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मारपीट में घायल वृद्ध की मौत के बाद हंगामा
ब्यूरो/अमर उजाला, उन्नाव
Updated Sun, 14 Jun 2015 12:19 AM IST
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असोहा/मौरावां। तीन दिन पहले मारपीट में घायल वृद्ध की लखनऊ ट्रामासेंटर में इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजन शव लेकर घर आए और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने का प्रयास किया तो परिजन और ग्रामीण हंगामा करने लगे। परिजन छह दिन पहले हुई मारपीट की रिपोर्ट दर्ज न करने को लेकर पुलिस से नाराज हैं।
उनका आरोप है अगर पुलिस पहले ही कार्रवाई करती तो दोबारा मारपीट की घटना न होती। दो पक्षों में तनाव को देखते हुए कई थानों की फोर्स मौके पर पहुंची। पुलिस और पब्लिक के बीच काफी देर तक तनातनी चली इसके बाद सीओ ने निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन दिया तब जाकर परिजन शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने को तैयार हुए। तनाव को देखते हुए गांव में पुलिस और पीएसी को तैनात कर दिया गया है।
मौरावां थानाक्षेत्र के बरदहा गांव निवासी रज्जन और वंशराज के परिवारों के बीच सोमवार को घर के पास लगे हैंडपंप पर पानी भरने को लेकर विवाद हो गया था। दोनों पक्षों में मारपीट भी हुई थी। वंशराज ने इसकी शिकायत मौरावां थाने में की मगर हलका इंचार्ज ने कोई कार्रवाई नहीं की।
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इसके बाद गुरुवार को दोनों पक्षों के बीच फिर मारपीट हुई। मारपीट में हमलावरों ने वंशबहादुर उसकी पत्नी चंदा, बेटी काजल परिवार के ही रामलाल (65), रामलाल की पत्नी शांती, बेटा प्रमोद, परिवार का ही विनोद और उसकी पत्नी राजवती घायल हो गई थीं। सभी को पुलिस ने स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया जहां से रामलाल को गंभीर हालत में जिला अस्पताल और बाद में ट्रामासेंटर रेफर कर दिया गया।
ट्रामासेंटर में इलाज के दौरान शुक्रवार शाम को रामलाल की मौत हो गई। परिजन शव लेकर घर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराने को कहा तो परिजन आक्रोशित हो गए। पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। गांव में गुटबंदी की भनक लगते ही कई थानों की फोर्स गांव पहुंची। मृतक के परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए कहा कि अगर सोमवार को हुई मारपीट के बाद पुलिस ने हमलावरों के खिलाफ कार्रवाई की होती तो गुरुवार को दोबारा मारपीट की नौबत ही न बनती। काफी समझाने के बाद परिजनों ने शव को पोस्टमार्टम के लिए जाने दिया। मृतक के बेटे प्रमोद की तहरीर पर पुलिस ने सात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
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उनका आरोप है अगर पुलिस पहले ही कार्रवाई करती तो दोबारा मारपीट की घटना न होती। दो पक्षों में तनाव को देखते हुए कई थानों की फोर्स मौके पर पहुंची। पुलिस और पब्लिक के बीच काफी देर तक तनातनी चली इसके बाद सीओ ने निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन दिया तब जाकर परिजन शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने को तैयार हुए। तनाव को देखते हुए गांव में पुलिस और पीएसी को तैनात कर दिया गया है।
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मौरावां थानाक्षेत्र के बरदहा गांव निवासी रज्जन और वंशराज के परिवारों के बीच सोमवार को घर के पास लगे हैंडपंप पर पानी भरने को लेकर विवाद हो गया था। दोनों पक्षों में मारपीट भी हुई थी। वंशराज ने इसकी शिकायत मौरावां थाने में की मगर हलका इंचार्ज ने कोई कार्रवाई नहीं की।
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इसके बाद गुरुवार को दोनों पक्षों के बीच फिर मारपीट हुई। मारपीट में हमलावरों ने वंशबहादुर उसकी पत्नी चंदा, बेटी काजल परिवार के ही रामलाल (65), रामलाल की पत्नी शांती, बेटा प्रमोद, परिवार का ही विनोद और उसकी पत्नी राजवती घायल हो गई थीं। सभी को पुलिस ने स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया जहां से रामलाल को गंभीर हालत में जिला अस्पताल और बाद में ट्रामासेंटर रेफर कर दिया गया।
ट्रामासेंटर में इलाज के दौरान शुक्रवार शाम को रामलाल की मौत हो गई। परिजन शव लेकर घर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराने को कहा तो परिजन आक्रोशित हो गए। पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। गांव में गुटबंदी की भनक लगते ही कई थानों की फोर्स गांव पहुंची। मृतक के परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए कहा कि अगर सोमवार को हुई मारपीट के बाद पुलिस ने हमलावरों के खिलाफ कार्रवाई की होती तो गुरुवार को दोबारा मारपीट की नौबत ही न बनती। काफी समझाने के बाद परिजनों ने शव को पोस्टमार्टम के लिए जाने दिया। मृतक के बेटे प्रमोद की तहरीर पर पुलिस ने सात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।