{"_id":"5f7dc6678ebc3e9b9d117d17","slug":"civic-unnao-news-knp5869779182","type":"story","status":"publish","title_hn":"मंदिर के जीर्णोद्धार की अनुमति मांगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मंदिर के जीर्णोद्धार की अनुमति मांगी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सफ ीपुर। एसडीएम से कनहऊ गांव में मंदिर के जीर्णोद्धार की अनुमति मांगी है। इस मंदिर को खजाना तलाश करने के प्रयास में मलबे में तब्दील कर दिया गया था।
तहसील क्षेत्र के गांव कन्हऊ में लगभग एक माह पहले मिनी सचिवालय के निर्माण के लिए खोदी जा रही नींव से 17 चांदी व 237 तांबे के सिक्के मिले थे। इसके बाद मंदिर के नीचे संपत्ति गढ़ी होने का कयास लगाकर शुक्रवार देर शाम दो सौ वर्ष पुराने भगवान राम के मंदिर की दीवारों को जेसीबी से ढहा कर चार मीटर नीचे तक खुदाई कराकर छुपे खजाने की तलाश की गई थी। मंदिर के अस्तित्व को समाप्त होता देख ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी को फोन पर जानकारी दी पर कोई लिखित शिकायतीपत्र नहीं सौंपा। हालांकि मौखिक जानकारी पर ही एसडीएम द्वारा जांच कर दोषी के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
अभी जांच में दोषी की पहचान नहीं हुई है। वहीं संचालक ने बचाव का मार्ग तलाश कर मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए एसडीएम से अनुमति की मांग की। एसडीएम राजेंद्र कुमार ने बताया कि गांव वालों से तहरीर न मिल पाने के कारण आरोपी की स्पष्ट पहचान नहीं की जा सकी है। मंदिर जीर्णोद्धार की अनुमति तब तक नहीं दी जा सकती जब तक खजाने की तलाश करने वाले की पहचान कर कार्रवाई नहीं हो जाती। वहीं जीर्णोद्धार के संबंध में ग्राम प्रधान व गांव वालों के संज्ञान में देकर अनुमति दी जा सकेगी।
विज्ञापन
तहसील क्षेत्र के गांव कन्हऊ में लगभग एक माह पहले मिनी सचिवालय के निर्माण के लिए खोदी जा रही नींव से 17 चांदी व 237 तांबे के सिक्के मिले थे। इसके बाद मंदिर के नीचे संपत्ति गढ़ी होने का कयास लगाकर शुक्रवार देर शाम दो सौ वर्ष पुराने भगवान राम के मंदिर की दीवारों को जेसीबी से ढहा कर चार मीटर नीचे तक खुदाई कराकर छुपे खजाने की तलाश की गई थी। मंदिर के अस्तित्व को समाप्त होता देख ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी को फोन पर जानकारी दी पर कोई लिखित शिकायतीपत्र नहीं सौंपा। हालांकि मौखिक जानकारी पर ही एसडीएम द्वारा जांच कर दोषी के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
अभी जांच में दोषी की पहचान नहीं हुई है। वहीं संचालक ने बचाव का मार्ग तलाश कर मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए एसडीएम से अनुमति की मांग की। एसडीएम राजेंद्र कुमार ने बताया कि गांव वालों से तहरीर न मिल पाने के कारण आरोपी की स्पष्ट पहचान नहीं की जा सकी है। मंदिर जीर्णोद्धार की अनुमति तब तक नहीं दी जा सकती जब तक खजाने की तलाश करने वाले की पहचान कर कार्रवाई नहीं हो जाती। वहीं जीर्णोद्धार के संबंध में ग्राम प्रधान व गांव वालों के संज्ञान में देकर अनुमति दी जा सकेगी।
विज्ञापन