर मशीन खराब होने की नोटिस चस्पा कराई।
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सीएमएस डॉ. बीबी भट्ट ने बताया कि सलेक्ट्रा जांच मशीन खराब चल रही है। लखनऊ से बनाने के लिए इंजीनियर को बुलाया गया है। मशीन सही न होने तक जांचें नहीं हो पाएंगी।
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