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शिकायतों का भंडार, कार्रवाई का इंतजार
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उन्नाव। जिलास्तर से लेकर ब्लॉकस्तर पर विकास कार्यों में घोटाले की शिकायतों की भरमार है। कई शिकायतें रद्दी की टोकरी में पहुंच गई हैं। सालों से शिकायतें लंबित हैं। लेकिन इनका निस्तारण नहीं हो पा रहा। पंचायतीराज विभाग में 57 शिकायतें 2017 से जांच के इंतजार में लंबित पड़ी हैं। शिकायतकर्ता जिला प्रशासन से लेकर शासनस्तर तक शिकायत पहुंचा चुके हैं लेकिन अबतक कार्रवाई नहीं हो पाई।
मालूम हो कि विकासखंड असोहा की ग्राम पंचायत पिपरी व शाहपुर में विकास कार्यों में अनियमितता की शिकायत ग्रामीणों ने 22 सितंबर 2017 को जिलाधिकारी से की थी। डीएम ने जांच के लिए दो सदस्यीय टीम गठित की थी। टीम में सहायक अभियंता लघु सिंचाई व अवर अभियंता आरईडी असोहा को शामिल किया गया था। अधिकारियों को पंचायतीराज विभाग ने तीन अनुश्रवण भेजे लेकिन अबतक जांच शुरू नहीं हो पाई।
औरास ब्लॉक की ग्राम पंचायत जवन, टिकराबाव व बयारीगांव में विकास कार्यों में सरकारी धन के दुरुपयोग की शिकायत ग्रामीणों ने 23 सितंबर 2017 को ही डीएम से की थी। विकास कार्यों में अनियमितता व घालमेल का आरोप था। मामले की जांच जिला समाज कल्याण अधिकारी व अवर अभियंता आरईडी औरास को दी गई लेकिन दोनों ही अधिकारियों ने शिकायतों को रद्दी की टोकरी में फेंक दिया। पंचायतीराज विभाग ने पहला रिमाइंडर 20 जून 2019, दूसरा 22 अगस्त 19 और तीसरा 20 फरवरी 2020 को भेजा लेकिन कार्रवाई शून्य है।
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मुख्य विकास अधिकारी डा. राजेश कुमार प्रजापति ने कहा कि जो भी शिकायतें आती हैं उनका तुरंत निस्तारण कराया जाता है। शिकायतों की जांच के लिए संबंधित ब्लॉकों को भेज दिया जाता है। जो भी अधिकारी इसे तवज्जों नहीं दे रहे हैं यह नहीं चलेगा। लंबित शिकायतों की जानकारी करके संबंधित को कार्रवाई के लिए आदेशित किया जाएगा।
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मालूम हो कि विकासखंड असोहा की ग्राम पंचायत पिपरी व शाहपुर में विकास कार्यों में अनियमितता की शिकायत ग्रामीणों ने 22 सितंबर 2017 को जिलाधिकारी से की थी। डीएम ने जांच के लिए दो सदस्यीय टीम गठित की थी। टीम में सहायक अभियंता लघु सिंचाई व अवर अभियंता आरईडी असोहा को शामिल किया गया था। अधिकारियों को पंचायतीराज विभाग ने तीन अनुश्रवण भेजे लेकिन अबतक जांच शुरू नहीं हो पाई।
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औरास ब्लॉक की ग्राम पंचायत जवन, टिकराबाव व बयारीगांव में विकास कार्यों में सरकारी धन के दुरुपयोग की शिकायत ग्रामीणों ने 23 सितंबर 2017 को ही डीएम से की थी। विकास कार्यों में अनियमितता व घालमेल का आरोप था। मामले की जांच जिला समाज कल्याण अधिकारी व अवर अभियंता आरईडी औरास को दी गई लेकिन दोनों ही अधिकारियों ने शिकायतों को रद्दी की टोकरी में फेंक दिया। पंचायतीराज विभाग ने पहला रिमाइंडर 20 जून 2019, दूसरा 22 अगस्त 19 और तीसरा 20 फरवरी 2020 को भेजा लेकिन कार्रवाई शून्य है।
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मुख्य विकास अधिकारी डा. राजेश कुमार प्रजापति ने कहा कि जो भी शिकायतें आती हैं उनका तुरंत निस्तारण कराया जाता है। शिकायतों की जांच के लिए संबंधित ब्लॉकों को भेज दिया जाता है। जो भी अधिकारी इसे तवज्जों नहीं दे रहे हैं यह नहीं चलेगा। लंबित शिकायतों की जानकारी करके संबंधित को कार्रवाई के लिए आदेशित किया जाएगा।