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विधायक को हिरासत में लेने के बाद सीबीआई ने उन्नाव में की तहकीकात

Fri, 13 Apr 2018 11:35 PM IST
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unnao Updated Fri, 13 Apr 2018 11:35 PM IST
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CBI seeks explanation in Unnao after detaining MLA
-किशोरी के गांव में उसके घर के पास निरीक्षण करती सीबीआई। - फोटो : amarujala
अमर उजाला ब्यूरो
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उन्नाव। लखनऊ में शुक्रवार सुबह करीब चार बजे भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को हिरासत में लेने के बाद सीबीआई एसपी राघवेंद्र वत्स के नेतृत्व में 14 सदस्यीय टीम उन्नाव पहुंची। सीबीआई ने किशोरी व उसके परिवार के लोगों को अलग-अलग बुलाकर साढ़े चार घंटे पूछताछ की। माखी थाने में किशोरी के पिता के खिलाफ दर्ज हुए मुकदमे की कॉपी व जून 2017 में किशोरी की मां की ओर से दिए गए प्रार्थनापत्र और रिपोर्ट, मारपीट का घटना स्थल, विधायक और उसका साथ देने वाली महिला का घर भी देखा। जिला अस्पताल में किशोरी के पिता के मेडिकल से लेकर जेल से दोबारा भर्ती कराए जाने तक इलाज और पोस्टमार्टम के अभिलेख और किशोरी की मेडिकल रिपोर्ट ली है। सीबीआई ने लापरवाही बरतने के आरोप में निलंबित सीओ, एसओ और दरोगा सहित सभी सात पुलिस कर्मियों को सीबीआई  मुख्यालय लखनऊ तलब किया है। जून 2017 में तैनात रहीं तत्कालीन एसपी नेहा पांडेय और और वर्तमान एसपी पुष्पांजलि को भी सीबीआई कार्यालय तलब किया है।
भाजपा विधायक पर दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज करने के बाद सीबीआई ने आनन-फानन में कार्रवाई शुरू कर दी है। शुक्रवार को सीबीआई की चार सदस्यीय टीम सुबह 8:30 बजे माखी थाने पहुंची। यहां एक साल पहले जून 2017 में किशोरी की मां की ओर से दी गई तहरीर और 20 जून 2017 को दर्ज हुई एफआईआर की कापी कब्जे में ली। साथ ही 3 अप्रैल 2018 को किशोरी के पिता से हुई मारपीट, उसके खिलाफ दी गई तहरीर, दर्ज की गई एफआईआर की कॉपी भी कब्जे में ली। घटना के दिन किशोरी के पिता (मृतक बंदी) से बरामद सील बंद तमंचा देखा। सुबह 9:49 बजे सीबीआई एसपी राघवेंद्र वत्स के नेतृत्व में दस सदस्यीय टीम उन्नाव शहर स्थित उस होटल में पहुंची, जहां किशोरी और उसका परिवार पांच दिन से रुका है। सीबीआई एसपी ने किशोरी के बयान दर्ज किए। टीम के अन्य सदस्यों ने  किशोरी के चाचा, मां, बहनों व अन्य लोगों के अलग-अलग बयान दर्ज किए। सीबीआई ने साढ़े चार घंटे तक गहन पूछताछ की। किशोरी व परिवार से पूछताछ करने के बाद शाम 3 बजे सीबीआई एसपी पांच अन्य सदस्यों के साथ होटल से निकलने के बाद माखी थाने पहुंचे। यहां उन्होंने सुबह से संकलित किए गए अभिलेख चेक किए। इसके बाद किशोरी के गांव पहुंचकर उसका घर,  घटना स्थल और वह नीम का पेड़ देखा जहां 3 अप्रैल को किशोरी के पिता को बांधकर पीटने का आरोप लगाया गया है। एसपी सीबीआई ने पुलिस से विधायक और घटना में विधायक का साथ देने वाली महिला का मकान भी देखा। इस दौरान पूरे गांव में सन्नाटा रहा। लोग अपने घरों के भीतर दुबके दरवाजे-खिड़की के झरोखों से नजारा देखते रहे। शाम 3:30 बजे सीबीआई के दो सदस्य जिला अस्पताल पहुंचे। यहां सीएमएस डा. डीके द्विवेदी से बंदी के मेडिकल, भर्ती करने से लेकर इलाज और पोस्टमार्टम रिपोर्ट तक सारे अभिलेख खंगाले। साथ ही सीसीटीवी फुटेज भी चेक किए। इलाज व मेडिकल करने वाले पांच डाक्टरों से पूछताछ की है। शाम 4:30 बजे तक सीबीआई की टीमें माखी थाना, जिला अस्पताल और होटल में छानबीन कर रही थीं।
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निलंबित छह पुलिस कर्मियों को लखनऊ ले गई सीबीआई
उन्नाव। किशोरी से गैंगरेप और न्यायिक हिरासत में किशोरी के पिता की मौत की घटना में जांच कर रही सीबीआई निलंबित छह पुलिस कर्मियों को पूछताछ के लिए लखनऊ ले गई है। जबकि, गुरुवार को निलंबित किए गए सीओ कुंवर बहादुर को भी सीबीआई कार्यालय लखनऊ पहुंचने का निर्देश दिया है।
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तीन अप्रैल को हुई मारपीट की घटना में घायल को ही आर्म्स एक्ट में गिरफ्तार करने और डीएम के निर्देश के बाद भी किशोरी की मां की ओर से तहरीर लेने के बाद भी मुकदमा दर्ज न करने और दूसरे दिन विधायक के भाई अतुल सिंह का नाम हटाकर रिपोर्ट दर्ज करने के मामले में शासन के निर्देश पर छह पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया था। निलंबित होने वाले तत्कालीन माखी थानाध्यक्ष अशोक कुमार भदौरिया, दरोगा कामता प्रसाद, हेड कांस्टेबल रामराज शुक्ला, सिपाही लक्ष्य कुमार शुक्ला, अशोक सेन और मोहित कुमार को शुक्रवार को सीबीआई अपने साथ लखनऊ ले गई।
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