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Unnao News: आपसी सुलह समझौते से 99,078 वाद निपटे
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फोटो-31-लोक अदालत में लगे स्टेट बैंक के स्टॉल पर मौजूद अधिकारी व वादकारी। संवाद
उन्नाव। शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में सुलह-समझौते के आधार पर कुल 99,078 वादों का निस्तारण किया गया। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के 128 वादों का निपटारा करते हुए 12 करोड़ 94 लाख 38 हजार 400 रुपये का प्रतिकर अवार्ड किया गया।
बैंक रिकवरी के 1,093 मामलों में एक करोड़ 79 लाख 14 हजार 900 रुपये और फाइनेंस कंपनियों के 481 मामलों में 3 लाख 21 हजार 658 रुपये की अदायगी तय हुई। इस प्रकार कुल 14 करोड़ 76 लाख 75 हजार रुपये से अधिक का राजस्व/प्रतिकर प्राप्त हुआ। वैवाहिक मामलों में 85 वाद निस्तारित हुए, जिनमें 52 दंपतियों ने आपसी मतभेद खत्म कर पुनर्मिलन स्वीकार किया। विद्युत से संबंधित 35,551 प्री-लिटिगेशन मामलों का भी निस्तारण हुआ, जिससे पक्षकारों को राहत मिली।
फोटो-32- होरीलाल
बैंक ने ऋण समझौते का दिया आश्वासन
भवानीखेड़ा गांव निवासी होरीलाल को बैंक से लिए 3.33 लाख रुपये के ऋण मामले में राहत मिली है। बैंक अधिकारियों ने उन्हें समझौता करने का आश्वासन दिया है।
होरीलाल ने व्यापार शुरू करने के लिए बैंक से 3.33 लाख रुपये का ऋण लिया था। हालांकि, उनका व्यापार अपेक्षा के अनुरूप नहीं चल सका। इसके चलते वह ऋण की मूल रकम भी वापस नहीं कर पाए। भुगतान न होने से बैंक का ब्याज लगातार बढ़ता गया। इससे उनकी कुल देनदारी काफी बढ़ गई। आर्थिक संकट के कारण वह पूरा ऋण चुकाने में असमर्थ रहे। अधिकारियों ने होरीलाल को आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के लिए बैंक आने को कहा है।
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फोटो-33-रामशंकर
3.15 लाख का ऋण 1.90 लाख में निपटा
नवाबगंज के बिचपरी गांव निवासी रामशंकर को बड़ी राहत मिली है। उनके दामाद ने किसान क्रेडिट कार्ड से ऋण लिया था। उनकी मृत्यु के बाद बैंक ने पत्नी मीना पर 3.15 लाख रुपये जमा करने का दबाव बनाया। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण मीना ने ब्याज में रियायत मांगी पर कोई समाधान नहीं मिला। उन्होंने लोक अदालत का सहारा लिया। शनिवार को लोक अदालत में दोनों पक्षों के बीच सुलह हुई। बैंक अधिकारी 1.90 लाख रुपये में ऋण निस्तारण को तैयार हुए।
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बैंक रिकवरी के 1,093 मामलों में एक करोड़ 79 लाख 14 हजार 900 रुपये और फाइनेंस कंपनियों के 481 मामलों में 3 लाख 21 हजार 658 रुपये की अदायगी तय हुई। इस प्रकार कुल 14 करोड़ 76 लाख 75 हजार रुपये से अधिक का राजस्व/प्रतिकर प्राप्त हुआ। वैवाहिक मामलों में 85 वाद निस्तारित हुए, जिनमें 52 दंपतियों ने आपसी मतभेद खत्म कर पुनर्मिलन स्वीकार किया। विद्युत से संबंधित 35,551 प्री-लिटिगेशन मामलों का भी निस्तारण हुआ, जिससे पक्षकारों को राहत मिली।
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फोटो-32- होरीलाल
बैंक ने ऋण समझौते का दिया आश्वासन
भवानीखेड़ा गांव निवासी होरीलाल को बैंक से लिए 3.33 लाख रुपये के ऋण मामले में राहत मिली है। बैंक अधिकारियों ने उन्हें समझौता करने का आश्वासन दिया है।
होरीलाल ने व्यापार शुरू करने के लिए बैंक से 3.33 लाख रुपये का ऋण लिया था। हालांकि, उनका व्यापार अपेक्षा के अनुरूप नहीं चल सका। इसके चलते वह ऋण की मूल रकम भी वापस नहीं कर पाए। भुगतान न होने से बैंक का ब्याज लगातार बढ़ता गया। इससे उनकी कुल देनदारी काफी बढ़ गई। आर्थिक संकट के कारण वह पूरा ऋण चुकाने में असमर्थ रहे। अधिकारियों ने होरीलाल को आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के लिए बैंक आने को कहा है।
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फोटो-33-रामशंकर
3.15 लाख का ऋण 1.90 लाख में निपटा
नवाबगंज के बिचपरी गांव निवासी रामशंकर को बड़ी राहत मिली है। उनके दामाद ने किसान क्रेडिट कार्ड से ऋण लिया था। उनकी मृत्यु के बाद बैंक ने पत्नी मीना पर 3.15 लाख रुपये जमा करने का दबाव बनाया। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण मीना ने ब्याज में रियायत मांगी पर कोई समाधान नहीं मिला। उन्होंने लोक अदालत का सहारा लिया। शनिवार को लोक अदालत में दोनों पक्षों के बीच सुलह हुई। बैंक अधिकारी 1.90 लाख रुपये में ऋण निस्तारण को तैयार हुए।

फोटो-31-लोक अदालत में लगे स्टेट बैंक के स्टॉल पर मौजूद अधिकारी व वादकारी। संवाद

फोटो-31-लोक अदालत में लगे स्टेट बैंक के स्टॉल पर मौजूद अधिकारी व वादकारी। संवाद