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Unnao News: गुरुकुल में सांस्कृतिक और किताबी शिक्षा दे रहे आचार्य योगेश
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बेहटा मुजावर। तमोरिया बुजुर्ग (नौशाहरा) गांव में बच्चों को किताबी ज्ञान के साथ सांस्कृतिक और धार्मिक शिक्षा मिले इसके लिए गुरुकुल खोला गया है। यहां छात्रों को सनातन धर्म के तौर तरीके सिखाए जाते हैं और धार्मिक ग्रंथों के साथ ही किताबें भी पढ़ाई जाती हैं।
तमोरिया बुजुर्ग गांव निवासी योगेश शुक्ला ने संस्कृति और आधुनिकता का संगम करते हुए गांव में (राष्ट्रोत्थान गुरुकुलम) नाम से गुरुकुल का संचालन किया है। बांगरमऊ तहसील क्षेत्र के इस गुरुकुल की शुरुआत 11 बालकों से हुई है। छात्र शिखा रखते हैं और पीले वस्त्र पहनकर शिक्षा ग्रहण करते हैं। सुबह पढ़ाई की शुरुआत वेदमंत्रों से शुरू होती है और किताबी ज्ञान के साथ संपन्न होती है।
संचालक योगेश शुक्ला बीएससी केमेस्ट्री और मैथमेटिक्स से पढ़ाई करने के साथ तीन साल यूपीएससी की तैयारी भी की। उन्होंने बताया कि गुरुकुल चलाने की विधा उन्होंने अपने दादा जी से सीखी और गुरुकुल में जाकर ज्ञान भी लिया। अब अपने जिले में इसका संचालन किया है।
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ताकि इस आधुनिक दौर में युवा पीढ़ी अपने धर्म को पहचाने। यहां किताबी ज्ञान के साथ गुरुकुल का वातावरण इसे अन्य शिक्षण संस्थानों से अलग बनाता है। महर्षि संदीपनी शिक्षा बोर्ड (केंद्र सरकार) से मान्यता लली है। गुरुकुल के छात्र पूरे देश के सभी यूनिवर्सिटी और कॉलेज में दाखिला लेने में समर्थ होंगे।
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तमोरिया बुजुर्ग गांव निवासी योगेश शुक्ला ने संस्कृति और आधुनिकता का संगम करते हुए गांव में (राष्ट्रोत्थान गुरुकुलम) नाम से गुरुकुल का संचालन किया है। बांगरमऊ तहसील क्षेत्र के इस गुरुकुल की शुरुआत 11 बालकों से हुई है। छात्र शिखा रखते हैं और पीले वस्त्र पहनकर शिक्षा ग्रहण करते हैं। सुबह पढ़ाई की शुरुआत वेदमंत्रों से शुरू होती है और किताबी ज्ञान के साथ संपन्न होती है।
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संचालक योगेश शुक्ला बीएससी केमेस्ट्री और मैथमेटिक्स से पढ़ाई करने के साथ तीन साल यूपीएससी की तैयारी भी की। उन्होंने बताया कि गुरुकुल चलाने की विधा उन्होंने अपने दादा जी से सीखी और गुरुकुल में जाकर ज्ञान भी लिया। अब अपने जिले में इसका संचालन किया है।
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ताकि इस आधुनिक दौर में युवा पीढ़ी अपने धर्म को पहचाने। यहां किताबी ज्ञान के साथ गुरुकुल का वातावरण इसे अन्य शिक्षण संस्थानों से अलग बनाता है। महर्षि संदीपनी शिक्षा बोर्ड (केंद्र सरकार) से मान्यता लली है। गुरुकुल के छात्र पूरे देश के सभी यूनिवर्सिटी और कॉलेज में दाखिला लेने में समर्थ होंगे।