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भक्तिमान इंसान ही बनता है शक्तिमान
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फतेहपुर चौरासी के गांव नरीगाड़ा में आयोजित श्रीमदभागवत कथा में बोलते संत रामस्वरूप ब्रह्मचारी?
- फोटो : UNNAO
फतेहपुर चौरासी। कुछ लोग कहते हैं कि पूजा पाठ करने के बाद भी प्रभु की कृपा नहीं होती। यह बिल्कुल गलत है। प्रभु हर इंसान को उसके कर्मों के आधार पर फल देते हैं। सिर्फ भक्तिमान इंसान ही प्रभु की कृपा से शक्तिमान बन सकता है।
यह सुवचन गांव नरीगाड़ा के रामेश्वर धाम में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में परमार्थ धाम प्राचीन हनुमान मंदिर भिनकीपुर के संत प्रवर रामस्वरूप ब्रह्मचारी ने दिए। उन्होंने कहा कि हम प्राय: कहते हैं कि भागवत कथा, राम कथा हमने सुन डाली फिर अपेक्षित लाभ न मिलने पर धार्मिक ग्रंथों पर शंका करने लगते हैं। जबकि कथा श्रवण के साथ कथा का मनन, चिंतन व अनुकरण करना चाहिए तभी फल की प्राप्ति होती है। संस्कार पूर्ण जीवन ही भक्ति का मार्ग प्रशस्त करता है।
श्रीमद्भागवत कथा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विद्वानों की परीक्षा भागवत कथा से होती है। ब्रह्मचारी ने श्रोताओं को माता-पिता व बुजुर्गों का सम्मान करने की सीख देते हुए कहा कि कर्म ही सबसे बड़ी पूजा है। उन्होंने जड़भरत पर प्रकाश डालते हुए रावण के पूर्व जन्म राजा प्रतापभान की कथा सुनाई। कथा में दिवाकर द्विवेदी, ब्रजकिशोर शुक्ला, विश्वनाथ पांडेय, सहित काफी संख्या में लोग मौजूद रहे।
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यह सुवचन गांव नरीगाड़ा के रामेश्वर धाम में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में परमार्थ धाम प्राचीन हनुमान मंदिर भिनकीपुर के संत प्रवर रामस्वरूप ब्रह्मचारी ने दिए। उन्होंने कहा कि हम प्राय: कहते हैं कि भागवत कथा, राम कथा हमने सुन डाली फिर अपेक्षित लाभ न मिलने पर धार्मिक ग्रंथों पर शंका करने लगते हैं। जबकि कथा श्रवण के साथ कथा का मनन, चिंतन व अनुकरण करना चाहिए तभी फल की प्राप्ति होती है। संस्कार पूर्ण जीवन ही भक्ति का मार्ग प्रशस्त करता है।
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श्रीमद्भागवत कथा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विद्वानों की परीक्षा भागवत कथा से होती है। ब्रह्मचारी ने श्रोताओं को माता-पिता व बुजुर्गों का सम्मान करने की सीख देते हुए कहा कि कर्म ही सबसे बड़ी पूजा है। उन्होंने जड़भरत पर प्रकाश डालते हुए रावण के पूर्व जन्म राजा प्रतापभान की कथा सुनाई। कथा में दिवाकर द्विवेदी, ब्रजकिशोर शुक्ला, विश्वनाथ पांडेय, सहित काफी संख्या में लोग मौजूद रहे।
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