{"_id":"60ad35ce8ebc3e375a113ce3","slug":"crime-unnao-news-knp630393648","type":"story","status":"publish","title_hn":"हत्यारोपी सिपाही बोला, दो थप्पड़ का गुनाहगार हूं साहब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हत्यारोपी सिपाही बोला, दो थप्पड़ का गुनाहगार हूं साहब
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उन्नाव। सब्जी विक्रेता फैसल की हत्या में नामजद सिपाही विजय चौधरी को गिरफ्तार कर स्वॉट टीम ने एसपी के सामने पेश किया। पूछताछ में सिपाही रो पड़ा। गिड़गिड़ाते हुए बोला साहब सिर्फ दो थप्पड़ मारने का गुनहगार हूं। कोरोना कर्फ्यू उल्लंघन की सूचना पर फैसल के पास गया था। उससे बाइक में बैठने को कहा। इनकार करने पर दो थप्पड़ मार दिए थे। पूछताछ के बाद सिपाही को कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने उसे जेल भेज दिया है।
बांगरमऊ के भटपुरी निवासी सब्जी विक्रेता मोहम्मद फैसल की हत्या में नामजद सिपाही विजय चौधरी बिजनौर के थाना चांदपुर के हल्ला नगला गांव का रहने वाला है। वह वर्ष 2019 बैच का सिपाही है। उसकी व उसके भाई की एक साथ नौकरी लगी थी। दोनों की ट्रेनिंग भी एक साथ हुई थी। विजय चौधरी की तैनाती जिले में और उसके भाई को रायबरेली में पोस्टिंग मिली। पिता पुनीत कुमार पेशे से प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक हैं। आरोपी सिपाही विजय ने मांग की है कि घटना की निष्पक्ष जांच की जाए। कहा कि घटना के बाद मृतक के भाई सूफियान ने कोतवाली के अंदर फैसल को पीटे जाने का बयान दिया था, जिसका वीडियो भी वायरल हुआ था। कोतवाली में लगे सीसीटीवी के वायरल हुए फुटेज में फैसल को पीटे जाने की बात सामने नहीं आई है। वहीं दूसरे नामजद सिपाही सीमांत चौधरी को लेकर पुलिस ने दावा किया है कि रात्रि ड्यूटी करने के बाद घटना के वक्त सिपाही बैरक में सो रहा था। उसकी मौजूदगी न ही घटनास्थल पर मिली है और न ही कोतवाली के सीसीटीवी फुटेज में वह नजर आया है। एसपी ने बताया कि हर बिंदु पर बारीकी से जांच की जा रही है।
पुलिस की पिटाई से सब्जी विक्रेेता की मौत के बाद बवाल को देखते हुए एसपी ने घटना की जांच क्राइम ब्रांच के निरीक्षक इंद्रपाल सिंह को सौंपी थी। उन्होंने अपनी जांच शुरू की ही थी कि दूसरे दिन ही उन्हें बेहटामुजावर थानाध्यक्ष बना दिया गया। इनकी जगह पर अब विवेचना क्राइम ब्रांच के दूसरे निरीक्षक रंजीत यादव को सौंपी गई है। एसपी आनंद कुलकर्णी ने बताया कि सीओ क्राइम अंजनी कुमार राय के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच की पांच सदस्यीय टीम को जांच के लिए लगाया है।
विज्ञापन
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में फैसल की पीठ पर चोट के कई निशान मिले थे। पुलिस के अधिकारी इन चोटों को देखकर मारपीट की बात सिरे से नकार रहे हैं। अधिकारियों ने पीठ के निशानों को लेकर अब तक कई दावे किए हैं। पुलिस अधिकारियों ने सीएचसी के बेड में मृतक को लिटाए जाने के दौरान पीठ पर निशान आने, डीप फ्रीजर में सात घंटे शव रखने से निशाना आने और ई-रिक्शा से सीएचसी ले जाने के दौरान यह निशान आने की बात कही है। हालांकि एक भी दावे की अधिकारी पुष्टि नहीं कर सके।
एमआईएमआईएम पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अवैसुद्दीन ओवैसी के कहने पर एक प्रतिनिधि मंडल सब्जी विक्रेता मृतक फैसल के घर पहुंचा और घटना की निंदा कर परिजनों को इंसाफ दिलाने का भरोसा दिया। प्रतिनिधि मंडल की ओर से मृतक के परिजनों को एक लाख की चेक दी गई।
-
विज्ञापन
बांगरमऊ के भटपुरी निवासी सब्जी विक्रेता मोहम्मद फैसल की हत्या में नामजद सिपाही विजय चौधरी बिजनौर के थाना चांदपुर के हल्ला नगला गांव का रहने वाला है। वह वर्ष 2019 बैच का सिपाही है। उसकी व उसके भाई की एक साथ नौकरी लगी थी। दोनों की ट्रेनिंग भी एक साथ हुई थी। विजय चौधरी की तैनाती जिले में और उसके भाई को रायबरेली में पोस्टिंग मिली। पिता पुनीत कुमार पेशे से प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक हैं। आरोपी सिपाही विजय ने मांग की है कि घटना की निष्पक्ष जांच की जाए। कहा कि घटना के बाद मृतक के भाई सूफियान ने कोतवाली के अंदर फैसल को पीटे जाने का बयान दिया था, जिसका वीडियो भी वायरल हुआ था। कोतवाली में लगे सीसीटीवी के वायरल हुए फुटेज में फैसल को पीटे जाने की बात सामने नहीं आई है। वहीं दूसरे नामजद सिपाही सीमांत चौधरी को लेकर पुलिस ने दावा किया है कि रात्रि ड्यूटी करने के बाद घटना के वक्त सिपाही बैरक में सो रहा था। उसकी मौजूदगी न ही घटनास्थल पर मिली है और न ही कोतवाली के सीसीटीवी फुटेज में वह नजर आया है। एसपी ने बताया कि हर बिंदु पर बारीकी से जांच की जा रही है।
विज्ञापन
पुलिस की पिटाई से सब्जी विक्रेेता की मौत के बाद बवाल को देखते हुए एसपी ने घटना की जांच क्राइम ब्रांच के निरीक्षक इंद्रपाल सिंह को सौंपी थी। उन्होंने अपनी जांच शुरू की ही थी कि दूसरे दिन ही उन्हें बेहटामुजावर थानाध्यक्ष बना दिया गया। इनकी जगह पर अब विवेचना क्राइम ब्रांच के दूसरे निरीक्षक रंजीत यादव को सौंपी गई है। एसपी आनंद कुलकर्णी ने बताया कि सीओ क्राइम अंजनी कुमार राय के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच की पांच सदस्यीय टीम को जांच के लिए लगाया है।
विज्ञापन
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में फैसल की पीठ पर चोट के कई निशान मिले थे। पुलिस के अधिकारी इन चोटों को देखकर मारपीट की बात सिरे से नकार रहे हैं। अधिकारियों ने पीठ के निशानों को लेकर अब तक कई दावे किए हैं। पुलिस अधिकारियों ने सीएचसी के बेड में मृतक को लिटाए जाने के दौरान पीठ पर निशान आने, डीप फ्रीजर में सात घंटे शव रखने से निशाना आने और ई-रिक्शा से सीएचसी ले जाने के दौरान यह निशान आने की बात कही है। हालांकि एक भी दावे की अधिकारी पुष्टि नहीं कर सके।
एमआईएमआईएम पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अवैसुद्दीन ओवैसी के कहने पर एक प्रतिनिधि मंडल सब्जी विक्रेता मृतक फैसल के घर पहुंचा और घटना की निंदा कर परिजनों को इंसाफ दिलाने का भरोसा दिया। प्रतिनिधि मंडल की ओर से मृतक के परिजनों को एक लाख की चेक दी गई।
-