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घरों में दौड़ा करंट, अधेड़ की मौत
ब्यूरो अमर उजाला, उन्नाव
Updated Mon, 11 Apr 2016 12:33 AM IST
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ग्रामीणों से बातचीत करते विधायक
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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आपूर्ति बंद होने के बाद कमरे का दरवाजा तोड़कर के शव को निकाला गया। सूचना पर एसओ ब्रजमोहन गांव पहुंचे और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। देर शाम तक कोई भी विभागीय अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा था।
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जानकारी के मुताबिक गांव में सुबह सात के करीब घरों में हाईवोल्टेज करंट दौड़ गया। पलक झपकते ही उपकरण चटककर गिरने लगे। जान बचाने के लिए लोग शोर मचाते हुए घर से निकल कर बाहर भागे। इस दौरान गांव निवासी मेड़े (55) कमरे का दरवाजा बंद कर चारपाई पर लेटा था। वह पंखे का स्विच बंद करने के लिए उठा। जैसे ही स्विच को हाथ लगाया उसे करंट का तेज झटका लगा। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। गांव निवासी विश्वनाथ पुत्र सुखदेव, अंशू पत्नी संजय सिंह, पवन, बसंत पुत्र जगदीश भी स्विच बंद करने के दौरान करंट की चपेट में झुलस गए। घटना में सात घरों के उपकरण फुंक गए। किसी तरह विद्युत विभाग को घटना की जानकारी देकर आपूर्ति बंद कराई गई। देर शाम एक्सईएन विद्युत वितरण खंड प्रथम जेपी कौशल ने बताया कि पेड़ की डाल पहले एचटी लाइन पर गिरी। इससे एचटी लाइन का तार एलटी पर गिर गया। उन्होंने बताया कि जांच के बाद मृतक के परिजनों को विभाग की ओर से एक लाख रुपये का मुआवजा दिलाया जाएगा। देर शाम बीघापुर तहसीलदार हीरालाल सैनी ने बताया मृतक आश्रितों को कृषक बीमा दुर्घटना का 5 लाख, राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना का 30 हजार रुपये और विद्युत विभाग से निर्धारित मुआवजा दिलाया जाएगा।
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विभागीय अधिकारियों की संवेदनहीनता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मोहकमपुर गांव में विद्युत तार टूटकर गिरने से हुए हादसे की सूचना के बाद गांव में पीड़ितों का हाल लेने कोई भी विभागीय अधिकारी नहीं पहुंचा। हालांकि देर शाम एक्सईएन विद्युत वितरण खंड प्रथम जेपी कौशल ने मृतक के परिजनों को विभाग की ओर से एक लाख रुपये मुआवजे का आश्वासन दिया है, लेकिन बीते वर्षों में ऐसे ही हादसों के शिकार लोग मुआवजे के इंतजार में है। आर्थिक मदद कब मलेगी यह बड़ा सवाल है।
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चौरासी थाना क्षेत्र के तकिया गांव निवासी राजकुमार बिजली विभाग में प्राइवेट लाइनमैन का काम करता था। लगभग तीन माह पहले वह शटडाउन लेकर खंभे पर लाइन जोड़ने के लिए चढ़ा। अचानक सप्लाई शुरू होने से वह करंट के झटके के साथ नीचे आ गिरा। गंभीर रूप से झुलसा देख उसे स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। अभी तक उसे मुआवजे की दरकार है। विभागीय अधिकारियों ने आश्वासन तो दिया पर कोई भी उसे देखने तक नहीं पहुंचा। हादसे में वह पूरे शरीर से अपंग हो गया। वर्तमान में उसकी हालत बेहद नाजुक है। शनिवार को सीएचसी सफीपुर में इलाज कराने पहुंचा। वह लोगों से अपनी दास्तां बता सिसक उठा। शरीर अपंग होने से अब वह कोई काम नहीं कर सकता। जिससे उसका परिवार दो जून रोटी के लिए तरस रहा है।
इंसेट
हाल की कुछ घटनाएं
2 अप्रैल-दही चौकी स्थित एक चर्म इकाई फैक्ट्री में लखनऊ के बंथरा निवासी अजीत की करंट की चपेट में आकर मौत, फैक्ट्री प्रबंधन की ओर से मुआवजे के बाद मामला शांत हुआ
23 मार्च- सदर कोतवाली के पतारी गांव में खेत सींचने के दौरान एचटी लाइन टूटकर गिरने से गांव के राजेश की मौत, उसका भाई झुलसा। अभी तक नहीं मिला मुआवजा।
22 फरवरी-फतेहपुर चौरासी के तकिया गांव निवासी मनोज पर टूटकर गिरा बिजली का तार, मौत के बाद भी नहीं मिला मुआवजा।
22 नवम्बर-बांगरमऊ कोतवाली क्षेत्र के नसिरापुर में हाईबोेल्टेज करंट दौड़ने से गांव के लगभग छह लोग गंभीर रूप से झुलस गए। कोई अधिकारी देखने तक नहीं पहुंचा।
13 दिसंबर-अचलगंज कस्बा निवासी रमेश प्राइवेट लाइन मैन था। पोल पर तार जोड़ते समय विभागीय लापरवाही से करंट की चपेट में आया। सड़क जाम व हंगामे के बाद मामला आश्वासन तक सीमित रह गया। नहीं मिला मुआवजा।
12 नवंबर-बीघापुर के मगरायर में आशू पाल लटकते तारों से चिपका था, हुई थी मौत। मुआवजे के नाम पर मिला ठेंगा।
15 अक्टूबर-बीघापुर के दुबेपुर गांव निवासी अशोक त्रिवेदी की करंट की चपेट में आकर मौत।
हादसे की तत्काल सूचना यहां दें
तार टूटने से यदि कहीं कोई दुर्घटना होती है तो पीड़ित को सबसे पहले सबस्टेशन को फोन करके आपूर्ति बंद करानी चाहिए। इसके बाद लिखित तौर पर दुर्घटना की सूचना 24 घंटे के अंदर बिजली विभाग के अधिशाषी अभियंता या सीधे विद्युत सुरक्षा कार्यालय में दे। वैसे विद्युत सुरक्षा के अधिकारी समाचार पत्रों या तहसील से मिलने वाली सूचना के आधार पर भी जांच करते हैं। बिजली विभाग जनहानि होने पर एक लाख रुपये तक मुआवजा देता है। मवेशी या फसल जलने पर वैल्यू के हिसाब से सहायता राशि दी जाती है।
मृतक के परिजनों को दिलाया जाएगा मुआवजा
क्षेत्रीय अवर अभियंता ने जो जानकारी दी है उसके अनुसार, एक पेड़ की डाल पहले एचटी लाइन पर टूटकर गिरी। इसके बाद एचटी लाइन का तार एलटी पर गिर गया। इससे यह हादसा हो गया। फिलहाल मृतक के परिजनों को विभाग की ओर से एक लाख रुपये का मुआवजा दिलाया जाएगा। जेपी कौशल, एक्सईएन विद्युत वितरण खंड प्रथम।