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दवाई एक बार खिलाई, इंट्री चार बार की
Unnao
Updated Wed, 08 Oct 2014 05:32 AM IST
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नवाबगंज। सोहरामऊ प्राथमिक विद्यालय में एक बच्चे को डी-वार्मिंग व आयरन की दवा तो केवल एक बार खिलाई गई, लेकिन इंट्री चार बार की गई। मामले की खुलासा उस समय हुआ जब राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य मिशन की केन्द्रीय टीम ने विद्यालय पहुंचकर जांच पड़ताल की। इसके अलावा बच्चों के हेल्थ कार्ड में अक्टूबर माह की पूरी इंट्री मिली जबकि माह के केवल सात दिन ही बीते हैं।
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य मिशन के तहत स्कूली बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाता है। इसके लिए जिले में 32 टीमें गठित की गई हैं। नियम है कि बच्चों को सप्ताह में एक बार आयरन और छह माह में एक बार डी वार्मिंग की गोली दी जानी चाहिए। मंगलवार को मिशन की महाप्रबन्धक अरुणा नारायण के नेतृत्व में टीम स्कूल पहुंची। जांच पड़ताल में पता चला कि एक बच्चे को माह में केवल एक बार ही दवा खिलाई गई, लेकिन इसकी इंट्री चार बार की गई। वहीं कुछ बच्चों के हेल्थकार्ड में अक्टूबर माह की पूरी इंट्री पाई गई जबकि अभी तक अक्टूबर का एक सप्ताह ही बीता है। महाप्रबन्धक ने इसे गंभीरता से लेते हुए रिपोर्ट मिशन निदेशक को भेजने की बात कही है।
इंसेट-1
सीएचसी प्रभारी को जारी होगा चेतावनी पत्र
सोहरामऊ स्कूल से निकलने के बाद टीम सीधे नवाबगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पहुंची। महाप्रबन्धक ने सीएचसी का औषधि वितरण कक्ष देखा। यहां पर गंदगी के बीच दवाएं रखी मिलीं। साथ ही उपकरण भी इधर-उधर फैले पाए गए। महाप्रबन्धक ने बताया कि मिशन निदेशक से बात करके सीएचसी के चिकित्सा प्रभारी को चेतावनी पत्र दिलाया जाएगा। उधर, स्वास्थ्य केन्द्र प्रभारी ने व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के लिए 10 दिन का समय मांगा।
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राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य मिशन के तहत स्कूली बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाता है। इसके लिए जिले में 32 टीमें गठित की गई हैं। नियम है कि बच्चों को सप्ताह में एक बार आयरन और छह माह में एक बार डी वार्मिंग की गोली दी जानी चाहिए। मंगलवार को मिशन की महाप्रबन्धक अरुणा नारायण के नेतृत्व में टीम स्कूल पहुंची। जांच पड़ताल में पता चला कि एक बच्चे को माह में केवल एक बार ही दवा खिलाई गई, लेकिन इसकी इंट्री चार बार की गई। वहीं कुछ बच्चों के हेल्थकार्ड में अक्टूबर माह की पूरी इंट्री पाई गई जबकि अभी तक अक्टूबर का एक सप्ताह ही बीता है। महाप्रबन्धक ने इसे गंभीरता से लेते हुए रिपोर्ट मिशन निदेशक को भेजने की बात कही है।
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सीएचसी प्रभारी को जारी होगा चेतावनी पत्र
सोहरामऊ स्कूल से निकलने के बाद टीम सीधे नवाबगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पहुंची। महाप्रबन्धक ने सीएचसी का औषधि वितरण कक्ष देखा। यहां पर गंदगी के बीच दवाएं रखी मिलीं। साथ ही उपकरण भी इधर-उधर फैले पाए गए। महाप्रबन्धक ने बताया कि मिशन निदेशक से बात करके सीएचसी के चिकित्सा प्रभारी को चेतावनी पत्र दिलाया जाएगा। उधर, स्वास्थ्य केन्द्र प्रभारी ने व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के लिए 10 दिन का समय मांगा।
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