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एसबी कार पर उपभोक्ता फोरम ने लगाया अर्थदंड
ब्यूरो/अमर उजाला, उन्नाव
Updated Sun, 01 Feb 2015 12:37 AM IST
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उन्नाव। खरीदार से अधिक रकम लेने और उसे छूट व नगद इनाम न देने के एक मामले में उपभोक्ता फोरम ने एसबी कार पर अर्थदंड लगाया है। फोरम ने पीड़ित के पक्ष में फैसला सुनाया और लगभग 72 हजार रुपये अदा करने के आदेश एसबी कार को दिए हैं।
सिविल लाइन के पश्चिमखेड़ा निवासी गुरु प्रसाद ने एक समाचार पत्र में निकले विज्ञापन के आधार पर एक चार पहिया वाहन के लिए एसबी कार प्राइवेट लिमिटेड की स्थानीय शाखा में संपर्क किया।
गुरु प्रसाद के अनुसार, जो विज्ञापन छपा था उसमें ओमनी कार 8 सीटर पर रुपये 23000 की छूट व एक ग्राम सोने का सिक्का देने की बात कही गई थी। साथ ही गाड़ी की प्रारंभिक कीमत 2,33,000 रुपये से शुरू होना बताया गया था।
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इसके बाद उन्होंने स्थानीय एजेंसी के अधिकारियों से संपर्क किया। बाद में सिल्वर कलर की कार की बुकिंग के लिए गुरु प्रसाद ने 13-5-2013 को 4000 रुपये दिए। जब वह डिलीवरी लेने के लिए शोरुम पहुंचे तो वहां पर सफेद कलर की कार मिली। जब उन्होंने एतराज किया तो कंपनी ने 3000 रुपये कम करने की बात कही।
15 मई 2013 को गुरु प्रसाद ने कंपनी के डीएससी नंदेश शर्मा को गाड़ी के लिए नगद 1,25,000 रुपये और महिन्द्रा फाइनेंस बैंक की एडवांस किस्त 9500 रुपये दे दी। इसके बाद भी एजेंसी की ओर से नकद छूट व सोने का सिक्का नहीं दिया गया। गुरु प्रसाद ने उपभोक्ता फोरम की शरण ली।
फोरम ने मामले में सुनवाई करते हुए माना कि एसबी कार की ओर से पीड़ित से कार की प्रारंभिक कीमत से लगभग 65,325 रुपये ज्यादा लिए गए हैं। फोरम ने कहा कि एसबी कार की ओर से अनुचित व्यापार पद्धति अपनाई गई।
अध्यक्ष मातांबर सिंह व सदस्यों चंचल जैन, अशोक कुमार यादव ने एसबी कार को निर्देश दिए कि वह गुरु प्रसाद को 65,325 रुपये के साथ ही 5000 रुपये मानसिक कष्ट के लिए क्षतिपूर्ति व 2500 रुपये वाद व्यय के दें।
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सिविल लाइन के पश्चिमखेड़ा निवासी गुरु प्रसाद ने एक समाचार पत्र में निकले विज्ञापन के आधार पर एक चार पहिया वाहन के लिए एसबी कार प्राइवेट लिमिटेड की स्थानीय शाखा में संपर्क किया।
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गुरु प्रसाद के अनुसार, जो विज्ञापन छपा था उसमें ओमनी कार 8 सीटर पर रुपये 23000 की छूट व एक ग्राम सोने का सिक्का देने की बात कही गई थी। साथ ही गाड़ी की प्रारंभिक कीमत 2,33,000 रुपये से शुरू होना बताया गया था।
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इसके बाद उन्होंने स्थानीय एजेंसी के अधिकारियों से संपर्क किया। बाद में सिल्वर कलर की कार की बुकिंग के लिए गुरु प्रसाद ने 13-5-2013 को 4000 रुपये दिए। जब वह डिलीवरी लेने के लिए शोरुम पहुंचे तो वहां पर सफेद कलर की कार मिली। जब उन्होंने एतराज किया तो कंपनी ने 3000 रुपये कम करने की बात कही।
15 मई 2013 को गुरु प्रसाद ने कंपनी के डीएससी नंदेश शर्मा को गाड़ी के लिए नगद 1,25,000 रुपये और महिन्द्रा फाइनेंस बैंक की एडवांस किस्त 9500 रुपये दे दी। इसके बाद भी एजेंसी की ओर से नकद छूट व सोने का सिक्का नहीं दिया गया। गुरु प्रसाद ने उपभोक्ता फोरम की शरण ली।
फोरम ने मामले में सुनवाई करते हुए माना कि एसबी कार की ओर से पीड़ित से कार की प्रारंभिक कीमत से लगभग 65,325 रुपये ज्यादा लिए गए हैं। फोरम ने कहा कि एसबी कार की ओर से अनुचित व्यापार पद्धति अपनाई गई।
अध्यक्ष मातांबर सिंह व सदस्यों चंचल जैन, अशोक कुमार यादव ने एसबी कार को निर्देश दिए कि वह गुरु प्रसाद को 65,325 रुपये के साथ ही 5000 रुपये मानसिक कष्ट के लिए क्षतिपूर्ति व 2500 रुपये वाद व्यय के दें।